Himalayan Raghupur Today

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17/09/2026

*राकेश ने खेल मैदान को कर्मभूमि बनाकर तराशे 25 राष्ट्रीय खिलाड़ी, 20 साल की मेहनत ने दिलाया राज्य स्तरीय अवार्ड*

आर्थिक रूप से कमजोर होनहारों को देते रहे डाइट, डीपीई की 20 साल की मेहनत ने दिलाया राज्य स्तरीय अवार्ड

शिक्षक कभी भी साधारण नहीं होता। प्रलय और निर्माण दोनों उसकी गोद में खेलते हैं। बस केवल जरूरत रहती है, उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग और उचित मार्गदर्शन की जिससे विद्यार्थी ऐसा कुछ कर दिखाए जिससे शिक्षक का सिर भी गौरव से ऊंचा रहे। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है शारीरिक शिक्षा शिक्षक राकेश सिंह की, जिन्होंने 20 वर्षों की सेवा में खेल प्रतिभाओं को तराशकर राजकीय उच्च विद्यालय मझेली को हमीरपुर जिला में खेलों का गढ़ बना दिया। राकेश सिंह के मार्गदर्शन में 25 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी खेल प्रतिभा का दम दिखा चुके हैं, जबकि 200 से अधिक खिलाडिय़ों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मझेली स्कूल की खेल पहचान को मजबूत करने में उनके योगदान ने न केवल विद्यार्थियों का भविष्य बदला, बल्कि सरकारी स्कूलों में खेल शिक्षा की ताकत को भी साबित किया।

वर्तमान में राकेश सिंह हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के राजकीय उच्च विद्यालय मझेली में पिछले तीन वर्षों से तैनात हैं। चार अक्तूबर 2006 को मझेली स्कूल में डीपीई के रूप में पदभार संभालने वाले राकेश सिंह ने उस समय से ही खेलों को अपनी कर्मभूमि मान लिया जब स्कूल में न तो पर्याप्त संसाधन थे और न ही खेल मैदान की स्थिति बेहतर थी। उन्होंने केवल मैदान की देखरेख तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यालय भवन के निर्माण और विकास कार्यों में भी श्रमदान और पूरा सहयोग दिया। उनका उद्देश्य स्पष्ट था बच्चों को पढ़ाई के साथ ऐसा सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिले, जहां उनकी खेल प्रतिभा को उड़ान मिल सके।

पसीना बहाया

हैंडबॉल और ताइक्वांडो में बच्चों को निपुण बनाने के लिए उन्होंने अतिरिक्त अभ्यास सत्र शुरू किए। घंटों मैदान में पसीना बहाकर खिलाडिय़ों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का पाठ पढ़ाया। शिक्षक की इसी असाधारण खेल सेवा, समर्पण और उपलब्धियों को देखते हुए पांच सितंबर को राज्यपाल ने उन्हें राज्य स्तरीय अवार्ड से सम्मानित किया।

कांगू स्कूल में भी देते हैं छात्रों को कोचिंग

राकेश सिंह द्वारा खिलाडिय़ों को तराशने की प्रतिभा केवल मझेली तक ही सीमित नहीं रही बल्कि साथ लगते सीनियर सेकेंडरी स्कूल कांगू में भी उन्होंने बच्चों को खेल प्रतिभा को निखारने के लिए अपना भरपूर सहयोग दिया और कई खेल प्रतिभाओं को तराशकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। कई प्रतिभाशाली बच्चे बेहतर पोषण और खेल सामग्री के अभाव में पीछे न रह जाएं, इसके लिए राकेश सिंह ने अपने निजी संसाधनों और सहयोग से जरूरतमंद खिलाडिय़ों को नि:शुल्क डाइट उपलब्ध करवाई।

17/09/2026

*जनवरी से अगस्त तक आए 1.06 करोड़ मेहमान, सैलानियों की पहली पसंद बना हिमाचल*

तीन साल में बढ़ गई प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की तादाद, सैलानियों की पहली पसंद बना हिमाचल

