15/04/2026
गोंडा में साफ आदेश: गरीब जनता से नहीं, दोषी सचिव-प्रधान से होगी रिकवरी 🚨
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सख्त तेवर दिखाते हुए सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और लापरवाही पर कड़ा संदेश दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य, पंचायती राज, विकास और अन्य विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम जनता और सरकारी व्यवस्था पर पड़ने वाला है। ⚠️
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन ग्राम पंचायत सचिवों ने अपात्र लाभार्थियों को भुगतान किया है, उनसे धनराशि की रिकवरी की जाएगी। यानी सरकारी पैसा अब गलत तरीके से खर्च करने वालों से ही वापस लिया जाएगा। 💰
सबसे बड़ी और राहत देने वाली बात यह है कि अगर किसी गरीब परिवार को अधिकारियों या प्रधान की सिफारिश पर आवास मिला है और उसने खुद कोई गलत जानकारी नहीं दी, तो उससे पैसा वापस नहीं लिया जाएगा।
लेकिन अगर जांच में यह साबित होता है कि किसी सचिव, प्रधान या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति ने नियमों का उल्लंघन किया, तो रिकवरी उन्हीं लोगों से की जाएगी। ✔️
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन गांवों में आवास योजना के लाभार्थियों का सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हुआ है, वहां संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया जाएगा। इससे साफ संदेश दिया गया है कि अब लापरवाही पर सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सीधी कार्रवाई होगी। ⛔
छपिया ब्लॉक में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मनु लाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा रही है। 📋
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में भी सख्ती दिखाई गई। कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अधीक्षकों के रात्रि निवास न करने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और वरिष्ठ अधिकारियों को रैंडम चेकिंग कर फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 🏥
इसके साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया गया है। अब CHO की ऑनलाइन लाइव लोकेशन के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 10 बजे और दोपहर 3 बजे उपस्थिति की निगरानी की जाएगी। 📍
आंगनबाड़ी और आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण करने और मृतक कार्डधारकों की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाकर पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। 🪪
विकास कार्यों में रुचि न लेने वाले ग्राम प्रधानों पर भी सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया है कि जिन ग्राम पंचायतों के प्रधान विकास कार्यों में सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 (1) जी के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। ⚖️
मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान भी पारदर्शिता पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्षवार यह जानकारी तैयार की जाए कि कितनी आईडी पर कोई मस्टर रोल जारी नहीं हुआ है और कितनी आईडी पर शत-प्रतिशत भुगतान हो चुका है। इससे योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। 📑
इस पूरी बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का साफ संदेश है — अब सरकारी योजनाओं में लापरवाही या गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जाएगी।