18/12/2013
बस में बदमाशों से जूझती रही युवती
नोएडा के सेक्टर-12/22 के पास बस में लैपटॉप छीन रहे बदमाशों से युवती काफी देर तक जूझती रही, लेकिन उनको पकड़ने के बजाए बस में सवार लोग तमाशबीन बने रहे।
आखिरकार बदमाश युवती से लैपटॉप छीनकर फरार हो गए। इतना ही नहीं पुलिस में शिकायत लिखवाने के लिए युवती थाने और चौकी के बीच चक्कर कटाती रही। मामला थाना सेक्टर-24 क्षेत्र का है।
यमुना विहार, दिल्ली निवासी विभूति शर्मा सेक्टर-16 स्थित एक कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। शनिवार शाम वह रजनीगंधा चौक से भजनपुरा जाने के लिए डीटीसी बस में सवार हुईं।
सेक्टर-12/22 के पास बस में सवार दो बदमाश उनसे लैपटॉप छीनने लगे। इस पर युवती ने उनसे लोहा लिया और मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन कोई सामने नहीं आया।
इतने में मौका पाकर बदमाश लैपटॉप छीनकर फरार हो गए। युवती ने बताया कि उसने चालक से बस रोकने के लिए कहा लेकिन उनसे कहा कि बदमाशों के पास हथियार होते हैं। यह कहते हुए चालक ने बस नहीं रोकी।
इसके बाद युवती शिकायत दर्ज करवाने के लिए चौकी पहुंची, जहां से उसे थाने में भेज दिया गया। थाने से युवती को वापस चौकी भेज दिया गया।
युवती ने बताया कि लैपटॉप में डाटा कार्ड था, जिसमें कंपनी के जरूरी रिकार्ड थे। चौकी प्रभारी सेक्टर-12/22 रविंद्र राठी ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया था।
घटनास्थल दूसरे थाना क्षेत्र का था इसलिए युवती को संबंधित पुलिस चौकी पर भेज दिया गया।
नहीं बदली तस्वीर
पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद भी न तो लोगों की मानसिकता बदली है न ही उनका व्यवहार। उस कांड के बाद बने सख्त कानून का भी डर बदमाशों को नहीं है। शनिवार को बस में सवार विभूति पांच मिनट तक बदमाशों से उलझी रही, लेकिन मौजूद लोगों में से कोई मदद को आगे नहीं आया।
छेड़छाड़ की वारदात होने पर पुलिस कंट्रोल रूम व पुलिस अधिकारियों को सूचना देने के लिए सभी बसो में पुलिस अधिकारियों के फोन नंबर की सूची चस्पा करने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन समय के साथ यह सूची भी गायब हो गई।
सब जगह प्रताड़ित होती हैं महिला
उम्मीद थी कि निर्भया कांड के बाद महिलाओं से संबधित अपराध कम होंगे लेकिन नोएडा में महिलाओं के साथ अपराध की घटनाओं में कमी के बजाए इजाफा ही हुआ है। हर दिन शहर की सड़कों पर कोई न कोई युवती बाइक सवार बदमाशों का शिकार हो रही है तो बसो में उनसे छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो रही हैं।
नौकरी पेशा व पढ़ने वाली युवतियां परिजनों के दबाव में पुलिस से शिकायत करने से बचती है। दिल्ली में नौकरी करने वाली वाई ब्लाक सेक्टर-12 की रहने वाली रीमा माथुर के मुताबिक उन्हें हर रोज बस में आते व जाते समय युवकों की फब्तियां, अश्लील इशारे और छेड़छाड़ के प्रयास का शिकार होना पड़ता है।
अगर विरोध करो तो मारपीट या गाली गलौच पर उतर आते है ऐसे में खामोश रहना ही ठीक है। पुलिस भी महिला होने का हवाला देते हुए बदमाशों से बचने की सलाह देती है।