पर्यटकों की पहली पंसद अब हिमाचल बन गया है। इस साल पर्यटन कारोबार ने भी रफ्तार पकड़ी है। जनवरी से पहली अगस्त तक प्रदेश में 1,06,28,706 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है। इनमें देश-विदेश से आने वाले सैलानी शामिल हैं। पिछले साल की इसी अवधि में प्रदेश में 91,89,887 पर्यटक पहुंचे थे। ऐसे में इस साल पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में पूरे साल 3,11,47,155 पर्यटक हिमाचल पहुंचे थे। पर्यटकों की सबसे ज्यादा आमद 60 प्रतिशत राजधानी शिमला के पर्यटन कारोबार पर भी देखने को मिला। शिमला शहर के मालरोड, रिज मैदान, जाखू मंदिर, क्राइस्ट चर्च, कालीबाड़ी मंदिर, भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान और अन्नाडेल में पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। वहीं, कुफरी, फागू, मशोबरा और नालदेहरा भी सैलानियों के पसंदीदा स्थल रहे।

ऊपरी शिमला की ओर रुख करने वाले पर्यटकों के लिए नारकंडा और हाटू पीक भी आकर्षण का केंद्र रहे। ठियोग, कोटगढ़, खड़ापत्थर, जुब्बल, हाटकोटी, रोहड़ू और चिडग़ांव क्षेत्र में भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी। चायल में भी सैलानियों की खूब चहल-पहल रही। प्राकृतिक खूबसूरती के साथ शांत वातावरण के चलते शिमला के आसपास के पर्यटन स्थलों ने पर्यटकों को आकर्षित किया। इसके अलावा पर्यटकों ने कुल्लू मनाली, खजियार, किन्नोर और काजा के साथ अटल टनल का भी दौरा किया है। पर्यटकों को आकर्षित करने में होटल कारोबारियों की ओर से दिए गए विशेष ऑफर भी अहम रहे। कई होटल संचालकों ने ठहरने के साथ खाने-पीने के पैकेज और कमरों पर विशेष दरें उपलब्ध करवाईं। हालांकि उपलब्ध सरकारी आंकड़ा पहली अगस्त तक का है, इसलिए इसे जनवरी से अगस्त के पूरे महीने का आंकड़ा नहीं कहा जा सकता। अभी तक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर हिमाचल में जनवरी से पहली अगस्त तक 1.06 करोड़ से अधिक पर्यटकों की आमद दर्ज हो चुकी है।

17/09/2026

*हिमाचल में APL परिवारों के लिए खुशखबरी, राशन डिपुओं में बढ़ा आटे का कोटा, अब मिलेगा इतना*

राशन डिपुओं में मिलेगा एपीएल परिवारों को एक किलो अधिक आटा

अक्टूबर में एपीएल राशनकार्ड पर 13 किलो आटा और 5 किलो चावल मिलेगा

प्रदेश में त्योहारी सीजन के बीच सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल परिवारों को राहत मिलने जा रही है। अक्टूबर महीने में राशन डिपुओं पर एपीएल परिवारों को पहले के मुकाबले एक किलो अधिक आटा मिलेगा। अब एपीएल राशनकार्ड धारकों को 12 किलो के बजाय 13 किलो आटा प्रति राशनकार्ड दिया जाएगा। वहीं चावल के कोटे में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पहले की तरह 5 किलो चावल प्रति राशनकार्ड मिलेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने अक्टूबर महीने के लिए सस्ते राशन की इंटरनल टाइड ओवर एलोकेशन कर दी है। विभाग की ओर से प्रदेशभर के लिए राशन का आवंटन किया गया है। विभाग की निदेशक कुमुद सिंह ने बताया कि अक्टूबर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल परिवारों को 13 किलो आटा और 5 किलो चावल प्रति परिवार उपलब्ध करवाया जाएगा।

अक्टूबर में नवरात्र, दशहरा, करवाचौथ और महर्षि वाल्मीकि जयंती सहित कई त्योहार होने के कारण परिवारों का खर्च बढऩे वाला है। ऐसे में डिपुओं पर मिलने वाले आटे के कोटे में एक किलो की बढ़ोतरी से एपीएल परिवारों को कुछ राहत मिलेगी। पहले एपीएल परिवारों को 12 किलो आटा मिलता था, जबकि अक्टूबर में यह मात्रा बढ़ाकर 13 किलो कर दी गई है। विभाग की एलोकेशन के अनुसार अक्टूबर के लिए प्रदेश में कुल 16,685.13 मीट्रिक टन आटे का आवंटन किया गया है। इसमें 13,354.25 मीट्रिक टन आटा एपीएल परिवारों के लिए रखा गया है। इसके अलावा 2,327.27 मीट्रिक टन एपीएल और 837 मीट्रिक टन पीएचएच परिवारों के लिए आवंटित किया गया है। हलांकि चावल के कोटे में नहीं हुआ बदलाव है।

