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आस्था और अर्थव्यवस्था के नए अध्यायडॉ दिलीप अग्निहोत्री सुशासन से  लोककल्याण का संकल्प सिद्ध होता है। शासन से संबंधित प्र...
13/06/2026

आस्था और अर्थव्यवस्था के नए अध्याय

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

सुशासन से लोककल्याण का संकल्प सिद्ध होता है। शासन से संबंधित प्रत्येक संस्थानों का दायित्व है कि जनकांक्षाओं के अनुरूप जनकल्याण को क्रियान्वित करें। जन सूचना के माध्यम से भी यह कार्य किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में स्थापित सुशासन से ही समग्र विकास की यात्रा आगे बढ़ रही है। विकसित भारत अभियान में उत्तर प्रदेश अग्रणी बन कर उभरा है। प्रदेश सरकार ने लोक कल्याण की सर्वाधिक योजनाए बनाने के साथ उनका शतप्रतिशत क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया। विकास और लोककल्याण की अधिकांश योजनाओं के क्रियान्वयन में यूपी अव्वल है। इसमें आस्था और अर्थव्यवस्था का क्षेत्र भी शामिल है। आस्था और अर्थव्यवस्था ने नए अध्याय स्थापित हुए है। आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालय, हर घर गरीब परिवार को उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन, हर घर में एलईडी बल्ब के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में कमी के साथ-साथ सस्ती बिजली उपलब्ध कराने, आयुष्मान भारत योजना, हर घर नल योजना,मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि अनेक कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ा गया
है। खेलों इंडिया फिट इण्डिया मूवमेंट,सांसद खेल प्रतियोगिता अभियान से इस क्षेत्र भी नए रिकॉर्ड कायम हो रहे हैं।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वंदे भारत एवं नमो भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को व्यापक बना दिया है। यूपी को एक्सप्रेस वे प्रदेश
के रूप में स्थापित पहचान बना चुका है। स्मार्ट सिटी मिशन,आधुनिक हवाई अड्डों,मेट्रो परियोजनाओं, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा औद्योगिक कॉरिडोर के विकास ने निवेश, व्यापार,पर्यटन और औद्योगिक विकास भी यूपी की पहचान से जुड़ चुके हैं। विगत नौ वर्षों में के दौरान यूपी की अर्थव्यवस्था में तीन गुना वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। बेरोजगारी दर लगभग अठारह प से घटकर लगभग तीन प्रतिशत के स्तर पर आ गई है। उत्तर प्रदेश आज वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर है।

हिंदी पत्रकारिता के दो सौ सालडॉ दिलीप अग्निहोत्री लखनऊ। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण हुए। 30 मई 1826 को  कोलकाता...
23/05/2026

हिंदी पत्रकारिता के दो सौ साल

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

लखनऊ। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण हुए। 30 मई 1826 को कोलकाता से शुरू प. जुगल किशोर शुक्ल ने इसका प्रकाशन शुरू किया था। यह साप्ताहिक समाचार पत्र था। लेकिन वित्तीय संकट के कारण 4 दिसंबर 1827 को इसका बंद करना पड़ा। लेकिन भारत में देवर्षि नारद ने ही पत्रकारिता का प्रादुर्भाव किया था। उनके चौरासी सूत्र आधुनिक पत्रकारिता के संदर्भ में भी प्रासंगिक हैं। उनकी सभी बात आज की मीडिया पर न केवल लागू होती है, बल्कि उनपर अमल से मीडिया को आदर्श रूप दिया जा सकता है। मीडिया का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक के साथ अब सोशल मीडिया की भी बाढ़ है। लेकिन यह सब तभी तक सार्थक है, जब तक इनके सामाजिक सरोकार भी है। इसके निर्वाह के लिए भारतीय संस्कृति के प्रति आग्रह आवश्यक है। अपनी विरासत के प्रति आस्था ना रखने वाले पत्रकारों ने भारतीय संस्कृति की घोर अवहेलना की। उदारीकरण और वैश्वीकरण ने नया संकट पैदा किया है। ऐसे में राष्ट्रवादी पत्रकारिता के महत्व को बनाये रखने की चुनौती है। इसमें धीरे धीरे सफलता भी मिल रही है। पत्रकारिता को धर्म मानकर काम करने वाले ही सफल होते है। पत्रकारिता के क्षेत्र में आदर्श अपेक्षित हैं। उनके पालन से ही समाज व राष्ट्र का हित सुनिश्चित होता है। इन आदर्शों की अवहेलना नहीं होनी चाहिए। समाचार सम्प्रेषण में स्पष्टता व गुणवत्ता रहनी चाहिए। इससे प्रामाणिकता कायम होती है। साथ ही समाज का भी कल्याण होता है। उसी के आधार पर देश का लोकतंत्र स्वस्थ बना रहेगा। देश के लोकतंत्र का स्वस्थ बने रहना समग्र विकास के लिए आवश्यक शर्त है। समाज जागरूक होकर सही दिशा में चलता है तभी लोकतंत्र सफल होता है। आज ऐसी ही ध्येयवादी पत्रकारिता की आवश्यकता है। भारत तो सबके कल्याण की कामना करने वाला देश रहा है। पत्रकारिता में भी यही भाव होना चाहिए।

