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महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के साथ हुए खौफनाक सुलूक ने देश में जम्हूरियत (लोकतंत्र) और प्रेस की आज़ादी पर एक बड़ी बहस ...
12/09/2026

महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के साथ हुए खौफनाक सुलूक ने देश में जम्हूरियत (लोकतंत्र) और प्रेस की आज़ादी पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने पर दिव्या को जिस तरह बीजेपी कार्यकर्ताओं ने घेरकर बुलडोजर की धमकी दी, उस पर सोशल मीडिया यूजर नरगिस बानो ने हुकूमत पर तीखा हमला बोला है।

​नरगिस बानो ने एक बहुत बड़ा और जायज सवाल उठाया कि आखिर पीएम मोदी और बीजेपी के मुख्यमंत्री मीडिया के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से क्यों घबराते हैं? उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति भी खुलेआम कड़े सवालात का जवाब देते हैं, लेकिन हमारे यहां सवालों को दबाया जाता है। इसी खौफ और दबाव की वजह से दुनिया में हमारी पत्रकारिता का मयार (स्तर) लगातार गिर रहा है।

​नरगिस ने साफ लफ्जों में कहा कि जम्हूरियत की खूबसूरती गलत के खिलाफ आवाज उठाने और हुक्मरानों से सवाल पूछने में है। अगर मुल्क में यह बुनियादी आजादी ही छीन ली जाए, तो वह देश लोकतांत्रिक नहीं बल्कि तानाशाह कहलाता है।

कांग्रेस मीडिया सेल ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा विपक्षी घर में मछली खाए तो सनातन खतरे में,भाजपा का CM मंदिर में खाए तो...
12/09/2026

कांग्रेस मीडिया सेल ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा विपक्षी घर में मछली खाए तो सनातन खतरे में,
भाजपा का CM मंदिर में खाए तो परंपरा।

सियासत में खाने-पीने को लेकर अपनाए जाने वाले दोहरे रवैये पर वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ने बीजेपी (BJP) पर तीखा हमला बोला ...
12/09/2026

सियासत में खाने-पीने को लेकर अपनाए जाने वाले दोहरे रवैये पर वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ने बीजेपी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने याद दिलाया कि जब राहुल गांधी ने लालू यादव के घर मटन बनाना सीखा था, या तेजस्वी यादव ने हेलिकॉप्टर में मछली खाई थी, तो भाजपाइयों ने आसमान सिर पर उठा लिया था और उनका धर्म खतरे में आ गया था।

​कृष्ण कांत ने तंज कसते हुए पूछा कि अब जब बीजेपी का अपना ही नेता मंदिर में बैठकर मछली खा रहा है, तो क्या इससे उनका धर्म मजबूत हो रहा है? उन्होंने इस पाखंड की पोल खोलते हुए कहा कि देश की 70 फीसद अवाम गोश्तखोर (मांसाहारी) है। आम लोग जो खुद खाते हैं, वही अपने देवता को भी चढ़ाते हैं।

​उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि धर्म के नाम पर दुकान चलाने वाले पाखंडी और सियासी व्यापारी सिर्फ अपने फायदे के लिए इन गैर-जरूरी मुद्दों को तूल देते हैं, ताकि समाज को आपस में लड़ाया जा सके।

तारिक अनवर ने बीजेपी नेताओं के काम करने के तरीके और प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बेहद करारा और तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ज...
12/09/2026

तारिक अनवर ने बीजेपी नेताओं के काम करने के तरीके और प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बेहद करारा और तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में सिर्फ "मन की बात" थोपने की रवायत हो, वहां हुक्मरानों का प्रेस कॉन्फ्रेंस करना ही बहुत बड़ी बात है, ऐसे में पत्रकारों का सवालात पूछना और जवाब की उम्मीद रखना बिल्कुल बेमानी है।

​बिहार के एक सीनियर सहाफी (पत्रकार) का हवाला देते हुए तारिक अनवर ने तंज कसा कि बीजेपी की प्रेस वार्ता में जाइए, जलपान कीजिए और अपनी मन की बात सुनकर चुपचाप वापस आ जाइए। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल करने पर पत्रकार शाहीन और नफीसा के साथ पुलिस द्वारा की गई बर्बरता और जुल्म की भी याद दिलाई।

