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समाजवादी पार्टी विधायक इंद्रजीत सरोज ने कौशांबी में बूथ स्तरीय सम्मेलन में कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बन...
21/09/2026

समाजवादी पार्टी विधायक इंद्रजीत सरोज ने कौशांबी में बूथ स्तरीय सम्मेलन में कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद हमें कोई मंत्री बनने से कोई रोक पाएगा क्या? बताइए, जब हम बुरे दिनों के साथी रहे हैं तो बड़े मंत्री हम भी बनेंगे। काम करेंगे। कल आपको नौकरी देंगे। रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे। इस जिले का विकास होगा। विधायक ने बालू खनन को लेकर कहा कि जेसीबी वाले, डंपर वाले तैयार रहें, खूब खनन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता मजबूत रहेगा, तब हम भी मजबूत रहेंगे। इसी से तो काम होगा, वरना काम कैसे होगा? इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज इस समय कौशांबी से सपा विधायक हैं।

भारत की आयात पर सख्ती के चलते नेपाल को नुकसान उठाना पड़ा है। दिल्ली के सेफगार्ड ड्यूटी (सुरक्षा शुल्क) लगाने से पिछले वि...
21/09/2026

भारत की आयात पर सख्ती के चलते नेपाल को नुकसान उठाना पड़ा है। दिल्ली के सेफगार्ड ड्यूटी (सुरक्षा शुल्क) लगाने से पिछले वित्त वर्ष में नेपाल के स्टील निर्यात में 62.43 प्रतिशत की गिरावट आई। नेपाल ने पिछले वित्त वर्ष में 6.14 अरब रुपए के लोहे और स्टील का निर्यात किया, जबकि उससे पिछले साल यह आंकड़ा 16.35 अरब था। इस गिरावट का मतलब है कि एक साल में नेपाल को निर्यात से होने वाली कमाई में 10 अरब रुपए का नुकसान हुआ है। इसका देश के सरकारी राजस्व और रोजगार पर सीधा असर पड़ा है।

द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते दिल्ली में हुई नेपाल-भारत इंटर-गवर्नमेंटल सब-कमेटी ऑन ट्रेड, ट्रांजिट एंड कोऑपरेशन टू कॉम्बैट अनऑथराइज्ड ट्रेड (व्यापार और अनधिकृत व्यापार सहयोग पर नेपाल-भारत अंतर सरकारी उपसमिति) की बैठक में नेपाल ने भारत से जूट और स्टील उत्पादों के निर्यात में आ रही बाधाओं को दूर करने का विशेष अनुरोध किया है।

गोंडा के कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक नए कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। बाबा रामदेव के पतंजलि फूड्स लि...
16/09/2026

गोंडा के कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक नए कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। बाबा रामदेव के पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। पतंजलि का दावा है कि पूर्व सांसद ने कंपनी के घी की गुणवत्‍ता पर सवाल उठाते हुए उसे नकली बताया था।

वर्ष 2022 में भी बृजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक मंच से पतंजलि घी को नकली बताते हुए लोगों से घर में गाय या भैंस पालने की अपील की थी। उस समय भी बृजभूषण सिंह और बाबा रामदेव के बीच विवाद सामने आया था। इस मामले की सुनवाई मध्‍य प्रदेश हाई कोर्ट में चल रही है। सुनवाई के दौरान पतंजलि के वकील विक्रम मालवीय ने कहा कि पूर्व सांसद के इस बयान से कंपनी के ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचा है। शेयर मूल्‍य पर असर पड़ा और कंपनी को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
दरअसल, पतंजलि फूड्स की वेबसाइट पर पता विजय नगर, इंदौर का दर्ज है। इसलिए मानहानि का मामला इंदौर में दायर किया गया है। पहले मामले की सुनवाई जिला अदालत में हुई। ट्रायल चरण के बाद मामला हाई कोर्ट पहुंच गया। सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस जारी हुए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में जमीन पर अवैध कब्जे, रंगदारी मांगने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में को...
12/09/2026

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में जमीन पर अवैध कब्जे, रंगदारी मांगने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने गुरुवार को सुमन्त कुमार यादव उर्फ गोरेलाल (38) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अलीपुर मोड़ के पास से पकड़ा।

गोरेलाल हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो के बाद सुर्खियों में आया था। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि पकड़े गया आरोपी गोरेलाल के खिलाफ वर्ष 2019 से 2026 के बीच अलग-अलग थानों में 6 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, करौंदिया निवासी घनश्याम सोनकर ने 31 अगस्त को गोरेलाल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के बाद 8 सितंबर को बीएनएस की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि गोरेलाल ने पीड़ित की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया था और कब्जा छोड़ने के बदले रंगदारी की मांग की। पैसे देने से मना करने पर आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

12/09/2026

राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने अपने पद से दिया इस्तीफा

*थाना पचपेड़वा पर नियुक्त प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान तत्काल प्रभाव से हुए निलंबित*माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, ...
11/09/2026