मध्य क्षेत्रीयपरिषद बैठक में विकसित यूपी का आकर्षणडॉ दिलीप अग्निहोत्री विकसित यूपी की चर्चा पूरे देश में है। बस्तर छत्ती...
22/05/2026

मध्य क्षेत्रीय
परिषद बैठक में विकसित यूपी का आकर्षण

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

विकसित यूपी की चर्चा पूरे देश में है।
बस्तर छत्तीसगढ़ में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की छब्बीसवीं बैठक में यह तथ्य दिखाई दिया। केंद्रीय गृहमंत्री और अनेक मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में विकसित उत्तर प्रदेश के प्रति आकर्षण दिखाई दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत नौ वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि
प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी निरन्तर बेहतर हो रही है। प्रत्येक जनपद मुख्यालय को फोर लेन तथा प्रत्येक तहसील व ब्लॉक को टू लेन कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जा रहा है। देश के एक्सप्रेस वे नेटवर्क का साठ प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। नगरीय स्थानीय निकायों का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नगर विकास विभाग द्वारा म्युनिसिपैलिटी मास्टर प्लान’ के लिए नियमों का प्रारूप तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने हर गरीब के आवास के सपने को साकार किया है। इस योजना में सर्वाधिक आवास उपलब्ध कराने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अन्तर्गत प्रदेश में करीब अठारह लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसके सापेक्ष छियानवे प्रतिशत आवास निर्माण हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अन्तर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों को आवास मुहैया कराने के लिए प्रदेश नौ वर्ष पूर्व अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी लागू की गई थी। अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप की करीब नब्बे परियोजनाओं द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए करीब पैसठ हजार आवास स्वीकृत किए गए।
जनपद व तहसील मुख्यालयों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुरूप बिजली की आपूर्ति की जा रही है। डिजिटल इण्डिया’ अभियान ने ई-गवर्नेन्स के माध्यम से शासकीय योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश ई-गवर्नेन्स के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश में नौ करोड़ से अधिक पात्र व्यक्ति इस योजना के दायरे में सम्मिलित हैं। पांच करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड सृजित किये जा चुके हैं।

त्रिकूट पर्वत पर भैरौंनाथ दर्शन का विधानडॉ दिलीप अग्निहोत्रीभारत के ऋषियों ने प्रकृति में भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव किया...
21/05/2026