​तारिक अनवर ने इस जम्हूरियत (लोकतंत्र) पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये कैसे चुने हुए नुमाइंदे हैं जो अवाम की सुनने के बजाय सिर्फ अपनी सुनाते हैं। इसे सिर्फ 'वन-वे कम्युनिकेशन' कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल आज के हुक्मरान अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए कर रहे हैं।

जम्हूरियत (लोकतंत्र) में हुक्मरानों से सवाल पूछना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन यूपी में एक निडर पत्रकार के साथ हुई ज्यादती न...
12/09/2026

जम्हूरियत (लोकतंत्र) में हुक्मरानों से सवाल पूछना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन यूपी में एक निडर पत्रकार के साथ हुई ज्यादती ने सबको झकझोर दिया है। वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को दिए इंटरव्यू में महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव ने रो-रोकर जो अपना दर्द बयां किया है, वह वाकई बेहद विचलित करने वाला है।

​दिव्या का सिर्फ इतना कसूर था कि उन्होंने मुख्यमंत्री से एक सवाल पूछ लिया। इसके बदले में उन्हें बीजेपी दफ्तर में घेरकर बुरी तरह धमकाया गया और घर पर बुलडोजर चलवाने का खौफ दिखाया गया। हद तो तब हो गई जब दबाव में आकर न्यूज़ चैनल ने भी उन्हें नौकरी से निकाल दिया।

​इजहार-ए-राय (बोलने की आजादी) और महिला सुरक्षा के दावों के बीच, एक पत्रकार को इस तरह जहनी (मानसिक) तौर पर प्रताड़ित करना निहायत ही शर्मनाक है। दिव्या ने कोई जुर्म नहीं किया, बल्कि अपना फर्ज निभाया है। अब हर तरफ से यह पुरजोर मांग उठ रही है कि इस मुश्किल घड़ी में अवाम दिव्या का साथ दे और उन्हें धमकाने वाले दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने की वजह से नौकरी से निकाली गईं निडर पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के समर्थन में अब आम जनता ...
12/09/2026

सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने की वजह से नौकरी से निकाली गईं निडर पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के समर्थन में अब आम जनता खुलकर सामने आ गई है। दिव्या ने महज 2 दिन पहले ही न्यूज़ चैनल ज्वाइन किया था, लेकिन हुकूमत के दबाव में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

​इस जुल्म के खिलाफ 'एक्स' (ट्विटर) पर एक यूजर ने दिव्या का हौसला बढ़ाते हुए दो बेहद अहम सलाह दी हैं। पहली यह कि उस न्यूज़ चैनल का नाम अवाम के सामने बेनकाब किया जाए, ताकि लोगों को पता चले कि मेनस्ट्रीम मीडिया किस तरह सरकार की गुलामी कर रहा है।

​दूसरी सलाह यह दी गई है कि वो किसी के दबाव में आए बिना अपना खुद का यूट्यूब चैनल बनाएं और फ्रीलांस पत्रकारिता शुरू करें। अवाम ने यह साफ कर दिया है कि आज असली पत्रकारिता डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही हो रही है। लोगों ने दिव्या को पैगाम दिया है कि सोशल मीडिया को अपनी ताकत बनाएं और "डरें मत, अवाम पूरी मजबूती से आपके साथ खड़ी है।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिना सवालों के जवाब दिए प्रेस कॉन्फ्रेंस से चले जाने के मामले ने अब सियासी...
12/09/2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिना सवालों के जवाब दिए प्रेस कॉन्फ्रेंस से चले जाने के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। इस वाकये पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने हुकूमत पर करारा और तीखा तंज कसा है।

​अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा कि जब पत्रकारों को सवाल पूछने का हक ही नहीं है, तो सरकार को 'प्रेस वार्ता' का नाम बदलकर 'प्रेस एकालाप' (सिर्फ अपनी बात कहना) कर देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जवाब ही नहीं देना था तो सबका वक्त क्यों बर्बाद किया? इससे बेहतर था कि सिर्फ एक प्रेस रिलीज भेजकर काम चला लिया जाता।

​पूर्व सीएम ने सरकार को घेरते हुए कहा कि हकीकत यह है कि यूपी में अवाम और पत्रकारों के पास सवालों की भरमार है, लेकिन सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। अखिलेश ने साफ कहा कि सवालों से इस तरह मुंह मोड़ कर जाना मैदान छोड़कर भागने के बराबर है। उन्होंने इल्जाम लगाया कि यह सरकार शासन में पक्षपात करती है और प्रेस वार्ता में भी सिर्फ अपनी एकतरफा बात थोपती है।

