01/11/2025
लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान के द्वारा आरटीओ दफ्तर को ताला लगाने से लोग बेहद परेशान
आरटीओ दफ्तर के कर्मचारियों ने कहा-ऑनलाइन ही भरें चालान जिसके चलते आरटीओ दफ्तर की 56 सेवाओं को सेवा केंद्र या फिर 1076 पर शिफ्ट करने के बाद भी लोग हैं बेहद परेशान
रिपोर्ट | संवाददाता रविंद्र भोगल लुधियाना
लुधियाना । भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान के आरटीओ दफ्तर में ताला लगाने से लोगों की गले की हड्डी बन आरटीओ दफ्तर जी हां यह सच है आपको बता दे कि आरटीओ दफ्तर की 56 सेवाओं को सेवा केंद्र या फिर 1076 पर शिफ्ट करने के बाद सीएम भगवंत मान ने आरटीओ दफ्तर को ताला लगा दिया।
इससे पूरे प्रदेश में यह संदेश चला गया कि दफ्तरों को पूर्ण बंद कर दिया।
लुधियाना वाले लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते कहीं ना कहीं चालान हर व्यक्ति को जिस कारण अपने चालान भुगतने ऑनलाइन मोड पर ही भरना होगा।
रीजनल ट्रांसपोर्ट दफ्तरों के कर्मचारी किसी भी व्यक्ति से किसी तरह की नकद राशि नहीं लेंगे। दफ्तरों को ताला लगाने के बाद सीएम या फिर किसी अधिकारी की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वाहनों के चालान कहां भरे जाएंगे अब लोग आरटीओ दफ्तर में अपने चालान भुगतने आए, लेकिन गेट बंद होने के कारण वो चालान नहीं भरवा सके। इस संबंध में आरटीओ के कर्मचारी भी स्पष्ट नहीं बता सके। आरटीओ कुलदीप बावा का कहना है कि दफ्तर में 260 के करीब चालान पेंडिंग हैं जो कि पुलिस की तरफ से आए हैं। उन्होंने बताया कि उन चालानों के बारे में जानकारी देने के लिए एक कर्मचारी को नियुक्त किया गया है। वह भी किसी से चालान की राशि नकद नहीं लेगा।
उधर, शुक्रवार को भी आरटीओ ने हॉल नहीं खुलवाया। उसी हॉल में चालान भुगतान करने के काउंटर भी थे लेकिन काउंटर वाला हॉल बंद होने के बाद वो वापस लौटते रहे। लोगों का कहना है कि अगर पंजाब सरकार में ऐसी कोई योजना लेकर आनी थी तो पहले इसकी सही व्यवस्था करनी चाहिए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े अब देखना यह होगा कि आरटीओ दफ्तर में भ्रष्टाचार जड़ से खत्म होगा या फिर आगे से भी ज्यादा और बढ़ जाएगा। क्योंकि अनपढ़ लोग कई ड्राइवरी लाइन से जुड़े हैं ज्यादा से ज्यादा वह पांचवी पास और आठवीं पास अगर इससे ज्यादा बात कर ली जाए तो 12वीं पास के व्यक्ति ड्राइवरी करते हैं मगर वो आरटीओ दफ्तर के बाहर एजेंटों के चक्कर में और अपना काम जल्दी करवाने के चक्कर में मोटी रकम अदा करते हैं क्योंकि उनका समय बच सके 1076नंबर जारी होने के कारण देखा जा रहा है कि आगे से ज्यादा रिश्वत और बढ़ेगी जिसके चलते लोग और परेशान होंगे।