अक्टूबर के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कुल 8,341.32 मीट्रिक टन चावल की इंटरनल टाइड ओवर एलोकेशन की गई है। इसमें 6,388.71 मीट्रिक टन चावल एपीएल परिवारों के लिए निर्धारित किया गया है। वहीं 1,818.41 मीट्रिक टन बीपीएल और 134.20 मीट्रिक टन पीएचएच परिवारों के कोटे में शामिल किया गया है। एपीएल परिवारों के चावल के कोटे में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। अक्टूबर में भी प्रत्येक एपीएल राशनकार्ड पर 5 किलो चावल ही मिलेगा। विभाग के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कुल 19,58,895 राशनकार्ड धारक पंजीकृत हैं। इनमें सबसे अधिक 11,60,019 राशनकार्ड एपीएल श्रेणी के हैं।

17/09/2026

*वनडे टीम में खेलेंगे रोहित और विराट, वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैदान में करेंगे वापसी, टी-20 सीरीज को भी टीम का ऐलान*

भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली शामिल हैं। शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे। केएल राहुल उपकप्तान होंगे। रवींद्र जडेजा की आठ महीने बाद वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने अपना आखिरी मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी साल जनवरी में खेला था। ऑलराउंडर नमन धीर को पहली बार वनडे टीम में शामिल किया गया है। चोट की वजह से हार्दिक पांड्या टीम से बाहर हैं। वहीं विकेटकीपर ऋषभ पंत को भी जगह नहीं मिली है। टी-20 टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी टीम में बरकरार रखा गया है। रोहित-कोहली को वनडे टीम में जगह वनडे टीम में सबसे ज्यादा नजर रोहित शर्मा और विराट कोहली पर रहेगी। दोनों ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा लिया था। वनडे टीम में गिल, रोहित, विराट और ऋतुराज गायकवाड के रूप में टॉप ऑर्डर में कई विकल्प मौजूद हैं। यशस्वी जायसवाल को भी टीम में शामिल किया गया है।

वनडे टीम में आकीब नबी का नाम भी शामिल है। जम्मू-कश्मीर के इस ऑलराउंडर को पहले इंडिया ए टीम में मौका मिला था। जून में श्रीलंका ए के खिलाफ इंडिया ए के लिए उन्होंने गेंद से प्रभाव डाला था और एक अनऑफिशियल टेस्ट में 4 विकेट लिए थे। टी-20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर के पास रहेगी। उनके साथ वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर टीम में शामिल किया गया है। 15 साल के वैभव ने जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी पहली टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने तीन मैचों में 151 रन बनाए और सीरीज के आखिरी मैच में 81 रन की पारी खेली थी। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। मयंक यादव को भी टी-20 टीम में जगह मिली है। चोट से वापसी के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ जुलाई में टी-20 सीरीज खेली थी। टी-20 टीम में वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा के नाम नहीं हैं। वरुण चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ मौजूदा टी-20 सीरीज से बाहर हुए थे, जबकि हर्षित भी फिटनेस समस्या के कारण टीम से बाहर हैं।

मुंबई इंडियंस के नमन धीर की किस्मत का खुला पिटारा

मुंबई इंडियंस के नमन धीर को पहली बार भारतीय वनडे टीम में चुना गया है। नमन इससे पहले घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी पहचान बना चुके हैं। वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी के साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं। 2026 में उन्हें भारत की ए टीम के वनडे स्क्वॉड में भी जगह मिली थी।

वनडे टीम में इन्हें मौका

शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान/ विकेटकीपर), धु्रव जुरेल (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर।

टी-20 में ये शामिल

श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।

17/09/2026

*जेन ज़ी के साथ से होगा नशे का नाश, सीएम सुक्खू की अपील, प्रदेश सरकार की मुहिम का हिस्सा बनें नौजवान*

ऊना में एंटी चिट्टा वॉकाथॉन के दौरान सीएम सुक्खू की अपील, प्रदेश सरकार की मुहिम का हिस्सा बनें नौजवान

