Ajay Kumar

Ajay Kumar Mission Chemical free World with Darjuv9

यदि आप वैद्यनाथ च्यवनप्राश खरीद रहे हैं, जिसमें “47 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों” का भव्य दावा किया जाता है, तो यह जानकारी आप...
01/12/2025

यदि आप वैद्यनाथ च्यवनप्राश खरीद रहे हैं, जिसमें “47 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों” का भव्य दावा किया जाता है, तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है:

प्रति 100 ग्राम च्यवनप्राश में
शक्कर (चीनी): 68.571 ग्राम (यानी लगभग 69%)
आंवला पल्प: 22.821 ग्राम (लगभग 23%)

बचा हुआ मात्र 8.608 ग्राम (यानी सिर्फ 8.6%) हिस्सा ही शेष 45 जड़ी-बूटियों के लिए बचता है, अगली बार जब विज्ञापन में “47 जड़ी-बूटियों का अनमोल खजाना” सुनें, तो याद रखिएगा – असल खजाना तो चीनी का है, जड़ी-बूटियाँ सिर्फ नाम की हैं। लगभग यही हाल हर ब्रान्ड के च्यवनप्राश की है।

30/11/2025

इस वीडियो को सभी लोगों को देखना चाहिए....

29/11/2025

बुरा नहीं हूं मैं मेरी भी अपनी कुछ कहानी है।
ये जो बदला बदला सा लगता हूं न । अपनो की ही मेहरबानी है ।। गैर तो गैर हैं गैरों से गिला क्या , पर अपने तो अपने हैं अपनों से मिला क्या

ये खबर पर्याप्त है समझने के लिए , जो पूछते है कि Mission Chemical Free जागरूकता अभियान की क्या जरूरत है ? आख़िर क्यों  D...
28/11/2025

ये खबर पर्याप्त है समझने के लिए , जो पूछते है कि Mission Chemical Free जागरूकता अभियान की क्या जरूरत है ? आख़िर क्यों Darjuv9 ने अपनी Product Bucket Affordable Harsh Chemical Free and Certified organic Based रखी है । आख़िर क्यों KYP (Know Your Products) की जरूरत है ? आख़िर क्यों जागरूकता सम्मेलन करके Responsible Business & Sustainable Practice की बात की जा रही है । हम आज समझ पाए , या कल ये तय हे क्योंकि Products में पाए जाने वाले हानिकारक रसायन , pestisides इनकी पहुंच गर्भस्थ नवजात ओर Mother Milk तक पहुंचता जा रहा है । क्या करने से क्या होगा ये तय है वर्तमान की उदासीनता या जागरूकता तय हमको करना है क्योंकि "मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी " है ।
Chemical Lab Based से Natural Lab Based की तरफ वापस आना ही होगा ।
Mission Chemical Free Wave Of Change💫

✅एक अध्ययन के अनुसार, गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं के खून में 109 तरह के रसायन पाए गए हैं, जिनमें से कई की पहले रिपोर्ट नहीं की गई थी। ये रसायन विभिन्न उपभोक्ता उत्पादों, जैसे कीटनाशकों, प्लास्टिसाइज़र और सौंदर्य प्रसाधनों में मौजूद होते हैं। इन रसायनों की पहचान और उनके प्रभावों पर और शोध की आवश्यकता है, क्योंकि कई रसायन प्लेसेंटा को पार कर सकते हैं और विकासशील भ्रूण को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या मिला: एक अध्ययन में गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं के रक्त के नमूनों में 109 विभिन्न रसायन पाए गए।
रसायनों के स्रोत: ये रसायन कीटनाशक, प्लास्टिसाइज़र और विभिन्न उपभोक्ता उत्पादों से आते हैं।
पहले रिपोर्ट नहीं किए गए: इनमें से कई रसायन पहले मनुष्यों में देखे नहीं गए थे।
जोखिम: कुछ रसायन प्लेसेंटा को पार करके गर्भनाल रक्त (cord blood) और अन्य ऊतकों में पाए जाते हैं, जिससे यह नवजात शिशुओं के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

26/11/2025

Letter from the Prime Minister on Constitution Day


प्रिय देशवासियों,

नमस्ते!

