11/12/2025
यहाँ भारत पर 2014 से अब तक (2025 तक) कुल सार्वजनिक कर्ज/ऋण (Government Debt) का सबसे भरोसेमंद व उपलब्ध डेटा संक्षेप में (मुख्यतः भारत सरकार और विश्वसनीय स्रोतों के हिसाब से):
📌 1) 2014 में भारत का कुल कर्ज
2014 में भारत सरकार का कुल कर्ज लगभग ₹55 लाख करोड़ के आसपास था। (इसका डेटा कुछ रिपोर्टों में दशक के हिसाब से बताया गया है)
📌 2) अब (2024–25 / 2025) में भारत का कुल कर्ज
31 मार्च 2024 तक भारत (केन्द्रीय) सरकार का कुल कर्ज करीब ₹171.78 लाख करोड़ था।
इसके साथ ही अनुमान है कि FY25 (2024-25 में) यह बढ़कर लगभग ₹185 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है।
📌 3) ऋण का अनुपात (Debt-to-GDP Ratio)
यह दर्शाता है कि कर्ज देश की अर्थव्यवस्था (GDP) के मुकाबले कितना है:
वर्ष Debt-to-GDP (सरकारी ऋण / जीडीपी)
2014 लगभग 66.6%
2024 लगभग 81.3–81.9%
2025 (अनुमान) लगभग 81% के आसपास
> इसका मतलब हुआ कि कुल ऋण न केवल रुपये में बढ़ा है, बल्कि GDP के अनुपात में भी बड़ा है।
📊 सारांश — 2014 से 2025 तक
2014 में: ~₹55 लाख करोड़ कर्ज।
2024/25 में: ~₹172–185 लाख करोड़ कर्ज।
मतलब करीब 3 गुना से ज़्यादा वृद्धि (रुपये के हिसाब से) पिछले 11 साल में।
कुल कर्ज का देश की GDP के अनुपात में भी लगभग 66.6% से बढ़कर ~81% हो चुका है।
🔎 ध्यान देने योग्य बातें
✔️ यह “सरकारी ऋण” है — इसमें केंद्र सरकार + सार्वजनिक कर्ज़ शामिल होता है।
✔️ “कुल सार्वजनिक ऋण” में केंद्र और राज्य दोनों का कर्ज़ होता है, जो अलग-अलग स्रोतों में थोड़ा अलग दिखता है।
✔️ “विदेशी कर्ज़” या “World Bank loans” आदि अलग कैटेगरी में आते हैं।