त्रिकूट पर्वत पर
भैरौंनाथ दर्शन का विधान

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

भारत के ऋषियों ने प्रकृति में भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव किया। उसे भव्य मानते हुए प्रणाम किया। नवदुर्गा की उपासना का विधान है। वर्ष में दो बार नवरात्र मनाई जाती है। माता वैष्णो देवी की महिमा भी विख्यात है। वैष्णवी,त्रिकुटा और शेरावाली के नाम से भी इनका स्मरण किया जाता है। यह मंदिर जम्मू कश्मीर के रियासी ज़िले की कटरा तहसील में है। यहीं से धाम की यात्रा प्रारंभ होती है। माता का धाम ऊंची त्रिकूट पहाड़ी पर है। माता दुर्गा को समर्पित एक सौ आठ महा शक्ति पीठों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है। वैष्णो देवी को काली, सरस्वती और लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। यात्रा का पहला प्रमुख पड़ाव अर्धकुंवारी है। यहां देवी ने नौ महीने तपस्या की थी। इसे गर्भजून या गर्भ गुफा' कहा जाता है। अंतिम दर्शन मुख्य गुफा भवन में होते हैं। इसी स्थान पर माता वैष्णो देवी ने भैरौंनाथ का वध किया था। जिस स्थान पर भैरौं का शीश गिरा वह स्थान भैरौं का शीश गिरा वह स्थान भैरौंनाथ के मंदिर के नाम से विख्यात है। यह मंदिर माता वैष्णो देवी के भवन से करीब तीन किलोमीटर दूर है। श्रीधर की कुटिया को उनका मंदिर बनाया गया है। माता ने भैरौंनाथ का वध किया था। उनका शीश तीन किमी दूर। इसी को भैरौं घाटी कहतें हैं। अंतकाल में भैरौंनाथ भूल के लिए माता से क्षमा मांगी थी। तब माँ ने उन्हें वरदान दिया कि उनकी भी पूजा होगी और जन्म मृत्यु के चक्र से भैरौंनाथ को मुक्ति दिलाई माँ ने कहा था कि मेरे दर्शन तब तक पूरे नहीं होंगे जब तक कोई मेरे बाद तुम्हारे के दर्शन नहीं करेगा। वैष्णो देवी मंदिर में, वे तीन पिंडियों के रूप में स्वयं प्रकट हैं, जिन्हें देवी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का रूप माना जाता है।
उनकी पूजा एक तपस्वी शाकाहारी और कुमारी देवी के रूप में की जाती है। जो विष्णु से संबंधित हैं।

देशहित में प्रधानमंत्री की अपीलडॉ दिलीप अग्निहोत्री राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने प्रधानमंत्री की अपील को द...
16/05/2026

देशहित में प्रधानमंत्री की अपील

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने प्रधानमंत्री की अपील को देशहित में बताया। कहा कि इसके दृष्टिगत राज्यपाल आनंदी बेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश अनुकरणीय है। राज्य सूचना आयुक्त ने खुद भी यात्राओं में कटौती करने और अन्य जनपदों की यात्रा कर दौरान एस्कॉर्ट ना लेने का निर्णय है। वह पहले भी अन्य जनपदों में मिलने वाले एस्कॉर्ट को वापस कर देते थे। अब उन्होंने यात्रा में भी कटौती का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व का संघर्ष वैश्विक संकट है। सभी देशों पर इसका कुप्रभाव परिलक्षित है। उनको तेल गैस की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। तेल की कीमतों में बड़ी वृद्धि करनी पड़ रही है। भारत ने अभी तक अपने को इस परेशानी से बचाया है। लेकिन मध्यपूर्व का संघर्ष लंबा खींचेगा तो समस्या बढ़ेगी।

जब क्लास रूम में शिक्षिका बनीं राज्यपालडॉ दिलीप अग्निहोत्री राज्यपाल आनंदी बेन पटेल अपना अध्ययन पूर्ण करने के बाद शिक्षि...
16/05/2026

जब क्लास रूम में शिक्षिका बनीं राज्यपाल

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल अपना अध्ययन पूर्ण करने के बाद शिक्षिका बनी थी। उन्होंने अपने उस दायित्व का बड़ी कुशलता से निर्वाह किया था। वह बालिकाओं को विशेष रूप से पढ़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी। बच्चों के सर्वांगीण विकास और नैतिक शिक्षा पर भी उनका जोर रहता था। कुलाधिपति के रूप में उनके दीक्षांत संबोधन का भी शैक्षणिक महत्व होता है। एक बार फिर आनंदी बेन शिक्षिका के रूप में दिखाई दीं। वह जनभवन स्थित विद्यालय में पहुंची। वहां क्लास रूम में उन्होंने बच्चों के अलावा अभिभावकों से संवाद किया। बच्चों के सामने वह शिक्षिका की भांति दिखाई। अभिवावकों के साथ उनका संवाद टीचर गार्जियन मीटिंग जैसा रहा। राज्यपाल का यह संवाद मात्र उस विद्यालय तक ही सीमित नहीं कहा जा सकता। बल्कि प्रदेश के सभी विद्यालयों,
विद्यार्थियों और अभिभावकों को इससे सीख लेनी चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से नियमित विद्यालय आने एवं कक्षाओं में उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया। अभिभावकों से कहा कि यदि बच्चा समय से घर नहीं पहुंचे तो उसकी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बच्चों के साथ नियमित संवाद करें।सभी कक्षाओं व विद्यालय स्थित आंगनवाड़ी का अवलोकन भी किया।

12/05/2026

विपक्षी दलों को जनता चुन चुन कर दे रही है तुष्टीकरण की राजनीति का दंड : डॉ दिनेश शर्मा

