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किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में भ्रष्टाचार और अनियमिताओं के मामले में बड़ी कार्यवाही लखनऊ : किंग जॉर्ज मेडिकल यून...
03/06/2026

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में भ्रष्टाचार और अनियमिताओं के मामले में बड़ी कार्यवाही

लखनऊ : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के यूरोलॉजी विभाग में अनियमितताओं के मामले ने तहलका मचा दिया है। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. सोनिया नित्यानंद ने जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. अपुल गोयल को उनके पद से हटा दिया।

जानकारी के अनुसार, जांच समिति ने यूरोलॉजी विभाग में सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और दवाओं की खरीद-फरोख्त में गंभीर अनियमितताओं और प्रक्रियात्मक लापरवाही की पुष्टि की है। इसके मद्देनजर प्रो. एच.एस. पावड़ा को विभाग का कार्यकारी प्रमुख नियुक्त किया गया है, जो जांच पूरी होने तक विभाग का संचालन संभालेंगे।

छात्रों और मरीजों का कहना है कि विभाग में पिछले कुछ समय से यह गड़बड़ियाँ लगातार चर्चा का विषय रही हैं। एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "कई बार हमें अवैध शुल्क और अतिरिक्त प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ा, जो छात्र और मरीज दोनों के लिए परेशानी का कारण बने हैं।"
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्ष और कड़ी कार्रवाई ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोक सकती है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी जिम्मेदारी से मुक्त किए गए प्रो. गोयल के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग भी इस मामले की निगरानी कर रहा है।


KGMU में बड़ा वित्तीय संकट: यूरोलॉजी विभाग में करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश, जांच कमेटी गठित​विशेष संवाददाता, लखनऊ3 जून...
03/06/2026

KGMU में बड़ा वित्तीय संकट: यूरोलॉजी विभाग में करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश, जांच कमेटी गठित
​विशेष संवाददाता, लखनऊ
3 जून, 2026

​राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चिकित्सा विश्वविद्यालय के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण विभागों में से एक, यूरोलॉजी विभाग में करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। शुरुआती जांच और आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

​मिली जानकारी के अनुसार, यह घोटाला मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल उपकरणों, इंप्लांट्स की खरीद और विभाग के फंड्स के हेरफेर से जुड़ा हुआ है।

​फर्जी बिल और उपकरणों की खरीद में धांधली

​सूत्रों के मुताबिक, घोटाले का तौर-तरीका बेहद शातिर था। यूरोलॉजी विभाग में पिछले कुछ समय से ऐसे चिकित्सा उपकरणों और कंज्यूमबल्स के बिल पास कराए जा रहे थे, जो या तो कभी अस्पताल पहुंचे ही नहीं, या फिर उनकी कीमत बाजार दर से कई गुना अधिक दिखाई गई थी।
​इसके अलावा, गंभीर मरीजों को दिए जाने वाले विशेष इंप्लांट्स के नाम पर भी कागजों में बड़ा खेल किया गया। मरीजों और उनके तीमारदारों से ली गई रकम और केजीएमयू के आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच भारी अंतर पाया गया है।

​आंतरिक ऑडिट में खुली पोल

​यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब हाल ही में हुए एक रूटीन आंतरिक वित्तीय ऑडिट के दौरान यूरोलॉजी विभाग के खातों में भारी विसंगतियां पकड़ी गईं। ऑडिट टीम ने पाया कि वेंडर्स को करोड़ों रुपये का भुगतान बिना उचित सत्यापन और बिना किसी ठोस स्टॉक एंट्री के कर दिया गया था।

​मुख्य बिंदु जिन पर टिकी है जांच:

​बिना सप्लाई के ही चुनिंदा वेंडर्स को करोड़ों रुपये का अग्रिम भुगतान करना।
​महंगे यूरोलॉजिकल उपकरणों (जैसे एंडोस्कोपिक और लेजर मशीन के पार्ट्स) की मरम्मत के नाम पर फर्जी बिलिंग।
​गरीब मरीजों के लिए आने वाले फंड और कल्याणकारी योजनाओं के बजट में हेरफेर की आशंका।