26 नवंबर हर भारतीय के लिए बहुत गौरवशाली दिन है। इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था। इसलिए एक दशक पहले, साल 2015 में NDA सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

हमारा संविधान एक ऐसा पवित्र दस्तावेज है, जो निरंतर देश के विकास का सच्चा मार्गदर्शक बना हुआ है। ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने मुझ जैसे गरीब परिवार से निकले साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचाया है। संविधान की वजह से मुझे 24 वर्षों से निरंतर सरकार के मुखिया के तौर पर काम करने का अवसर मिला है। मुझे याद है, साल 2014 में जब मैं पहली बार संसद भवन में प्रवेश कर रहा था, तो सीढ़ियों पर सिर झुकाकर मैंने लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को नमन किया। साल 2019 में जब चुनाव परिणाम के बाद मैं संसद के सेंट्रल हॉल में गया था, तो सहज ही मैंने संविधान को सिर माथे लगा लिया था।

संविधान दिवस पर हम डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद समेत उन सभी महान विभूतियों का स्मरण करते हैं, जिन्होंने भारत के संविधान के निर्माण में अपना अहम योगदान दिया है। डॉक्टर बाबासाहेब अम्बेडकर की भूमिका को भी हम सभी याद करते हैं, जिन्होंने असाधारण दूरदृष्टि के साथ इस प्रक्रिया का निरंतर मार्गदर्शन किया। संविधान सभा में कई प्रतिष्ठित महिला सदस्य भी थीं, जिन्होंने अपने प्रखर विचारों और दृष्टिकोण से हमारे संविधान को समृद्ध बनाया।

साल 2010 में जब संविधान के 60 वर्ष हुए थे, तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। हमने संविधान के प्रति कृतज्ञता और निष्ठा प्रकट करने के लिए एक प्रयास किया। 2010 के उस साल में गुजरात में ‘संविधान गौरव यात्रा’ निकाली गई थी। इस पवित्र ग्रंथ की प्रतिकृति को एक हाथी के ऊपर रखकर मैंने उस भव्य यात्रा की अगुवाई की थी।

जब संविधान के 75 वर्ष पूरे हुए, तो ये हमारी सरकार के लिए ऐतिहासिक अवसर बनकर आया। हमें देशभर में विशेष अभियान चलाने का सौभाग्य मिला। संविधान के 75 वर्ष होने पर हमारी सरकार ने संसद का विशेष सत्र आयोजित किया और राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान भी चलाया। ये अभियान जन-भागीदारी का बड़ा उत्सव बन गया।

इस वर्ष का संविधान दिवस कई कारणों से विशेष है:
यह वर्ष सरदार पटेल जी और भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती का है। सरदार पटेल जी के नेतृत्व और सूझबूझ ने देश का राजनीतिक एकीकरण सुनिश्चित किया। ये सरदार पटेल जी की ही प्रेरणा है जिसने हमारी सरकार को जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की दीवार गिराने के लिए प्रेरित किया। आर्टिकल 370 हटने के बाद वहां भारत का संविधान पूरी तरह लागू हो गया है और लोगों को संविधान प्रदत्त सभी अधिकार मिले हैं।

भगवान बिरसा मुंडा जी का जीवन आज भी हमें जनजातीय समुदाय के लिए न्याय, गरिमा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है। इस साल हम वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव भी मना रहे हैं। वंदे मातरम् हर दौर में प्रासंगिक रहा है। इसके शब्दों में हम भारतीयों के सामूहिक संकल्प की गूंज निरंतर सुनाई देती रही है। इस वर्ष हम श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350वें वर्ष को भी मना रहे हैं। उनका जीवन और शहादत की गाथा आज भी हमें प्रेरित करती है।

