17/09/2026
*राकेश ने खेल मैदान को कर्मभूमि बनाकर तराशे 25 राष्ट्रीय खिलाड़ी, 20 साल की मेहनत ने दिलाया राज्य स्तरीय अवार्ड*
आर्थिक रूप से कमजोर होनहारों को देते रहे डाइट, डीपीई की 20 साल की मेहनत ने दिलाया राज्य स्तरीय अवार्ड
शिक्षक कभी भी साधारण नहीं होता। प्रलय और निर्माण दोनों उसकी गोद में खेलते हैं। बस केवल जरूरत रहती है, उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग और उचित मार्गदर्शन की जिससे विद्यार्थी ऐसा कुछ कर दिखाए जिससे शिक्षक का सिर भी गौरव से ऊंचा रहे। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है शारीरिक शिक्षा शिक्षक राकेश सिंह की, जिन्होंने 20 वर्षों की सेवा में खेल प्रतिभाओं को तराशकर राजकीय उच्च विद्यालय मझेली को हमीरपुर जिला में खेलों का गढ़ बना दिया। राकेश सिंह के मार्गदर्शन में 25 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी खेल प्रतिभा का दम दिखा चुके हैं, जबकि 200 से अधिक खिलाडिय़ों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मझेली स्कूल की खेल पहचान को मजबूत करने में उनके योगदान ने न केवल विद्यार्थियों का भविष्य बदला, बल्कि सरकारी स्कूलों में खेल शिक्षा की ताकत को भी साबित किया।
वर्तमान में राकेश सिंह हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के राजकीय उच्च विद्यालय मझेली में पिछले तीन वर्षों से तैनात हैं। चार अक्तूबर 2006 को मझेली स्कूल में डीपीई के रूप में पदभार संभालने वाले राकेश सिंह ने उस समय से ही खेलों को अपनी कर्मभूमि मान लिया जब स्कूल में न तो पर्याप्त संसाधन थे और न ही खेल मैदान की स्थिति बेहतर थी। उन्होंने केवल मैदान की देखरेख तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यालय भवन के निर्माण और विकास कार्यों में भी श्रमदान और पूरा सहयोग दिया। उनका उद्देश्य स्पष्ट था बच्चों को पढ़ाई के साथ ऐसा सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिले, जहां उनकी खेल प्रतिभा को उड़ान मिल सके।
पसीना बहाया
हैंडबॉल और ताइक्वांडो में बच्चों को निपुण बनाने के लिए उन्होंने अतिरिक्त अभ्यास सत्र शुरू किए। घंटों मैदान में पसीना बहाकर खिलाडिय़ों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का पाठ पढ़ाया। शिक्षक की इसी असाधारण खेल सेवा, समर्पण और उपलब्धियों को देखते हुए पांच सितंबर को राज्यपाल ने उन्हें राज्य स्तरीय अवार्ड से सम्मानित किया।
कांगू स्कूल में भी देते हैं छात्रों को कोचिंग
राकेश सिंह द्वारा खिलाडिय़ों को तराशने की प्रतिभा केवल मझेली तक ही सीमित नहीं रही बल्कि साथ लगते सीनियर सेकेंडरी स्कूल कांगू में भी उन्होंने बच्चों को खेल प्रतिभा को निखारने के लिए अपना भरपूर सहयोग दिया और कई खेल प्रतिभाओं को तराशकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। कई प्रतिभाशाली बच्चे बेहतर पोषण और खेल सामग्री के अभाव में पीछे न रह जाएं, इसके लिए राकेश सिंह ने अपने निजी संसाधनों और सहयोग से जरूरतमंद खिलाडिय़ों को नि:शुल्क डाइट उपलब्ध करवाई।