​उपकुलपति (VC) ने बैठाई उच्च स्तरीय जांच

​मामले की गंभीरता को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। वाइस चांसलर (VC) ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी (High-Level Inquiry Committee) का गठन कर दिया है। इस कमेटी में वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ-साथ बाहरी वित्तीय विशेषज्ञों (Financial Experts) को भी शामिल किया गया है।
​प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच कमेटी को तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटी विभाग के पिछले तीन से पांच वर्षों के सभी खरीद दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टरों और बैंक भुगतानों को खंगाल रही है।

​दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

​केजीएमयू के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "भ्रष्टाचार को लेकर हमारी नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। यूरोलॉजी विभाग के इस मामले में जो भी डॉक्टर, कर्मचारी या बाहरी वेंडर दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ न सिर्फ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि मामले को एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भी सौंपा जा सकता है।"
​इस घोटाले के सामने आने के बाद केजीएमयू के अन्य विभागों में भी हड़कंप का माहौल है और आशंका जताई जा रही है कि जांच का दायरा बढ़ने पर कुछ अन्य विभागों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल, यूरोलॉजी विभाग के कई संदेहास्पद दस्तावेजों को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।


लखनऊ चारबाग स्टेशन पर बड़ा हादसा: प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर गिरा भारी टिन शेड, टीटीई और यात्रियों समेत 3 गंभीर घायल​विशेष संव...
29/05/2026

लखनऊ चारबाग स्टेशन पर बड़ा हादसा: प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर गिरा भारी टिन शेड, टीटीई और यात्रियों समेत 3 गंभीर घायल

​विशेष संवाददाता, लखनऊ
29 मई, 2026

​लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक, चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर चल रहे पुनर्विकास (Redevelopment) कार्य के दौरान एक भारी-भरकम पुराने टिन शेड का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर नीचे यात्रियों पर गिर गया।
​इस हादसे में प्लेटफॉर्म पर मौजूद एक ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) और दो यात्रियों सहित कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शेड गिरते ही प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

​सुबह 8 बजे हुआ हादसा, हावड़ा-दून एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे यात्री

​मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 8:00 बजे की है। प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर कई यात्री हावड़ा-दून एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13037) के आने का इंतजार कर रहे थे, जो कि अपने निर्धारित समय से कुछ देरी से चल रही थी। भीषण गर्मी से बचने के लिए यात्री शेड के नीचे खड़े थे। इसी दौरान बिना किसी चेतावनी के लोहे और टिन से बना भारी शेड सीधे नीचे खड़े लोगों पर आ गिरा, जिससे कुछ लोग मलबे के नीचे दब गए।

​घायलों में से एक यात्री, अभिषेक बाल्मीकि ने बताया, "मैं अपने पांच दोस्तों के साथ हरिद्वार की यात्रा पर जा रहा था। ट्रेन लेट होने के कारण हम प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर रुके हुए थे, तभी अचानक यह भारी शेड हमारे ऊपर गिर गया।"

​रेलवे प्रशासन और आरपीएफ ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

​घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। मलबे के नीचे दबे लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तुरंत घटनास्थल का दौरा किया।
​सभी तीनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए आलमबाग स्थित अजंता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां रेलवे की एक विशेष मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है।

​लापरवाही पर उठे सवाल:

हटाने के लिए चिह्नित था शेड

​रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, चारबाग स्टेशन पर इस समय रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के तहत आधुनिकीकरण और नए एयर-कॉन्कोर्स (Air-Concourse) का निर्माण कार्य चल रहा है। इस पुनर्विकास कार्य के चलते प्लेटफॉर्म नंबर 4 को पहले ही 15 मई से 23 जून 2026 तक के लिए बंद किया गया था।

​अधिकारियों ने स्वीकार किया कि जो शेड गिरा, उसे भी निर्माण कार्य के तहत हटाने के लिए पहले ही चिह्नित (Marked for removal) किया जा चुका था। ऐसे में यात्रियों का सवाल है कि जब शेड असुरक्षित था और उसे हटाया जाना था, तो उसके नीचे यात्रियों के आवागमन और रुकने पर पाबंदी क्यों नहीं लगाई गई थी? कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी को लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है।