2027 में यूपी में भी विपक्ष को जनता करेगी दण्डित

चारों ओर फ़ैल रही है यूपी में हुए विकास की सुगन्ध

कांग्रेस धोखाधड़ी की राजनीति की चैम्पियन

युद्ध के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जनता से की गई संयम बरतने की अपील

लखनऊ/ मुजफ्फरनगर। राज्य सभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि जनता विपक्षी दलों को उनकी तुष्टीकरण की राजनीति का चुन चुन के दण्ड दे रही है। जनता का दण्ड देने का अभियान अभी थमा नहीं है और उत्तर प्रदेश में 2027 में इसकी पुनरावृत्ति होनी है।उनका कहना था कि सपा बसपा कांग्रेस टीएमसी डीएमके आप जैसे विपक्षी दल अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है। देश ने देखा है कि यूपी के एक नेता टीएमसी की हार के दुख में उन्हें ढांढस बँधाने कोलकाता गए थे और आने वाले समय में अगर अभिषेक बनर्जी भी ममता बनर्जी के साथ आकर 2027 में यूपी के इन नेताजी को भाजपा के पक्ष में चुनाव परिणाम आने के बाद ढांढस बंधाते नजर आयेंगे।
पत्रकारों से बात करते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि 2027 में भाजपा विधान सभा चुनाव में तीन चौथाई बहुमत से सरकार बनाएगी।वर्तमान में चारों तरफ़ विकास रहा है जिसके चलते शहरों के बीच में आने जाने में समय कम लगने लगा है। विकास भाजपा सरकार की प्राथमिकता में है और जहाँ विकास होता है वहीं पर व्यापार भी होता है और समृद्धि भी होती है। प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की बाढ़ आ गई है और उत्तर प्रदेश में हुए विकास की सुगंध चारों ओर फैल रही है। पीएम नरेंद्र मोदी , ग्रह मंत्री अमित शाह , सीएम योगी आदित्यनाथ के सबल नेतृत्व में भगवा विकास का पर्याय बन गया है।

विपक्ष पर धोखाधड़ी की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सनातन को अपमानित करने वाली डीएमके के साथ सहयोग का नृत्य करने वाली कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन की हार के बाद उससे नाता तोड़ लिया। कांग्रेस किसी की सगी नहीं है और जनता ने देखा है कि कुर्सी के लिए इसने चंद्रशेखर जी और चौधरी चरण सिंह जी को भी धोखा दे दिया था। कुर्सी के लिए पाँच विधायकों वाली कांग्रेस ने तमिलनाडु में नई सरकार वाले दल से दोस्ती कर डाली और जिनके साथ चुनाव लड़ा था उसे डीएमके को एक बार में छोड़ दिया। 100 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी अब क्षेत्रीय दलों की पिछलग्गू बन गई है। अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने वाली कांग्रेस की हकीकत ये है कि जब बैलेट पेपर से चुनाव हुआ करता था ये उस समय से बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव हार रहे हैं। अब ये हार के लिए एसआईआर को ज़िम्मेदार ठहराते हैं और आने वाले समय में जनता को भी दोषी ठहरा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने, बाबा साहेब पंच तीर्थ को विकसित करने, गरीब सवर्णो को दस प्रतिशत आरक्षण देने का काम हुआ है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ। सभी सनातनी जातिवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद की व्यवस्था में रहें। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास की नई परिभाषा लिखी गई है।आज गन्ना किसान खुशहाल हो रहा है।
ईरान और यूक्रेन तथा ईरान अमेरिका और इजरायल युद्ध के दुष्प्रभावों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से कोरोना काल की तरह ही संयम बरतने की अपील की है। आज दुनिया का बड़े बड़े देशों में इन युद्ध के कारण ऊर्जा, पेट्रोल तथा खाद्य पदार्थ का संकट पैदा हो गया है और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश में पेट्रोल पम्प बंद हो गए हैं। पीएम ने देश के लोगों से पेट्रो उत्पादों के संयमित उपयोग की अपील की है। इनके उपयोग को बंद करने के लिए नहीं कहा गया है। ये उपाय देश के लोगों को युद्ध के प्रभाव से बचाने के लिए किए जा रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में कहा कि बंगाल में भेदभाव किसी के साथ नहीं होगा और सीमा पर फेंसिंग की जाएगी। घुसपैठ अब बंद हो कर रहेगी।