*थाना पचपेड़वा पर नियुक्त प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान तत्काल प्रभाव से हुए निलंबित*

माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, खण्डपीठ लखनऊ में योजित रिट याचिका के संबंध में माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में प्रकरण की जांच *अपर पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर* द्वारा की गई।

जांच के दौरान थाना पचपेड़वा पर नियुक्त प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान द्वारा की गई कार्यवाही में लापरवाही एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।

जांच आख्या के आधार पर पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा आज दिनांक 11.09.2026 को प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जनपद में लापरवाही, भ्रष्टाचार एवं अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के नगीना से आजाद समाज पार्टी सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की परेशानी बढ़ने वाली है। डॉ. रोहिणी ...
11/09/2026

उत्तर प्रदेश के नगीना से आजाद समाज पार्टी सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की परेशानी बढ़ने वाली है। डॉ. रोहिणी घावरी ने स्विट्जरलैंड से दिल्ली पहुंचते ही उन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के साथ उनकी कानूनी लड़ाई चल रही है। इस मामले में कोर्ट में तारीख पड़ रही है। हमें अगली तारीख का इंतजार है। इसमें हम अपने पक्ष को मजबूती के साथ रखेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि चंद्रशेखर आजाद जेल जाएंगे। उन्हें जेल जाने से कोई नहीं रोक सकता। वह व्यक्ति जरूर जेल जाएगा। रोहिणी घावरी के बयान पर चर्चा शुरू हो गई है। साथ ही, उन्होंने सफाई कर्मचारियों के लिए काम करने की बात कही है। स्विट्जरलैंड में पढ़ाई पूरी कर 6 साल बाद दिल्ली लौटने के बाद उन्होंने वाल्मीकि मंदिर पहुंच कर आशीर्वाद लिया। वहां दक्ष चौधरी और अक्कू पंडित ने उनका स्वागत किया।

रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने चंद्रशेखर के खुद को अंबेडकरवादी कहने पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कोई भी अंबेडकरवादी न्यायप्रिय होगा। महिलाओं के सम्मान की बात करेगा। उन्होंने मेरे साथ क्या किया। अगर वह अंबेडकरवादी हैं तो मेरे साथ अन्याय क्यों किया? अगर वह न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहा होता तो किसी के साथ अन्याय नहीं करता।

दिल्ली में पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए वाहन-जनित आईईडी (VBIED) विस्फोट मामले में एनआईए की चार्जशीट से बड़ा...
10/09/2026

दिल्ली में पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए वाहन-जनित आईईडी (VBIED) विस्फोट मामले में एनआईए की चार्जशीट से बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस हमले का पहला मुख्य निशाना चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक लाल मंदिर था। हालांकि, भारी ट्रैफिक और इलाके में सुरक्षा बलों की सख्त मौजूदगी के कारण हमलावर अपने शुरुआती प्लान में कामयाब नहीं हो सका और उसे हमले की जगह बदलनी पड़ी।

एनआईए की जांच के अनुसार, विस्फोट से करीब 13 मिनट पहले संदिग्ध हमलावर उमर-उन-नबी ने आई-20 कार को लाल मंदिर के पास पार्क करने की कोशिश की थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि शाम 6:37 बजे कार को लाल मंदिर के पास देखा गया। पार्किंग में असफल रहने के बाद उसने यू-टर्न लिया और लाल किले के गेट नंबर 4 की ओर बढ़ गया। इसके करीब 13 मिनट बाद, शाम 6:50 बजे कार में रखे विस्फोटक में धमाका हुआ।

एनआईए के आरोपपत्र में इस हमले की साजिश, योजना और उससे जुड़े आतंकी नेटवर्क का भी विस्तृत ब्योरा दर्ज है। जांच एजेंसी के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण हमलावर को ऐन वक्त पर अपना ठिकाना बदलना पड़ा। इस विस्फोट में 11 लोगों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की बात चार्जशीट में कही गई है। साथ ही, आसपास की संपत्तियों को करीब 17.7 लाख रुपये का नुकसान होने का भी उल्लेख है।

एनआईए ने उमर-उन-नबी को अंसार गजवात-उल-हिंद के पुनर्जीवित आतंकी मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज बताया है। एजेंसी के अनुसार, वह वर्ष 2022 की शुरुआत से निष्क्रिय पड़े आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने और देश में आतंकी हमलों की साजिश को आगे बढ़ाने में जुटा था। चार्जशीट में इस पूरे नेटवर्क और हमले की योजना से जुड़े कई पहलुओं का विवरण दिया गया है।

इस खुलासे से यह सामने आया है कि लाल किले के पास हुआ धमाका हमलावरों की शुरुआती योजना का हिस्सा नहीं था, बल्कि सुरक्षा और भारी यातायात के कारण उन्हें अपनी योजना में बदलाव करना पड़ा था। एनआईए की जांच अब इस आतंकी साजिश से जुड़े नेटवर्क, उसकी गतिविधियों और अन्य आरोपियों की भूमिका पर भी केंद्रित है।