इन सभी का जीवन हमें उस कर्तव्य को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है, जिसे हमारे संविधान ने भी सबसे अहम बताया है। हमारे संविधान का आर्टिकल 51A मौलिक कर्तव्यों को समर्पित है। ये कर्तव्य हमें सामाजिक और आर्थिक प्रगति प्राप्त करने का रास्ता दिखाते हैं। महात्मा गांधी ने हमेशा नागरिकों के कर्तव्यों पर बल दिया था। वे मानते थे कि जब हम ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तो हमें अधिकार भी स्वत: मिल जाते हैं।

देखते ही देखते इस सदी के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। अब आने वाला समय हमारे लिए और भी महत्वपूर्ण है। साल 2047 तक आजादी के 100 वर्ष हो जाएंगे। साल 2049 में संविधान निर्माण के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। हम आज जो नीतियां बनाएंगे, जो निर्णय लेंगे, उसका प्रभाव आने वाले वर्षों पर...आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। हमारे सामने विकसित भारत का लक्ष्य है इसलिए हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखते हुए ही आगे बढ़ना है।

हमें राष्ट्र के प्रति, समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करना होगा। देश ने हमें कितना कुछ दिया है। इसके लिए हम सबके मन में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। जब हम इस भावना से जीवन जीते हैं, तो कर्तव्य अपने आप जीवन का स्वभाव बन जाता है। अपना कर्तव्य पूरा करने के लिए हमें अपने हर काम को पूरी क्षमता और पूरी निष्ठा से करने का प्रयास करना होगा। हमारा हर कार्य संविधान की शक्ति बढ़ाने वाला हो। हमारा हर कार्य देशहित से जुड़े उद्देश्यों को पूरा करने वाला हो। हमारे संविधान निर्माताओं ने जो सपने देखे थे, उन्हें पूरा करने का दायित्व हम सबका है। जब हम अपने काम को कर्तव्य की भावना के साथ करेंगे तो देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति कई गुना बढ़ जाएगी।

संविधान ने हमें मतदान का अधिकार दिया है। एक नागरिक के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि मतदान का कोई अवसर छोड़े नहीं। हमें 26 नवंबर को स्कूलों में, कॉलेजों में उन युवाओं के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित करने चाहिए, जो 18 वर्ष के हो रहे हैं। हमें उन्हें यह महसूस कराना चाहिए कि वे अब केवल छात्र या छात्रा नहीं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया के सक्रिय सहभागी हैं। स्कूलों में हर वर्ष 26 नवंबर को फर्स्ट-टाइम वोटर्स का सम्मान करने की परंपरा विकसित होनी चाहिए। जब हम इस तरह युवाओं में जिम्मेदारी और गर्व का भाव जगाएंगे, तो वे जीवनभर लोकतंत्र के मूल्यों के प्रति समर्पित रहेंगे। यही समर्पण एक सशक्त राष्ट्र की नींव बनता है।

आइए, इस संविधान दिवस पर हम अपने महान राष्ट्र के कर्तव्यनिष्ठ नागरिक के रूप में अपने दायित्वों का पालन करने का संकल्प दोहराएं। ऐसा करके ही हम विकसित और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अपना अहम योगदान दे सकेंगे।


आपका,
नरेन्द्र मोदी

महान अभिनेता धर्मेंद्र जी का निधन आज, 24 नवंबर 2025, सोमवार को 89 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित अपने आवास पर हुआ। वे कुछ स...
24/11/2025

महान अभिनेता धर्मेंद्र जी का निधन आज, 24 नवंबर 2025, सोमवार को 89 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित अपने आवास पर हुआ।
वे कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर पर ही स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे।

"मसाले सिर्फ स्वाद के लिए नहीं , स्वाद ओर सेहत दोनों के लिए होते है " 👍🏻  मसालों के औषधीय गुण के कारण इन्हें परिवार का स...
20/11/2025