चिट्टे के उन्मूलन के लिए हिमाचल सरकार द्वारा अपनाई गई प्रभावी नीति को नारकोटिक्स ब्यूरो नॉर्दन इंडिया ने सराहते हुए अन्य राज्यों से हिमाचल मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया है। यह बात ऊना में चिट्टे के विरुद्ध जागरूकता अभियान के तहत निकाली गई वॉकाथान के दौरान मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने चिट्टे के विरुद्ध प्रभावी रणनीति अपनाते हुए कारगर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने सत्ता में आने के बाद चिट्टे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए पिट एनडीपीएस एक्ट को लागू किया। इसके तहत चिट्टे से अर्जित की गई अवैध संपत्ति को जब्त किया गया व बैंक खातों को फ्रीज किया गया। उन्होंने कहा कि चिट्टे से कमाई गई धन संपत्ति से बनाए गए सम्राज्य को धराशायी किया गया। सीएम सुक्खू ने कहा कि चिट्टे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना सरकार की प्रतिबद्धता रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार की प्रभावी कार्रवाई के चलते चिट्टे के मामलों में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षो के दौरान हिमाचल सरकार ने चिट्टे के समूल नाश के लिए प्रभावी कदम उठाए। चिट्टे के अवैध कारोबार में संलिप्त सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया। इसी का नतीजा है कि अब प्रदेश में चिट्टे के विरुद्ध एक माहौल तैयार किया गया है।

प्रदेश सरकार पूरे राज्य में जेन-जी व जेन अल्फा से लेकर युवाओं व अन्य नागरिकों को चिट्टे के दुष्प्रभावों को अवगत करवाने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाए हुए है। इसके दूसरे की आज ऊना में शुरुआत की गई। इसके बाद मंडी में वॉकाथान का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि चिट्टे की लत अमूमन 14 से 22 साल के युवाओं को टारगेट कर लगाई जाती है। इसी ऐज ग्रुप के बच्चों को हम जागरुरूक कर रहे है। उन्होंने कहा कि ऊना में आज आयोजित वॉकाथान में 35 डिग्री के करीब तापमान में हजारों बच्चे सडक़ों पर उतरे व चिट्टे के खिलाफ अभियान में संदेशवाहक बने। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री, विधायक राकेश कालिया, विधायक सुदर्शन बबलू, विधायक विवेक शर्मा, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा सहित तमाम कांग्रेस नेतृत्व व जिला प्रशासन स्वयं सडक़ों पर उतरकर विद्यार्थियों व युवा वर्ग के साथ मिलकर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जनजागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा बहुत कम उदाहरण होता है, जब नशे के खिलाफ बच्चों के साथ प्रदेश सरकार की पूरी कैबिनेट, मंत्री, विधायक व प्रशासनिक अमला सडक़ों पर उतरता है। उन्होंने कहा कि राज्य में चिट्टे पर नकेल कसना प्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धि है। सीएम सुक्खू ने कहा कि जेन-जी को नशे की आदत से बचाना मूल उददेश्य है, तथा इसके लेकर किसी को भी विरोधाभास नहीं होना चाहिए।

तथा चिट्टा मुक्त हिमाचल बनाने का संदेश दिया। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने ऊना में उमड़ी भीड़ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन में ऊना की यह जन भागीदारी सबसे बड़ी और रिकॉर्ड कायम करने वाली है।

युवाओं को पसंद आया मुख्यमंत्री सुक्खू का अंदाज

ऊना में आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकथॉन के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू युवाओं और जेन-जी के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री ने न केवल युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर वॉकथॉन में हिस्सा लिया, बल्कि उनके बीच घुल-मिलकर संवाद भी किया और उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। वॉकथॉन के दौरान मुख्यमंत्री काफी देर तक बच्चों और युवाओं के बीच रहे। उन्होंने उनसे बातचीत की, उनकी बातें सुनीं और नशे के खिलाफ इस मुहिम में उनकी भागीदारी को महत्त्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री का सहज और आत्मीय व्यवहार युवाओं को खासा पसंद आया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई में जेन-जी और युवाओं की भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है।

चिट्टे के खिलाफ जंग में शामिल हुए मुकेश अग्रिहोत्री

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बुधवार को मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में ऊना में आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकथॉन में शामिल हुए। इंदिरा स्टेडियम से बस स्टैंड तक आयोजित इस वॉकथॉन में 25 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें जिला भर के स्कूलों के बच्चों की संख्या सबसे अधिक रही। स्कूलों के बच्चों के साथ कॉलेजों सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने भी इसमें भाग लिया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ प्रदेशव्यापी मुहिम चल रही है। चिट्टा केवल हिमाचल ही नहीं, बल्कि देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या है। बाहर से होने वाली इसकी सप्लाई के कारण इसका प्रकोप प्रदेश के हर कोने तक पहुंच गया है। ऐसे में बच्चों और युवाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है।