भवाली के कैंची धाम क्षेत्र के होटल व होमस्टे ऑफ सीजन में भी मुनाफे में हैं जबकि पर्यटक यहां की महंगाई से बेहाल हैं। राज्...
10/09/2026

भवाली के कैंची धाम क्षेत्र के होटल व होमस्टे ऑफ सीजन में भी मुनाफे में हैं जबकि पर्यटक यहां की महंगाई से बेहाल हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर हुए सर्वे में शटल सेवा से व्यवसायियों को हुए नुकसान समेत कई तथ्य सामने आए हैं। मुख्य सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुकेश सिंह नेगी ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

सुप्रसिद्ध कैंची धाम में रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से कैंची क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। बाबा के धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के मद्देनजर कुछ समय पूर्व कैंची धाम की भार वहन क्षमता के साथ ही पंजीकरण व्यवस्था लागू करने का सर्वे पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में होटल व होम स्टे का सर्वे कार्य भी पूरा कर लिया गया है।

चिह्नित पचास होटल व होम स्टे में पंजीकरण की स्थिति, एसी व नॉन-एसी की उपलब्धता, बेड की संख्या, आय-व्यय का ब्योरा तथा यात्रियों के संख्यात्मक विवरण का डाटा एकत्र किया गया। इसके अलावा भोजन, वाहन, चिकित्सा, इंटरनेट, मनी एक्सचेंज, रोजगार की स्थिति और कर्मचारियों के वेतन भुगतान का आंकड़ा भी जुटाया गया है। आर्थिक और वहन क्षमता के इस सर्वे में कई अहम जानकारियां सामने आईं। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव एक मुख्य समस्या के रूप में उभरा जिसे यात्रियों व स्थानीय लोगों ने भी उठाया है।

सर्वे में सामने आया कि वेतन और किराये के आंकड़ों के अनुसार, होम स्टे के कर्मचारियों को औसतन दस से पंद्रह हजार तथा होटल कर्मचारियों को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। होम स्टे में कमरों का किराया लगभग एक से तीन हजार और होटलों में दो से सात हजार रुपये तक है।

उत्तराखंड के मनोरम दृश्यों के बीच स्थित 'कैंची धाम' एक ऐसा आध्यात्मिक केंद्र है, जहां लोगों की गहरी आस्था बसती है।साल 19...
09/09/2026

उत्तराखंड के मनोरम दृश्यों के बीच स्थित 'कैंची धाम' एक ऐसा आध्यात्मिक केंद्र है, जहां लोगों की गहरी आस्था बसती है।

साल 1942 की बात है। पूर्णानंद तिवारी नैनीताल की अदालत से एक मुकदमे के कागजात लेकर अपने गांव कैंची लौट रहे थे। कोई वाहन न मिलने की वजह से वे पैदल ही निकल पड़े। रास्ते में 'खुफिया डांड' नाम की एक जगह आई, जिसे भूतों का इलाका माना जाता था।

वहां पुलिया पर एक विशालकाय व्यक्ति कंबल ओढ़े लेटा था। तिवारी जी उसे देखकर बुरी तरह घबरा गए। हालांकि, तभी उस अजनबी ने उन्हें उनके नाम से पुकारा और पैदल चलने का कारण पूछा। डर दूर हुआ और उन्होंने उस संत के चरण स्पर्श किए। संत ने कहा कि बेफिक्र होकर आगे जाओ, रास्ते में मदद के लिए एक ट्रक मिल जाएगा। जब तिवारी जी ने पूछा कि उनके दोबारा दर्शन कब होंगे, तो संत का जवाब था- "पूरे बीस साल बाद! अब जाओ।"

ठीक दो दशक बाद, 25 मई 1962 को एक अद्भुत संयोग बना। बाबा नीम करोली महाराज, श्री तुलाराम साह और श्री सिद्धि मां के साथ रानीखेत से नैनीताल लौट रहे थे। उन्होंने अपनी गाड़ी कैंची गांव में रुकवाई और पूर्णानंद तिवारी को बुलवाया। बातचीत के दौरान तिवारी जी को तुरंत याद आ गया कि यह वही संत हैं जिनसे वे उस डरावनी रात में मिले थे। हालांकि, बाबा नीम करोली महाराज बिल्कुल अनजान बने रहे और कैंची गांव के बारे में पूछने लगे।

क्षिप्रा नदी के दूसरी तरफ एक घना जंगल था। यह वही जगह थी जहां कभी महान संत सोमवारी बाबा तपस्या करते थे और उनकी एक यज्ञशाला भी थी। बाद में प्रेमी बाबा का भी वहां निवास रहा। जानकारी के मुताबिक, महाराज जी अपने दल के साथ नदी पार करके उस जंगल में पहुंचे और एक शिला पर बैठ गए। उनके वहां बैठते ही मौजूदा कैंची धाम पवित्र हो गया और इसकी नींव पड़ गई।

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