27/05/2026
डिफेंडिंग नहीं अटैकिंग चैंपियन बोलिये. अपना टाइम आएगा, गली बॉय में रणवीर सिंह ने गाया था आरसीबी ने आईपीएल में 18 साल बाद ही सही, इसे साबित करके दिखाया है.
कोहली की टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है. इन्होंने गुजरात को हराया नहीं है, रगड़ा है, रौंदा है. प्लेआफ में पहुंचने तक आरसीबी और गुजरात के बराबर 18 अंक थे. रनरेट का थोड़ा अंतर, बाकी दोनों सेम पिच पर थे. अब क्वालीफायर में आरसीबी, गुजरात टाइटंस से 20 साबित हुई है.
इतने इंपॉर्टेंट मैच में टॉस गुजरात ने जीता था, आरसीबी को बैटिंग का न्योता दिया और फिर गिल के गेंदबाज बहती गंगा बन गए जहां बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने जमकर हाथ धोया. जिनके रन कम भी दिख रहे हैं, उनका स्ट्राइक रेट देख लीजिए. वेंकटेश अय्यर के 19, कोहली के 43, देवदत्त पडिकल के 30, क्रुणाल पांड्या के 43. सबने सीधा सिद्धान्त अपनाया कि गेंद देखो और मारो. विकेट की परवाह करना नहीं.
कप्तान रजत पाटीदार ने 33 गेंदों पर 9 छक्के और 5 चौकों की मदद से 93 रन कूटे. पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में साफ किया कि हमें ऐसे ही खेलना था. हम स्ट्राइक रेट को ध्यान में रखना चाहते थे. देखिए ना. रजत पाटीदार के 2 कैच छूटे लेकिन उनका अप्रोच नहीं बदला.
इसमें गुजरात टाइटंस की थोड़ी खराब गेंदबाजी और बहुत ज्यादा खराब फील्डिंग की भी भूमिका रही है. ग्राउंड में रन रोकना हो कि सही समय पर कैच पकड़कर गेंदबाजों की मदद करना, गुजरात के लड़के नाकाम रहे. यह बात कप्तान गिल ने भी एडमिट की है. रजत पाटीदार यदि सही समय पर आउट हो जाते और आरसीबी 200–215 तक ही पहुंचती तो नतीजा कुछ और हो सकता था.
255 का टार्गेट मिला तो फिर गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज पैनिक कर गए. हालांकि भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी और रसिख सलाम डार ने बेहतरीन गेंदबाजी की. भुवनेश्नर की जिस गेंद पर गिल आउट हुए, वह वैसी ही शानदार इनस्विंगर थी जिसके लिए वह जाने जाते हैं.
कप्तान पाटीदार ने साफ कहा कि हमने देखा था कि गुजरात के टॉप 3 बैटर्स के इर्द–गिर्द ही उनकी बल्लेबाजी घूमती है, तो हमने तय किया कि इनके टॉप ऑर्डर को पावरप्ले में ही समेट लो. गेंदबाजों ने वैसा ही किया और नतीजा सामने है. अकेले राहुल तेवतिया कहां तक लड़ते.
आरसीबी डोमिनेटिंग अंदाज में फाइनल में पहुंची है. गुजरात को और मौका मिलेगा. वहाँ मुकाबला राजस्थान या हैदराबाद से होगा. वे दोनों भी गुंडा टीम है. देखिए क्या होता है.