29/05/2026
🚨 न्याय की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर 🚨
जनपद सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों से संबंधित गंभीर प्रकरण में संगठन द्वारा लगातार ज्ञापन, शिकायतें एवं संवैधानिक माध्यमों से न्याय की मांग की जाती रही है। इसके बावजूद यदि जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौन बने रहते हैं और निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही सुनिश्चित नहीं करते, तो यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
बहुजन अधिकार सेना स्पष्ट करना चाहती है कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता के पक्ष में है।
यदि जिला प्रशासन सुल्तानपुर अब भी जनभावनाओं, शिकायतों और लोकतांत्रिक मांगों की अनदेखी करता है, तो संगठन द्वारा लिया गया यह निर्णय केवल सुल्तानपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में प्रशासनिक जवाबदेही और न्याय की मांग को लेकर एक व्यापक जनचेतना का रूप ले सकता है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि जिला प्रशासन अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए और जनता के विश्वास को मजबूत करे। लगातार उठ रही आवाजों को अनसुना करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माना जा सकता।
✊ बहुजन अधिकार सेना का प्रत्येक सिपाही न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार जी के साथ मजबूती से खड़ा है।
📜 न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है। 📜 संविधान सर्वोपरि है, जवाबदेही अनिवार्य है।
जय भीम! जय संविधान!
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