"मसाले सिर्फ स्वाद के लिए नहीं , स्वाद ओर सेहत दोनों के लिए होते है " 👍🏻 मसालों के औषधीय गुण के कारण इन्हें परिवार का स्वास्थ्य सुरक्षा चक भी कहा गया है ।
ये कुछ खबर है लेकिन बेहद जरूरी , सीधे आपके परिवार की सेहत से जुड़ी (क्योंकि मसाले रोज उपयोग में लाए जाते है) ।। लेकिन Direct selling industry में Darjuv9 Direct seller के अतिरिक्त किसी ने भी इनकी #जागरूकता का #प्रयास पूरी ताकत से social media के माध्यम से नहीं किया , ओर किया भी तो Top to Bottom नहीं किया । इसके 2 ही कारण हो सकते है कि ✅खुद के द्वारा recommended Products (मसालों )पे यकीन नहीं या फिर ✅Profit ही bottom line है । जो भी हो लेकिन विचारणीय है ।।
जो बात Jitender Dagar ji ने 5 वर्ष पूर्व कही थी या Darjuv9 India से जुड़े लोगों ने अपनी पोस्ट में बताई की किसी भी प्रोडक्ट का Front उसकी मार्केटिंग है, उसके backside Label पे क्या ingredients, % of Ingredients लिखे है , क्या Marka बना है वो उस product का Truth है, जागरुक ( ) बनिए , क्यों #जैविक_भारत की जरूरत है , आज वहीं बात लगभग उन्हीं शब्दों में सबसे ऊपर सबसे पहले समाचार पत्र में निकली है ।

" किसी उत्पाद के जैविक होने का दावा किया जा रहा है तो क्या इसे जैविक भारत लोगो से मंजूरी मिली है ।" (बहुत simple है , google करिए How To check organic Products in india )

जो सो रहा हो उसे जगाया जा सकता है परंतु जो सोने का नाटक कर रहा हो उसे नहीं । आज पढ़े लिखे लोगों को "KYP" के बारे में बताना पड़ रहा है कि पढ़ें आपके प्रोडक्ट में "क्या" है और "कितना" है यह पढ़ लें ।

यदि आप अभी भी प्रतीक्षा कर रहे हैं की कोई आएगा और बताएगा तो विश्वास कीजिए आपको आवश्यकता है विवेक चक्षुओं को खोलने की । क्योंकि " मेरा परिवार , मेरी जिम्मेदारी"🙏

Think Certified organic, Think DaMaulik
More info connect with Us
Switch To Chemical Free Products From Chemical Based Products






Narendra Singh Pradeep Shakya Sachin Kumar Tyagi Ashok Kumar Srivastav Ds Pandey Ritika Rathore Pravin Mohite Ved Sahu Pawan Sahu Gaurav Bhatia. Lokesh Choudhary Dipankar Pal Abhra Chaudhuri Vijender Singh Anand Ashish Kumar Anjali Kotnala Ankush Meena Diamond Solanki Gaurav Chauhan Saurabh Jana

यह एक महज खबर है , या एक Alarm, एक जागरूकता ।। मसाले औषधि है , या पहुंचा सकते है हानि ?  इन मसालों का नियमित उपयोग हर घर...
13/11/2025

यह एक महज खबर है , या एक Alarm, एक जागरूकता ।। मसाले औषधि है , या पहुंचा सकते है हानि ? इन मसालों का नियमित उपयोग हर घर में होता , जागरूकता ही समाधान है ।। यदि आप एक direct seller है तो जिम्मेदारी ओर बढ़ जाती है ।
सबसे बड़ी बात , अपने Business को लेकर पेशेवर होना अच्छी बात है लेकिन इतना भी पेशेवर नहीं हो जाना चाहिए कि ये भी भूल जाएं कि क्या products परिवार के लिए खरीदना है और साथ ही क्या लोगो को recommend करना है ।। #भारतवर्ष में पिछले 7 वर्षों से #लैड एवं अन्य #पेस्टिसाइड रहित ,Non GMO Best Organic मसाले जैसे कि Haldi जो कि minimum 5% #करक्यूमिन Labe Tested के साथ है देने वाली #एकमात्र direct selling company है, जिसका ब्रांड है ।।
स्वाद भी , सेहत भी


Jitender Dagar Narendra Singh Pradeep Shakya Sachin Kumar Tyagi Ashok Kumar Srivastav Ds Pandey