उत्तर प्रदेश में प्रेस की आज़ादी पर एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्...
12/09/2026

उत्तर प्रदेश में प्रेस की आज़ादी पर एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेबाकी से सवाल पूछने वाली निडर महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव ने अब बेहद खौफनाक और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

​दिव्या श्रीवास्तव का आरोप है कि मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के फौरन बाद उन्हें बीजेपी दफ्तर में घेर लिया गया और बुरी तरह धमकाया गया। उन्हें खुलेआम धमकी दी गई कि उनके घर पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। इतना ही नहीं, दिव्या का कहना है कि उनके पीछे खुफिया विभाग (LIU) को लगा दिया गया है और हुकूमत के भारी दबाव के चलते उन्हें उनके न्यूज़ चैनल से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

​इस जुल्म और ज्यादती से खौफजदा दिव्या श्रीवास्तव ने कहा है कि वह इस वक्त बेहद डरी हुई हैं। एक पत्रकार को सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभाने और हुक्मरानों से सवाल पूछने की इतनी भारी कीमत चुकानी पड़े, तो यह हमारी जम्हूरियत (लोकतंत्र) की आवाज को कुचलने की एक बेहद खतरनाक कोशिश

पत्रकार साक्षी जोशी के कैमरे पर मोहम्मद आदिल नाम के एक मुस्लिम नौजवान ने देश के मौजूदा हालात और मुसलमानों के खौफ को बेहद...
12/09/2026

पत्रकार साक्षी जोशी के कैमरे पर मोहम्मद आदिल नाम के एक मुस्लिम नौजवान ने देश के मौजूदा हालात और मुसलमानों के खौफ को बेहद बेबाकी से बयां किया है। आदिल ने दर्द भरे लहजे में कहा कि आज आम मुसलमान बोलने से डरता है, क्योंकि हक की आवाज उठाने पर फौरन एफआईआर दर्ज कर दी जाती है और उनके घरों को टारगेट किया जाता है।

​आदिल ने तीखा सवाल उठाया कि क्या एपीजे अब्दुल कलाम और अशफाक उल्ला खान ने इस देश के लिए कुर्बानियां नहीं दीं? आज सियासत में इतनी नफरत घोल दी गई है कि एक आम मुसलमान को यह तक नहीं पता होता कि वो सफर से सही-सलामत अपने घर लौट पाएगा या नहीं।

​इसके साथ ही, आदिल ने तालीमी इदारे 'जौहर यूनिवर्सिटी' को सिर्फ मुस्लिम नाम होने की वजह से निशाना बनाने पर भी सख्त एतराज जताया। अपनी जान की परवाह किए बिना आदिल ने नफरत की इस राजनीति पर करारी चोट की है और जम्हूरियत में मुसलमानों के हालात का आइना दुनिया के सामने रख दिया है।

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ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन की दिल्ली आमद पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक बेहद शानदार और दमदार बयान दिया है...
12/09/2026

ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन की दिल्ली आमद पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक बेहद शानदार और दमदार बयान दिया है। राउत ने ईरानी राष्ट्रपति की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें एक 'बब्बर शेर' करार दिया है।

​संजय राउत ने बेबाकी से कहा कि चीन और अमेरिका के नेता तो सिर्फ व्यापारी हैं, लेकिन जिस तरह से ईरान ने पिछले छह महीनों में अमेरिका और इसराइल जैसी मगरूर ताकतों की आंखों में आंखें डालकर अपनी ताकत, स्वाभिमान और जज्बा दिखाया है, वह वाकई काबिले तारीफ है।

​इसके साथ ही यह भी चर्चा जोरों पर है कि डॉ. पेज़ेश्कियन सिर्फ एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक माहिर हार्ट सर्जन भी हैं, और उन्होंने अपनी बेहतरीन हिकमते-अमली से अमेरिका की भी माकूल 'सर्जरी' कर दी है। ईरान का यह कड़ा रुख और बेखौफ अंदाज इस बात का सुबूत है कि वह किसी भी जालिम ताकत के आगे झुकने वाला नहीं है।

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