नशे के खिलाफ जारी अभियान से पंचायतें भी जोड़ी

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की लड़ाई है। पुलिस तस्करों के खिलाफ अच्छा काम कर रही है। इस अभियान में पंचायतों को भी शामिल किया गया है। संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना मिलने पर सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि चिट्टे की तस्करी में महिलाओं और लड़कियों की संलिप्तता के मामले भी सामने आ रहे हैं, इसलिए समाज के हर वर्ग को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए कानून में आवश्यक संशोधनों पर भी काम किया जा रहा है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री से भी मुलाकात की गई है।

17/09/2026

*नालागढ़ में नशा तस्करों पर बद्दी पुलिस का आर्थिक प्रहार, चिट्टा तस्कर की डेढ़ करोड़ की संपत्ति सीज*

नालागढ़ में नशा तस्करों पर बद्दी पुलिस का आर्थिक प्रहार, दो एनडीपीएस मामलों में बड़ी कार्रवाई

नशा तस्करों की कमर आर्थिक रूप से तोडऩे की दिशा में बद्दी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नालागढ़ थाना में दर्ज दो एनडीपीएस मामलों में आरोपियों और उनके परिजनों के नाम की करीब 1.49 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है। एक मामले में 45.73 लाख रुपए के वाहन, दुकान और मकान, जबकि दूसरे मामले में न्यू नालागढ़ क्षेत्र में करीब 1.03 करोड़ रुपए कीमत का मकान और प्लॉट शामिल है। पहला मामला 22 फरवरी, 2023 को थाना नालागढ़ में दर्ज किया है। इसमें पुलिस ने आरोपी गगनदीप वर्मा उर्फ बिल्ला निवासी दत्तोवाल नालागढ़ के कब्जे से 6.53 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की थी। मामले की वित्तीय जांच के दौरान आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर करीब 45.73 लाख रुपए की संपत्ति सामने आई। इसमें 53 हजार रुपए कीमत की होंडा एक्टिवा स्कूटी, करीब 17.20 लाख रुपए की दो अल्ट्रोज कारें, 9.50 लाख की हुंडई वरना कार, दत्तोवाल स्थित करीब 12.50 लाख रुपए की दुकान और छह लाख रुपए कीमत का मकान शामिल है। पुलिस ने इन संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है।

दूसरा मामला सात मार्च, 2025 को थाना नालागढ़ में दर्ज किया गया। इसमें आरोपी सुरजन कुमार निवासी बीड़ प्लास मंझौली नालागढ़ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में 9.56 ग्राम हेरोइन और 77.770 ग्राम चरस बरामद की थी। वित्तीय जांच में आरोपी की पत्नी पूनम कौंडल के नाम पर अभिपुर फेज-दो, न्यू नालागढ़ कालोनी में आठ मरले के प्लॉट पर निर्मित मकान का पता चला। प्लॉट की कीमत करीब तीन लाख रुपए है, निर्माणाधीन मकान का अनुमानित बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपए आंका गया है। इस तरह करीब 1.03 करोड़ रुपए की इस संपत्ति को भी फ्रीज किया गया है। दोनों मामलों में बद्दी पुलिस ने कुल करीब 1.49 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति पर कार्रवाई की है।

अवैध कारोबार से बनाई संपत्तियों की पहचान

पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान ने कहा कि नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई अब केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनकी वित्तीय जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उन्हें फ्रीज अथवा जब्त किया जा रहा है। आर्थिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

17/09/2026

*पीएम मोदी, UPI टैक्स वापस लीजिए, इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल बोले, अमरीका… पढ़ें पूरी खबर*

इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल गांधी बोले, अमरीका के सामने आत्मसमर्पण गलत

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई पर केंद्र सरकार की तरफ से टैक्स लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी से यूपीआई पर लगने वाले टैक्स को वापस लेने की मांग की है। राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए यूपीआई टैक्स को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इंदिया जी से एक बार पूछा गया था कि उनका झुकाव किस तरफ ज्यादा है-लेफ्ट या राइट।

इस पर इंदिरा जी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उनका झुकाव किसी तरफ नहीं है, उनकी सोच बिल्कुल सीधी है। लेकिन मोदी जी का कॉन्सेप्ट ही अलग है। न वह बाईं तरफ हैं, न दाईं तरफ। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने सीधे लेटकर आत्मसमर्पण कर देने का फैसला कर लिया है। उन्होंने यूपीआई पर टैक्स लगाकर और अमरीका को बहुत बड़ी रकम देकर भारत के हर नागरिक पर टैक्स लगा दिया है।