​प्लेटफॉर्म पर आवाजाही अस्थायी रूप से रोकी गई

​हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ट्रेनों और यात्रियों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। रेलवे कर्मचारियों द्वारा युद्धस्तर पर मलबे को साफ करने और क्षतिग्रस्त शेड के बाकी हिस्सों को सुरक्षित करने का काम शुरू किया गया। दोपहर बाद स्थिति को नियंत्रित कर परिचालन को फिर से सामान्य किया जा सका।

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के भाई और बीजेपी विधायक अर्पणा यादव के पति प्रतीक यादव की सिविल अस्पताल लखनऊ में मौत...लखनऊ - आ...
13/05/2026

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के भाई और बीजेपी विधायक अर्पणा यादव के पति प्रतीक यादव की सिविल अस्पताल लखनऊ में मौत...

लखनऊ - आज सुबह तड़के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल ( सिविल अस्पताल ) लखनऊ में प्रतीक यादव की मौत हो गई है। प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव के सौतेले भाई एवं बीजेपी में शामिल अर्पणा यादव के पति है। मौत के कारणों का विस्तृत खुलासा नहीं हो पाया है। सिविल अस्पताल के केजवल्टी के डाक्टरों का कहना है कि प्रतीक अस्पताल आने से पहले ही मृत थे। फिलहाल प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। आने वाले दिनों में सभी बातों का जल्द खुलासा होगा ।

बिना HSRP नंबर प्लेट वालों की अब खैर नहींलखनऊ:- यूपी की राजधानी लखनऊ में अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चलना दंडनी...
03/05/2026

बिना HSRP नंबर प्लेट वालों की अब खैर नहीं

लखनऊ:- यूपी की राजधानी लखनऊ में अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चलना दंडनीय अपराध माना जाएगा। इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस लखनऊ द्वारा 1 जून 2026 से संघन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।

जैसा कि देखा गया है कि सबसे ज्यादा नियमों की अवहेलना पुलिस प्रशासन द्वारा ही की जाती है। अगर आपको भी कोई पुलिस कर्मी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के दिखायी दे । तो उसकी फोटो अपने मोबाइल से खींचकर हमें भेज सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रक्खी जायेगी ।

14/04/2026

लखनऊ का किंग जार्ज यूनिवर्सिटी बनी लापरवाही, अफसरशाही, लूट, शोषण और भ्रष्टाचार का अड्डा

० सिफारिश पत्र के बदौलत मिलता है वेंटीलेटर बेड
० 10000 रूपए के एवज में भी मिलते हैं वेंटीलेटर बेड
० सामान्य बेड के रेट 2500 से 5000 के बीच
० मंत्री , डाक्टर , स्टाफ सभी तक पहुंचता है कमीशन
० आक्सीजन स्ट्रेचर के लिए जाते हैं 500 रूपए
० स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के जानकारी में दिया जा रहा है ऐसी घटिया व्यवस्था को अंजाम
० पीआरओ कार्यालय भी बने शोषण का अड्डा
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https://youtu.be/sZ7E0h4zUBM?si=Gtm3_vNXQv7N421L ( यह यूट्यूब लिंक अस्पताल से संबंधित है जो केजीएमयू का है। )

लखनऊ: वर्तमान समय में हमारे देश में बीजेपी की सरकार है, और प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार है।
जिसका मुखिया अपनी अलग पहचान के लिए जाना जाता है। लेकिन उसी मुखिया के कुछ मंत्री केवल वाहावाही और जलसों में जाने के अलावा अपने विभाग और अपने कार्य पर ध्यान देने में असफल साबित हो रहे हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था की अगर हम बात करें तो मुख्यमंत्री आवास के निकट स्थित सिविल अस्पताल की सेवाएं और डाक्टर मरीज को सिर्फ रेफर करने के लिए बैठे हैं। सुविधाओं के नाम पर अब उनके पास कुछ नहीं है। अगर गलती से कोई वहां सर्दी, जुकाम, बुखार का इलाज कराने पहुच जाये तो उसे भी वहां से मेडिकल कालेज, लोहिया अस्पताल, या पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। डाक्टर का कहना है कि उनके पास कोई सुविधा नहीं है। अब वर्तमान में वहां हृदय रोग का विभाग भी खत्म कर दिया गया है।
वहां कोई हृदय रोग विशेषज्ञ भी नहीं है।

