07/05/2020
भारत में जब 500 कोरोना रोगी थे तब पूरा देश बन्द कर दिया गया,अब 40 हज़ार से अधिक रोगी हैं और सैंकड़ो मर चुके हैं तब देश खोला जा रहा है।लाखों मज़दूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए विशेष रेल सेवा शुरू की गई तो दूसरी और विदेशों से भी हज़ारों को लाने की तैयारी चल रही है,मस्जिद,मंदिर,गरुद्वारे,और चर्च बन्द हैं मगर दारू के ठेके खोल दिये गए ,दूसरी दुकानों को भी छूट दी जा रही है,लॉक डॉउन अब तमाशा बन कर रह गया,जिसको देखो सड़कों पर घूम रहा है।सरकार क्या चाहती है समझ से परे है।रोज़ नए केस सामने आ रहे हैं,फिर भी दारू के ठेकों पर लूट मची है,न लॉक डॉउन का असर न शोशल डिस्टनसिंग का
मैं आपको बताना चाहता हूँ हमारे देश में पुलिसकर्मियों ने डॉक्टरो ने सफाई कर्मचारियों ने मीडियाकर्मियों ने जिस तरह से पूरी महेनत लग्न और ईमानदारी से देश में कोरोना वायरस महामारी से जनता की सेवा की है और इस लॉक डाउन को कहि से भी ढीला नही होने दिया वो अलग बात है कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा जनता को इतना मारा पीटा गया में उसकी पूरी निदा करता हूँ लेकिन जिस तरह से 80%पुलिसकर्मियों द्वारा इमानदारी दिखाई गई है उसको भी नही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है में सल्यूट करता हु उन सभी हीरो का जिन्होंने देश की ख़ातिर जनता को बचाने के लिये इस खतरनाक कोरोना महामारी में अपनी जान दे दी और लॉक डाउन को पूरी तरह से बिखरने नही दिया सभी अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे थे इसी बीच हमारे देश की केन्द्र सरकार राज्य सरकारो ने एक ऐसा आदेश पारित कर दिया शराब बिक्री का जिसने लॉक डाउन की पूरी महेनत पर पानी फेर दिया सरकार को ये आदेश नही देना था लॉक डाउन का अब कोई पालन नही कर रहा है और शराब में डूबा हुआ आदमी या तो नशे से मर जायेगा या भुखमरी से नशे के बाद का खाना जब नही मिलेगा तो मरना ही है परेशान परिवार वाले ही होंगे सरकारे नही
धन्यवाद
मोहम्मद अरशद अली
राष्ट्रीय अध्यक्ष
यूनिटी जनर्लिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया
सम्पादकABL24न्यूज़