गांधीनगर, मुजफ्फरनगर में भाजपा नेता श्री पुनीत वशिष्ठ जी के आवास पर पत्रकार बंधुओ से मोदी योगी सरकार की उपलब्धियो पर चर्चा कर, उपस्थित माo जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियो एवं कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक चर्चा की।

इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री संजीव बालियान जी, माo मंत्री श्री कपिल देव अग्रवाल जी, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल जी, जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी जी, वरिष्ठ नेता पुनीत वशिष्ठ, पूर्व विधायक अशोक कंसल जी, पूर्व विधायक प्रमोद ऊंटवाल जी, ब्लॉक प्रमुख अक्षय पुंडीर जी, ब्लॉक प्रमुख अमित चौधरी जी, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री अजय भराला जी, श्री सतीश कुमार शर्मा जी, श्री सुरेंद्र दत्त शर्मा जी, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार छाबड़ा जी, श्री अखिलेश दत्त जी, डॉ विपिन त्यागी सदस्य जिला पंचायत, व्यापारी नेता संजय मित्तल सहित वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बाद में एक विशाल दीक्षा सम्मेलन में महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी एवं शुक्र ताल के दंडी स्वामी जी के साथ मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए जिसमें हजारों की संख्या में आए हुए नागरिकों को संबोधित किया और बाद में श्री भगवान आश्रम द्वारा लिखित पुस्तक आत्मबोध का विमोचन किया उसके बाद अस्वस्थ चल रहे पूर्व जिला अध्यक्ष श्री विजय शुक्ला के आवास पर उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा कर श्री शुक्ल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। बाद में प्रसिद्ध व्यवसाय राकेश बिंदल के आवास पर व्यवसाईयों के साथ बैठक में सम्मिलित हुए।

फिल्म कृष्णावतरम स्क्रीनिंगडॉ दिलीप अग्निहोत्री प्रभु श्री कृष्ण की लीला भारत ही नहीं दुनिया के अनेक देशों प्रचलित है। अ...
11/05/2026

फिल्म कृष्णावतरम स्क्रीनिंग

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

प्रभु श्री कृष्ण की लीला भारत ही नहीं दुनिया के अनेक देशों प्रचलित है। अमेरिका सहित यूरोप के विकसित देशों में श्री भक्ति में लीन भक्तों को देखा जा सकता है। मथुरा में प्रभु ने अवतार लिया था। बाद में वह द्वारकाधीश हुए। सांस्कृतिक एकता के सूत्र व्यापक हैं। लखनऊ लोकभावन में कृष्णावतारम फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग समारोह में भी माहौल भक्तिमय हो गया। कृष्णा कृष्णा,राधे राधे से लोकभवन सभागार गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह फिल्म भगवान कृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से दिखाती है। ‘कृष्णावतारम्’ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में द्वापर युग, भारतीय पुरातन संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयामों को भव्यता के साथ दर्शाया गया है। फिल्म की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भगवान कृष्ण के साथ राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा की प्रेम कथाओं को अलग-अलग स्वरूपों में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में सत्यभामा का किरदार निभाने वाली कलाकार का नाम भी संस्कृति है। जिन्होंने इस भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। बच्चे और युवा इस फिल्म को देखकर अपनी संस्कृति, परंपरा और सनातन विरासत को समझेंगे। बरसाना, मथुरा और वृंदावन में संबोधन राधे-ल राधे का ही होता है।गुजरात में जय श्री कृष्ण का संबोधन सुनाई देता है। फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर हैं। फिल्म में सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसमें जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा भी हैं।

आदर्श समाज के लिए समावेशी और संस्कार युक्त शिक्षाडॉ दिलीप अग्निहोत्री भारतीय चिंतन में शिक्षा को जीवकोपार्जन का माध्यम म...
02/05/2026