अब बात करते प्रदेश के एकमात्र और अंतिम चिकित्सालय की जिसे किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है। जहां प्रदेश भर से मरीज रेफर किये जाते हैं। कई बार तो पीजीआई और राम मनोहर लोहिया जैसे अस्पताल से भी यहां मरीज रेफर कर दिये जाते हैं।

अब बात की जाये इसकी कार्यप्रणाली की तो यहां पहले के मुकाबले में जगह की कमी को पूरा किया जा रहा है। पहले एक टीन की चद्दर वाली एमरजेंसी हुआ करती थी। लेकिन अब थोड़ा सा विस्तार हुआ है। लेकिन शायद डाक्टर और स्टाफ की कहें या फिर मरीजों की बढ़ती भीड़ साथ ही स्टाफ और डाक्टरों की लापरवाही भी बड़े पैमाने पर देखने को मिलती हैं।

पीआरओ आफिस से लेकर वार्ड तक बेड के लिए रेट फिक्स है। अभी हाल में एक घटना की जानकारी और तहकीकात के आधार पर हमने पाया कि वेंटीलेटर के बेड खाली होने के बावजूद सिफारिश और घूस के बल पर दिये जा रहे हैं।

जूनियर डाक्टरों में अफसरशाही और लापरवाही इतनी बढ़ गई है कि वे मरीजों से ढ़ग से बात तक नहीं करते हैं। कई बार तो किसी काम के लिए कहने पर जूनियर डाक्टर मरीज पर झुल्लाते हुए यह कहते है कि ये काम हमारा नहीं है नर्स से कहो। एक नर्स से कहने पर वो दूसरे नर्स से करने को कहती हैं। इसी लापरवाही और खिंचतान में मरीज की मृत्यु तक हो जाती है।

वार्ड खाली होने के बावजूद ट्रामा एमरजेंसी के मरीजों को वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जाता है। उन्हें शोषित और प्रताड़ित किया जाता है। मरीज के साथ आएं तीमारदारों को इतना प्रताड़ित किया जाता है कि वो खुद एक मरीज बन जाता है।

अभी हाल में ही एक महिला जिनका नाम कुसुम सिंह की मृत्यु केजीएमयू के गांधी वार्ड के महिला वार्ड 6 में हुई। परिजनों का आरोप है कि उनसे अवैध रूपए लिए गए। उन्हें बेड भी उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही उन्हें जूनियर डाक्टर द्वारा प्रताड़ित और शोषित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां की मृत्यु हो जाने के बाद गार्ड और पुलिस को बुला लिया गया और उनसे सभी कागजी दस्तावेज जबरन ले लिए गए। जिसमें उनकी मां के प्राइवेट क्लीनिक में इलाज के दस्तावेज और बाहर में किये गये ट्रीटमेंट के दस्तावेज थे। जबकि नियमानुसार संबंधित प्रशासनिक विभाग को केवल अपने अस्पताल से संबंधित दस्तावेज ही लेने थे। परिवारजनों ने बताया कि साक्ष्यों के मिटाने अथवा छिपाने के उद्देश्य से ऐसी घटिया कार्यवाही की गई थी।

यहां तक लाश की गाड़ी को अंदर अस्पताल तक लाने में भी अस्पताल प्रशासन कमीशन लेता है।

उक्त परिवार ने न्याय और सहायता के लिए उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक तक से गुहार लगाई लेकिन कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है। परिवारजनों ने हमारे साथ एक काल रिकार्डिंग साझा की है जिसमें केजीएमयू लखनऊ के ट्रामा विभाग के पीआरओ कार्यालय में एक व्यक्ति आकाश सिंह की आवाज है जिसमें वो मामले को निपटाने और अपने द्वारा ली गई रिश्वत के संबंध में बात कर रहा है।
ऐसी व्यवस्था के बीच सरकार की भी लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर सवाल उठता है।

बकाया बिजली बिल चुकाना अब हुआ और आसान! #बिजली_बिल_राहत_योजना 2025–26 के तहत उपभोक्ता ₹750/₹500 की आसान मासिक किश्तों में...
14/12/2025

बकाया बिजली बिल चुकाना अब हुआ और आसान!

