02/09/2026
व्याहुत कलवार के कुल देवता भगवान श्री बलभद्र जयंती पूजन महोत्सव हर्षोल्लास धूमधाम के साथ मनाया गया।
भगवान श्री बलभद्र पूजन महोत्सव को ले ढोल नगारा रथ पर सवार भगवान बलभद्र की झांकी के साथ निकाली भव्य शोभायात्रा।
सर्व कल्याण हेतू भगवान बलभद्र पूजन महोत्सव आयोजित , शोभायात्रा व धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम में आस्था की उमड़ी भीड़।
भगवान बलभद्र की प्रतिमा बना आकर्षण का केन्द्र सम्मान सह भक्ति मय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित नेपाल जनकपुर समेत जिला क्षेत्र से विभिन्न गांवों से स्वजाति हुए शामिल
जयनगर में बुधवार को व्याहुत कलवार समिति जयनगर के तत्वाधान में आयोजित व्याहुत कलवार समाज के कुल देवता भगवान श्री बलभद्र दाऊ बलराम भगवान जी के जयंती के शुभ अवसर पर पूजन महोत्सव सह धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम मेन रोड स्थित माड़वारी विवाह भवन परिसर में बड़े ही हर्षोल्लास और धूम धाम से मनाया गया। धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम का शुभारंभ विधिविधान के पूजा अर्चना कर रथ पर सवार भगवान बलभद्र , राधे कृष्ण , भोलेनाथ , वीर बजरंगी , सुदामा समेत अन्य देवी देवताओं की मनमोहक झांकीयों और ढोल नगारा बैंड बाजे के साथ स्वजाति के हजारों श्रद्धालुभक्त जन हाथों में बलभद्र ध्वज लिए हुए बलभद्र भगवान की जयकारों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम स्थल से प्रारम्भ होकर क्षेत्र में भर्मण करते हुए पवित्र कमला नदी पहुँच कर माँ कमला की विधिवत पूजा अर्चना कर कलशों में जल बोझकर क्षेत्र भर्मण करते हुए पूजन स्थल पहुँचा। श्री बलभद्र भगवान की जयकारें उद्घोष से क्षेत्र गुंजयमान और क्षेत्र भक्ति में मय का माहौल हो गया। पंडित अरविंद तिवारी के द्वारा यजमानों के साथ भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम दाऊ जिन्हें बलभद्र के नाम से जाना जाता है सजा धजा आकर्षक पूजन स्थल पर भगवान बल भद्र की मनमोहक प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा अर्चना मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। पूजन के पश्चात दिप प्रज्वलित कर धार्मीक अनुष्ठान , विशेष पूजा पाठ, भजन कीर्तन,महा आरती , भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम ,बल भद्र वंदना, स्वजातीय सम्मेलन परिचय और सम्मान कार्यक्रम भंडारा महाप्रसाद का आयोजन हुआ।वक्ताओं ने भगवान बलभद्र की कथा लीला पर प्रकाश डालते कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भगवान बलभद्र व्याहुत कलवार स्वजाति के कुल देवता है भगवान बलभद्र बलराम है जो भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई दाऊ है।भगवान श्री बलभद्र विष्णु के 19 वें अवतार है।व्याहुत स्वजाति के सभी के सहयोग से धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भक्तिमय गीत संगीत नृत्य सांस्कृतिक जागरण कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में बुजुर्गों, स्वजाति के सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
समिति के सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम के माध्यम से सर्व कल्याण, व्यवसाय और देश की तरक्की विश्व मे शांति महामारी से बचाव की कामना और सभी के मंगल कामना को लेकर यह धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम आयोजित की गई है। हम सभी संकल्प लें कि समाज को शिक्षित बना कर नशा पान नहीं करने, आपसी सौहार्द बनाये रखने, पीड़ित और निःसहाय की निःस्वार्थ भाव सेवा करने, देश के लिए एकता , धर्म और सत्कर्म के मार्गो पर चलने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया। धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम में जयनगर और आसपास गांवो एवं जनकपुर नेपाल व जिला क्षेत्र के जयनगर , बासोपट्टी, कलुआही, गोबराही, देवधा, वीरपुर , महिनाथपुर , माल टोल, दुहबी, डीह टोल, बरदेपुर समेत अन्य गांवो एवं नेपाल के स्वजाति बड़ी संख्या में धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम में शामिल हुए। मौके पर सफल आयोजन को लेकर व्याहुत कलवार समिति का गठन किया गया है। समिति का अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार गुड्डू, कार्यकारिणी अध्यक्ष संजीव कुमार छोटू, संयोजक संतोष कुमार साह, संरक्षक अवध किशोर साह,सुरेश प्रसाद, अच्छे लाल प्रसाद,श्री नारायण साह, छट्ठी लाल साह, कृष्ण कांत प्रसाद, राम विलास साह, बैधनाथ प्रसाद, गोपाल साह, योगेन्द्र साह,डॉ. सत्यनारायण प्रसाद, जितेंद्र प्रसाद, हरिशंकर प्रसाद ,विनोद प्रसाद गुप्ता, महासचिव विनोद साह, सचिव शम्भू प्रसाद, जय प्रकाश साह, सोनू साह, भोला साह , कोषाध्यक्ष अजय प्रसाद, सह कोषाध्यक्ष विजय साह, अजय प्रसाद मुन्ना उपाध्यक्ष शम्भू साह, मीडिया प्रभारी सत्यदेव प्रसाद , डॉ. दीपेंद्र कुमार समेत युवाओं की टीम में चन्दन कुमार साह, रमेश कुमार चौधरी, राजा बाबू गुप्ता, अविनाश कुमार प्रसाद, पप्पू कुमार, सूरज साह समेत कई सदस्यों स्वजाती ने सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया। हजारों की संख्या में व्याहुत कलवार समिति के महिला, पुरुष, युवा ,युवतियों बच्चों श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम में भाग लिया। भगवान बल भद्र की प्रतिमा और शोभायात्रा व कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बना रहा।