केंद्र का जवाब, सरकार पर कोई विदेशी दबाव नहीं

यूपीआई पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने को लेकर विपक्ष के विदेशी दबाव के आरोपों पर सफाई देते हुए वित्त मंत्रालय ने साफ कहा है कि ये फैसला किसी भी विदेशी दबाव में नहीं लिया गया है। यूपीआई से जुड़े नीतिगत फैसले भारत अपने स्तर पर लेता है और इनका किसी विदेशी दबाव से कोई लेना-देना नहीं है। इनका मकसद डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आत्मनिर्भर, समावेशी और किफायती बनाना है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा।

16/09/2026

UPI का नया MDR नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

* ₹2,000 से अधिक के Merchant UPI Payment पर 0.4% MDR लगेगा।
* यह शुल्क व्यापारी (Merchant) देगा, ग्राहक से अलग से वसूलने की अनुमति नहीं है।
* ₹75,000 या उससे अधिक के सामान्य merchant transaction पर MDR अधिकतम ₹300 होगा।
* कुछ क्षेत्रों जैसे रेलवे, पेट्रोल/फ्यूल, टेलीकॉम, बीमा आदि में ₹5 का flat MDR होगा।
* दो व्यक्तियों के बीच UPI (P2P) पर यह शुल्क नहीं लगेगा।
* छोटे QR merchants, जिनकी UPI QR से मासिक प्राप्ति ₹1 लाख तक है, MDR से exempt रहेंगे।
* ग्रामीण और semi-urban क्षेत्रों के QR merchant payments भी fee-free रखे गए हैं।

उदाहरण: दुकान पर आपने ₹10,000 UPI से दिए → 0.4% = ₹40 MDR, लेकिन यह ₹40 आपसे नहीं, merchant side से लिया जाएगा।

15/09/2026

नित्थर में अंडर-19 छात्र वर्ग की खेलकूद प्रतियोगिता का शानदार आगाज
नित्थर: युवाओं में खेल प्रतिभा को निखारने और खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नित्थर में अंडर-19 (छात्र) वर्ग की खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आगाज हुआ। प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों से पहुंचे खिलाड़ी उत्साह और जोश के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न खेल मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
आयोजकों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं।
खेल मैदान में गूंजा जोश, नित्थर में युवा प्रतिभाओं ने दिखाया दम! 🏅👏

15/09/2026

*नालागढ़ में 154 करोड़ से बनेगा औद्योगिक पार्क, केंद्रीय टीम ने 150 एकड़ जमीन का किया निरीक्षण*

हिमाचल में औद्योगिक विस्तार और नए निवेश को आकर्षित करने की प्रदेश सरकार की कवायद अब जमीन पर आगे बढ़ती नजर आ रही है। नालागढ़ के मंझोली में करीब 154.39 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित औद्योगिक पार्क की दिशा में अहम प्रगति हुई है। केंद्र सरकार की टीम ने पार्क के लिए चयनित करीब 150 एकड़ भूमि का मौके पर निरीक्षण किया, जिसे प्रारंभिक जांच में परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया है। केंद्र की मंजूरी मिलने पर यह पार्क बीबीएन के औद्योगिक विस्तार को नई रफ्तार देने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है। प्रस्तावित पार्क को केंद्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना ‘भव्य’ के तहत विकसित करने की तैयारी है।
प्रदेश सरकार मंझोली के अलावा ऊना जिले के बीटन में करीब 75 एकड़ भूमि पर लगभग 80 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव भी केंद्र को भेज चुकी है। मंझोली में प्रस्तावित पार्क में सडक़, बिजली, पानी, ड्रेनेज सहित आधुनिक औद्योगिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत निवेशकों को तैयार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना हैे। प्रदेश सरकार हिमाचल में कुल चार औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। मंझोली और बीटन के प्रस्ताव केंद्र को भेजे जा चुके हैं।
निवेश बढ़ेगा, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
उद्योग विभाग के सदस्य सचिव विनीत ने बताया कि केंद्रीय टीम ने मंझोली में प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण कर इसकी फिजिबिलिटी का जायजा लिया है। प्रारंभिक स्तर पर भूमि परियोजना के लिए उपयुक्त पाई गई है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया को गति दी जाएगी।

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