17/10/2026
इंग्लैंड के अस्पतालों से सामने आई जानकारी से पता चला है कि लोगों के रेक्टम (गुदा, मलाशय) ऑपरेशन में बीयर की बोतलों से लेकर फल और सब्जियां तक निकाली गई हैं। प्रेस एसोसिएशन ने देशभर के अस्पताल ट्रस्टों को 100 से ज्यादा फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन (FOI) अनुरोध भेजे थे। इनमें 2022 के बाद से ऑपरेशन और अर्जेंट केयर विभागों से गुदा में फंसी उन चीजों के बारे में जानकारी मांगी गई थी, जो डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिए बाहर निकालीं।
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के अस्पतालों से सामने आई जानकारी में पता चला कि लोगों के गुदा से हजारों बाहरी चीजें निकाली गईं। इनमें वेप्स, लेगो ब्रिक्स, टीवी रिमोट जैसी चीजें निकाली गईं। बर्मिंघम क्षेत्र के अस्पतालों में ऐसी घटनाएं सामने आईं, जहां लोगों के शरीर से फोन और कोट हैंगर जैसी चीजें निकाली गईं। दक्षिण लंदन के लेविशम और ग्रीनविच के अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ को मरीजों के गुदा से गुब्बारों में भरी लेगो ब्रिक्स, बीयर और शैम्पू की बोतलें, टूथब्रश और दरवाजें का हैंडल निकालना पड़ा। बर्कशायर के अस्पतालों में लोगों के शरीर से नर्फ बुलेट, उबला हुआ अंडा, कोक का कैन, आलू, डिओडोरेंट की बोतल और टॉयलेट ब्रश का हैंडल निकाला गया। खाने-पीने की चीजों में खीरा, तोरी , अंगूर और सेब शामिल थे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि गुदा से निकाली गई चीजों में टीवी रिमोट, बच्चों के खिलौने, कॉकटेल स्टिरर और बैंक कार्ड जैसी चीजें शामिल हैं, जिन्हें निकालने के लिए डॉक्टर की मदद लेनी पड़ी। इस सूची में धातु के पेंच, चिमटी, रेजर ब्लेड, बुनाई की सलाई, चाकू, पेपर क्लिप और पेचकस शामिल थे। इसके अलावा, स्नो ग्लोब, पेड़ की टहनी, मोमबत्ती, किंडर एग, पार्सनिप और वॉलपेपर खुरचने वाला औजार निकाला गया। प्रेस एसोसिएशन के विश्लेषण किए गए डेटा से पता चला है कि सिर्फ 2022 में 1,500 से ज्यादा लोग गुदा में बाहरी चीज फंसने की समस्या लेकर आपातकालीन विभाग पहुंचे थे। उत्तर-पश्चिम लंदन के नॉर्थविक पार्क अस्पताल में कंसल्टेंट क्रिस नॉर्डस्ट्रॉम ने बताया कि इस तरह की घटनाएं जब होती हैं तो हमारी प्राथमिकता मरीज को सुरक्षित, संवेदनशील और बिना किसी पूर्वाग्रह के इलाज देना होता है।
नॉर्डस्ट्रॉम ने कहा कि हम हमेशा यही सलाह देते हैं कि अगर किसी को ऐसी समस्या हो तो वह तुरंत मेडिकल मदद ले ताकि और ज्यादा चोट लगने का खतरा ना रहे। FOI अनुरोध प्राप्त करने वाले 106 अस्पताल ट्रस्टों में से केवल 11 ने चीजों की विस्तृत सूची के साथ जवाब दिया। बाकी अस्पतालों ने या तो जानकारी ना होने की बात कही या फिर इसे निकालने में आने वाले खर्च का हवाला देते हुए जानकारी देने से छूट मांगी।