आदर्श समाज के लिए समावेशी और संस्कार युक्त शिक्षा

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

भारतीय चिंतन में शिक्षा को जीवकोपार्जन का माध्यम मात्र नहीं माना गया। यह साधन हो सकता है। लेकिन आदर्श जीवन मूल्यों का जागरण करने वाली शिक्षा ही सार्थक होती है। यही विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाती है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों को इसके प्रति प्रेरित करती हैं। बरेली में शिक्षण संस्थानों के कार्यक्रम में उन्होंने इसी प्रकार के विचार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि
राष्ट्र को नई दिशा देने की शुरुआत शिक्षा से होती शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें संस्कार युक्त शिक्षा का समावेश भी आवश्यक है। वर्तमान समय में भौतिक समृद्धि के बावजूद पारिवारिक मूल्यों में गिरावट देखने को मिल रही है। जिसे शिक्षा के माध्यम से ही सुधारा जा सकता है। आज समावेशी शिक्षा आवश्यक है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचनी चाहिए। तभी वास्तविक परिवर्तन होंगे। भारत का निर्माण होगा।विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं है, बल्कि समाज में जाकर महिलाओं एवं किसानों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी निभाना भी है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विश्वविद्यालय को कम से कम पाँच गाँव गोद लेकर वहाँ की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
शिक्षा के माध्यम से बच्चों को सही दिशा देना, उनमें कौशल विकसित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करना चाहिए। राज्यपाल ने अपने गुजरात के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहाँ उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया, जिसके अंतर्गत लगभग डेढ़ करोड़ महिलाओं की जांच कराई गई। उनका उपचार कर उन्हें स्वस्थ किया गया। राज्यपाल ने शिक्षा के माध्यम से भारत पुनःविश्वगुरु बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।

विकसित यूपी में कनेक्टिविटी विस्तारडॉ दिलीप अग्निहोत्री विकसित यूपी 2047 की यात्रा प्रगति पर है। यूपी सर्वाधिक एक्सप्रेस...
30/04/2026

विकसित यूपी में कनेक्टिविटी विस्तार

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

विकसित यूपी 2047 की यात्रा प्रगति पर है। यूपी सर्वाधिक एक्सप्रेस वाला प्रदेश पहले ही बन चुका था। गंगा एक्सप्रेस वे के लोकार्पण से इसमें एक नया अध्याय कायम हुआ। राष्ट्रीय पटल पर एक नया सक्षम और समर्थ उत्तर प्रदेश उभर कर आया है। इसके साथ ही सड़कों के निर्माण और इनके किनारे पर औद्योगिक गलियारा बनाने का भी अभूतपूर्व कार्य निरंतर जारी रहे। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को पूरा किया जा रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से औद्योगिक विकास को नया आयाम मिला है। औद्योगिक विकास के लिए सभी जरूरी संसाधन प्रदेश में उपलब्ध हैं। विगत कुछ वर्षों में यहां तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की सड़कें बनी है। अगले कुछ साल में पांच लाख करोड़ रुपये का काम उत्तर प्रदेश में करेगी। कुल मिलाकर जब आठ लाख करोड़ का काम होगा तब उत्तर प्रदेश के सड़कों का इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। सात वर्ष पूर्व प्रयागराज कुंभ में योगी कैबिनेट की बैठक हुई थी। इसमें
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके करीब दो वर्ष बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था। योगी आदित्यनाथ ने इसको निर्धारित अवधि में पूर्ण करने का संकल्प लिया था। यह संकल्प साकार हुआ। करीब छ सौ किमी लंबा यह एक्सप्रेस वे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जूड़ापुर दांदू गांव में समाप्त होगा। गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के बारह जिलों और पांच सौ से अधिक गांवों से होकर निकलेगा। यह मेरठ, हापुड़,बुलंदशहर, अमरोहा,संभल, बदायूं,शाहजहांपुर, हरदोई,उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़,और प्रयागराज को जोड़ेगा। इससे व्यापारिक व औद्योगिक विकास के साथ ही पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे से कानपुर और वाराणसी की यात्रा भी सुगम होगी। इतना ही नहीं ‌गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट एन-एच 330 से वाराणसी होते हुए कोलकाता तक की यात्रा भी पूरी हो सकेगी। इससे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार सहित कई लिंक कॉरिडोर भी जुड़ेंगे। पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक उच्च गति वाली सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार होगा। यह देश का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बन गया है। यह एक्सप्रेसवे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। डिजाइन,निर्माण, वित्त,संचालन और हस्तांतरण मॉडल पर आधारित यह परियोजना भारत की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे परियोजना है। सरकार ने लोक कल्याण की सर्वाधिक योजनाए बनाने के साथ उनका शतप्रतिशत क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया। विकसित भारत संकल्प यात्रा का यही उद्देश्य है। गंगा एक्सप्रेसवे को एक प्रमुख आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है। जिसके मार्ग में पड़ने वाले सभी जिलों में लगभग एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक गलियारे विकसित किए जाएंगे।

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Sector-6 Gomti Nagar Vistar
Lucknow
226010

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