23/06/2026
लखनऊ में काला सोमवार: अलीगंज के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 15 छात्रों की दर्दनाक मौत
छत का रास्ता बंद होने से दम घुटने के कारण हुई मौतें; कुछ बच्चों ने जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से लगाई छलांग, कई घायल
विशेष संवाददाता, लखनऊ
22 जून, 2026
राजधानी लखनऊ का अलीगंज इलाका सोमवार दोपहर को एक बड़े हादसे और चीख-पुकार से दहल उठा। ऊषा मेहता मार्ग (पुरनिया) पर स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में चल रहे एनिमेशन कोचिंग इंस्टीट्यूट और गेमिंग जोन में दोपहर करीब 2:00 बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 15 छात्रों (उम्र लगभग 16 से 25 वर्ष) की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई। केजीएमयू (KGMU) के डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाए जाने से पहले ही 15 बच्चे दम तोड़ चुके थे। हादसे में कई अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जारी है।
"पापा मुझे बचा लो..." फोन कॉल आते ही बदहवास दौड़े परिजन
हादसा उस वक्त हुआ जब कोचिंग और गेमिंग जोन में दर्जनों छात्र मौजूद थे। इमारत में धुआं भरते ही अंदर फंसे बच्चों ने अपने माता-पिता को फोन कर रोते हुए बचाने की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही परिजन बदहवास होकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पूरी बिल्डिंग आग की लपटों और गाढ़े काले धुएं से घिर चुकी थी। बाहर खड़े माता-पिता की बेबसी और चीख-पुकार देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
छत का रास्ता था बंद, खिड़कियां तोड़कर कूदे बच्चे
चश्मदीदों और जीवित बचे छात्रों के मुताबिक, आग लगते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। बच्चे जान बचाने के लिए ऊपर छत की तरफ भागे, लेकिन छत का दरवाजा बंद था, जिससे वे वहीं फंस गए।
दम घुटने के कारण सबसे ज्यादा मौतें हुईं।
जान बचाने की जद्दोजहद में कुछ छात्रों ने तीसरी मंजिल के शीशे तोड़कर नीचे केबल के सहारे लटकने की कोशिश की, तो कुछ ने सीधे नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
फायर ब्रिगेड और एनओसी (NOC) पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सूचना देने के आधे घंटे बाद तक दमकल की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंची थीं, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। बाद में सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और दमकल की 14 गाड़ियों ने मोर्चा संभाला और दीवारें तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि रिहायशी इलाके की इस बिल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियां बिना उचित फायर सेफ्टी मानकों और बिना फायर एनओसी के चल रही थीं।
पीएम मोदी ने जताया दुख, सीएम योगी ने काटा दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर शोक जताया है।
वहीं, अलीगढ़ के दौरे पर गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खबर मिलते ही अपना दौरा बीच में छोड़कर तुरंत लखनऊ लौटे। उन्होंने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायल बच्चों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
दोषी बख्शे नहीं जाएंगे: सरकार
उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए डीजीपी और अतिरिक्त मुख्य सचिव की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है। जो भी अधिकारी या बिल्डिंग मालिक इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।