15/11/2025
आख़िर कब तक मरते रहेंगे गरीब मजदूर।
सीएम के जाने के आधे घंटे बाद ओबरा खदान में हादसा,दर्जनों मजदूरों दबे।
- वहाँ मौजूद लोगों ने कई लोगों के मरने की पुष्टि की।
- ख़बर लिखें जाने तक मरने वालों का कोई सरकारी अकड़ा नहीं प्राप्त हुआ।
- राहत कार्य में जुटी प्रशासन एनडीआरएफ,एसडीआरएफ टीम।
सिग्मा न्यूज से राकेश केसरी की रिपोर्ट
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में शनिवार दोपहर बड़ा खनन हादसा हो गया। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में ड्रिलिंग के दौरान अचानक विशाल चट्टान धँस गई, जिससे भारी मात्रा में मलबा करीब 150 फीट नीचे जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 15 से 18 मजदूर मौके पर कार्य कर रहे थे, जिनके मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है।हादसा ठीक उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम कुछ ही किलोमीटर दूर आयोजित था। सीएम के कार्यक्रम स्थल से निकलने के लगभग आधे घंटे बाद यह घटना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
कैसे हुआ हादसा- मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स (स्वामी– मधुसूदन सिंह, दिलीप केशरी) की खदान में कंप्रेशर मशीनों से ब्लास्टिंग के लिए होल किए जा रहे थे। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए ब्लास्टिंग पर रोक थी, लेकिन ड्रिलिंग कार्य जारी था। दोपहर लगभग 2:30 बजे अचानक पत्थर का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
राहत व बचाव कार्य जारी- सूचना मिलते ही डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा, एसडीएम, सीओ सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुँचा। बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए वाराणसी से NDRF और मिर्जापुर से SDRF की टीमें बुलाई गई हैं।खदान काफी गहरी होने के कारण बचाव दल को मलबा हटाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पोकलेन मशीनों की सहायता से राहत कार्य जारी है।
मजदूरों के परिजनों में हाहाकार- हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मजदूरों के परिजन स्थल पर पहुँच गए। ग्रामीणों के अनुसार ज्यादातर मजदूर पनारी गाँव के रहने वाले हैं। गाँव के प्रधान पति लक्ष्मण यादव ने दो मजदूरों की मौत का दावा किया है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
खनन विभाग पर उठे सवाल- स्थानीय लोगों के अनुसार सोनभद्र जिले में लंबे समय से अवैध खनन, मानक से अधिक गहरी खदानें, तथा श्रम पंजीकरण न कराने की भी शिकायतें मिलती रही हैं। आरोप है कि शिकायतों की जाँच केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है और खनन धारक नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हैं।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया- डीएम बद्रीनाथ सिंह ने कहा,“मलबा हटाया जा रहा है। दबे लोगों की संख्या का सही अनुमान मलबा हटने के बाद ही लगाया जा सकेगा। घटना की जाँच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।”
राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा,
“कार्य बंद करने के निर्देश के बावजूद ड्रिलिंग कैसे चल रही थी, इसकी जाँच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है।”