#बिजली_बिल_राहत_योजना 2025–26 के तहत उपभोक्ता ₹750/₹500 की आसान मासिक किश्तों में अपना बकाया बिल जमा कर राहत पा रहे हैं।
Rakesh Kumar Singh

  के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज पूरी तरह निःशुल्क है।यदि सूचीबद्ध प्रक्रियाओं के इलाज के लिए पैसे की माँग की जा...
14/12/2025

के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज पूरी तरह निःशुल्क है।
यदि सूचीबद्ध प्रक्रियाओं के इलाज के लिए पैसे की माँग की जाए, तो शिकायत दर्ज करें।

अपने अधिकार जानिए, प्रियजनों को भी अवगत कराएँ।
🔗 cgrms.pmjay.gov.in/GRMS/loginnew.…
📞 14555



Rakesh Kumar Singh

  अहमदाबाद में हो गया भयानक विमान हादसा                      अहमदाबाद :- 12 जून 2025 यानी आज अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई ...
12/06/2025



अहमदाबाद में हो गया भयानक विमान हादसा






अहमदाबाद :- 12 जून 2025 यानी आज अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन (गैटविक) के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघनी नगर के पास एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर शामिल थे। यात्री सूची में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।

प्रमुख जानकारी:-

घटना का समय: विमान ने दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ किया और 5 मिनट बाद, लगभग 1:43 बजे, दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान 625 फीट की ऊंचाई पर था जब इसका आखिरी सिग्नल फ्लाइटरडार24 को मिला।

स्थान: -

दुर्घटना मेघनी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल के पास हुई, जहां विमान का कुछ हिस्सा हॉस्टल की इमारत पर भी गिरा।

हादसे का विवरण: -

विमान ने टेकऑफ के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को मेडे कॉल (आपातकालीन संदेश) दिया, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। विमान हवाई अड्डे के एरिया से बाहर जमीन पर गिरा, जिसके बाद भारी काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं।

हानि:-

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम 120 से 170 लोगों के मारे जाने की आशंका है, हालांकि सटीक संख्या की पुष्टि बाकी है। कई घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

बचाव कार्य:-

एनडीआरएफ की तीन टीमें (90 कर्मी) गांधीनगर से और तीन अन्य टीमें वडोदरा से तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। 400 सीआईएसएफ कर्मी, स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी बचाव कार्य में शामिल हैं। घायलों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।

हवाई अड्डा संचालन:-

हादसे के बाद अहमदाबाद हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं, लेकिन बाद में संचालन फिर से शुरू हो गया।

आधिकारिक प्रतिक्रियाएं:-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: उन्होंने हादसे को "हृदयविदारक" बताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और केंद्रीय मंत्रियों को सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: उन्होंने इसे "हृदयविदारक आपदा" बताया और प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू करने के साथ-साथ घायलों के इलाज के लिए प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात सरकार को केंद्र से पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।

एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रभावितों के लिए आपातकालीन केंद्र और हेल्पलाइन नंबर (1800 5691 444) शुरू किया।

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की एक टीम अहमदाबाद पहुंच चुकी है और ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट डेटा और घटनास्थल के साक्ष्यों की जांच कर रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि विमान हाल ही में रिफर्बिश किया गया था। मौसम की स्थिति स्पष्ट थी, जिससे खराब मौसम की संभावना कम है।

विमान का संचालन कैप्टन सुमीत सभरवाल (8200 घंटे का अनुभव) और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर (1100 घंटे का अनुभव) कर रहे थे।

स्थानीय निवासियों ने घटनास्थल पर भारी धमाके और मलबे की सूचना दी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मृत शरीर और मलबा चारों ओर बिखरा हुआ था।

नहीं रहे मनोज कुमार.... बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे. शुक्रवार आज दिनांक 04.04...
04/04/2025

नहीं रहे मनोज कुमार....

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे. शुक्रवार आज दिनांक 04.04.2025 की सुबह 87 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली. देशभक्ति से भरी फिल्मों के लिए मशहूर मनोज कुमार को फैंस 'भारत कुमार' कहकर पुकारते थे.

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