साइकिल से डिटर्जेंट बेचने से लेकर अरबपति बनने तक का सफर: कारसनभाई पटेल की अरबपति बनने की कहानी: जिस व्यक्ति ने ‘निरमा’ क...
09/11/2025

साइकिल से डिटर्जेंट बेचने से लेकर अरबपति बनने तक का सफर: कारसनभाई पटेल की अरबपति बनने की कहानी: जिस व्यक्ति ने ‘निरमा’ को घर-घर तक पहुँचाया
कारसनभाई पटेल की कहानी मेहनत, नवाचार और अटूट उद्यमशीलता की मिसाल है। 1945 में गुजरात के रूपपुर गाँव में एक साधारण परिवार में जन्मे पटेल ने भारत के डिटर्जेंट उद्योग को नई दिशा दी। उन्होंने रसायन विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और अहमदाबाद के न्यू कॉटन मिल्स व बाद में गुजरात जियोलॉजी और माइनिंग विभाग में नौकरी की। स्थायी सरकारी नौकरी होने के बावजूद, उनका सपना कुछ बड़ा करने का था।
1969 में उन्होंने अपने घर के पिछले हिस्से में मात्र ₹15,000 के छोटे कर्ज से सस्ता डिटर्जेंट बनाना शुरू किया और खुद साइकिल पर बैठकर “निरमा” के पैकेट बेचे। उस समय महंगे डिटर्जेंट आम लोगों की पहुंच से बाहर थे, इसलिए ₹13 प्रति किलो का “निरमा” तुरंत लोकप्रिय हो गया। बढ़ती मांग के चलते पटेल ने छोटा कारखाना किराए पर लिया और बाद में साबुन व अन्य उत्पादों तक विस्तार किया।
“निरमा” नाम उन्होंने अपनी दिवंगत बेटी निरूपमा के नाम पर रखा और उसकी तस्वीर ब्रांड के विज्ञापनों में शामिल की। आज निरमा लिमिटेड में 18,000 से अधिक कर्मचारी हैं और इसका वार्षिक राजस्व ₹7,000 करोड़ से भी ज्यादा है, जबकि पूरे निरमा समूह का टर्नओवर ₹23,000 करोड़ से अधिक है। 2023 तक कारसनभाई पटेल की संपत्ति लगभग 4 अरब डॉलर आँकी गई।
साइकिल से शुरुआत कर अरबपति बनने तक का उनका सफर सच्ची प्रेरणा है।

      "....यह प्राकृतिक नहीं , लैब में विकसित रसायन होते है , यह  पाचन तंत्र, लीवर , किडनी, हृदय इम्युनिटी को नुकसान पहु...
04/11/2025


"....यह प्राकृतिक नहीं , लैब में विकसित रसायन होते है , यह पाचन तंत्र, लीवर , किडनी, हृदय इम्युनिटी को नुकसान पहुंचाते है ". News paper

ये समझना बहुत जरूरी है कि , हम जो भी प्रोडक्ट्स use या reccomenend कर रहे है कही उनमें Lab based Harsh Chemicals तो नहीं ?? , wellness products जो खाने के है उनमें preservative के नाम पे कही harsh chemicals तो नहीं जैसे कि parabens, ।।
इसलिए प्रोडक्ट का लेबल जरूर चेक करे कि , products में
Natural ingredients का percentage कितना है ✅
Harsh Chemicals न हो ✅

मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी।।

Congratulations All of you dear ❤️💕 Mission chemical free ko parmot karte karte apne health and wealth ke sath paryavarn...
01/11/2025

Congratulations All of you dear ❤️💕
Mission chemical free ko parmot karte karte apne health and wealth ke sath paryavarn ko bhi Shuddh kar rhe hai

Mumbai Team Achiever Darjuv9 enterprises Pvt Ltd Mission chemical free Congratulations 🎉🎉
01/11/2025

Mumbai Team Achiever Darjuv9 enterprises Pvt Ltd Mission chemical free
Congratulations 🎉🎉

Address

Lucknow
272153

Telephone

+916307202440

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ajay Kumar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Ajay Kumar:

Share

Category