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Its cover 11 panchayat and one nagar panchyat and Other village like deorh & Kisnipatti etc............

18/12/2025

घोघरडीहा में प्राइवेट हॉस्पिटल जांच करते जिला की टीम।
घोघरडीहा में प्राइवेट अस्पतालों की जांच के लिए जिला प्रशासन की टीम (स्वास्थ्य विभाग) समय-समय पर छापेमारी और निरीक्षण करती रहती है, खासकर जब अवैध या गैर-पंजीकृत क्लिनिक या गलत इलाज की शिकायतें आती हैं, जिससे अस्पतालों में सुविधाओं, डॉक्टरों की योग्यता और नियमों के पालन की स्थिति की जाँच की जाती है, और हाल ही में भी ऐसी टीमें सक्रिय रही हैं।
जांच के मुख्य कारण और प्रक्रिया:
शिकायतों पर कार्रवाई: अक्सर मरीजों या उनके परिजनों की शिकायतें, जैसे गलत इलाज, ज़्यादा बिल वसूलना या सुविधाओं की कमी, जांच का मुख्य कारण बनती हैं।
नियमित निरीक्षण: स्वास्थ्य विभाग (जिला स्वास्थ्य समिति) अपने क्षेत्र के सभी अस्पतालों और क्लिनिकों का नियमित रूप से निरीक्षण करता है, जिसमें घोघरडीहा के अस्पताल भी शामिल हैं।
अवैध क्लिनिकों पर कार्रवाई: बिना पंजीकरण (Registration) के चल रहे या नियमों का उल्लंघन करने वाले प्राइवेट प्रैक्टिस या हॉस्पिटल को बंद करवाने के लिए टीमें छापेमारी करती हैं।
सुविधाओं का जायजा: टीम यह देखती है कि अस्पताल में डॉक्टर, नर्स, दवाएं और अन्य सुविधाएं सही हैं या नहीं, और क्या वे सभी सरकारी मानकों (Standards) का पालन कर रहे हैं।
हालिया स्थिति (संभावित):
मधुबनी जिले के घोघरडीहा क्षेत्र में अक्सर ऐसे ऑपरेशन चलते रहते हैं, जहां जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्राइवेट अस्पतालों की जांच करती हैं ताकि मरीजों को बेहतर और सही इलाज मिल सके और किसी तरह की धांधली न हो।

#घोघरडीहा

#फुलपरास
#फुलपरासविधानसभा

17/11/2024
...🌹...शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :--जटाएं : -------शिव की जटाएं अंतरिक्ष का प्रतीक हैं।चंद्र :-----चंद्...
28/01/2023

...🌹...
शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :--

जटाएं : -------
शिव की जटाएं अंतरिक्ष का प्रतीक हैं।

चंद्र :-----
चंद्रमा मन का प्रतीक है। शिव का मन चांद की तरह भोला, निर्मल, उज्ज्वल और जाग्रत है।

त्रिनेत्र : ----
शिव की तीन आंखें हैं। इसीलिए इन्हें त्रिलोचन भी कहते हैं। शिव की ये आंखें सत्व, रज, तम (तीन गुणों), भूत, वर्तमान, भविष्य (तीन कालों), स्वर्ग, मृत्यु पाताल (तीनों लोकों) का प्रतीक हैं।

सर्पहार : ----
सर्प जैसा हिंसक जीव शिव के अधीन है। सर्प तमोगुणी व संहारक जीव है, जिसे शिव ने अपने वश में कर रखा है।

त्रिशूल :------
शिव के हाथ में एक मारक शस्त्र है। त्रिशूल भौतिक, दैविक, आध्यात्मिक इन तीनों तापों को नष्ट करता है।

डमरू : -----
शिव के एक हाथ में डमरू है, जिसे वह तांडव नृत्य करते समय बजाते हैं। डमरू का नाद ही ब्रह्मा रूप है।

मुंडमाला :----
शिव के गले में मुंडमाला है, जो इस बात का प्रतीक है कि शिव ने मृत्यु को वश में किया हुआ है।

छाल : ----
शिव ने शरीर पर व्याघ्र चर्म यानी बाघ की खाल पहनी हुई है। व्याघ्र हिंसा और अहंकार का प्रतीक माना जाता है। इसका अर्थ है कि शिव ने हिंसा और अहंकार का दमन कर उसे अपने नीचे दबा लिया है।

भस्म : -----
शिव के शरीर पर भस्म लगी होती है। शिवलिंग का अभिषेक भी भस्म से किया जाता है। भस्म का लेप बताता है कि यह संसार नश्वर है।

वृषभ : -----
शिव का वाहन वृषभ यानी बैल है। वह हमेशा शिव के साथ रहता है। वृषभ धर्म का प्रतीक है। महादेव इस चार पैर वाले जानवर की सवारी करते हैं, जो बताता है कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष उनकी कृपा से ही मिलते हैं।

इस तरह शिव-स्वरूप हमें बताता है कि उनका रूप विराट और अनंत है, महिमा अपरंपार है। उनमें ही सारी सृष्टि समाई हुई है।

जय शिव शंकर नमामि शंकर
जय शिव शंकर शंभो
🙏🙏❤️🙏❤️🙏🙏

भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ी तो उनका अंतिम संस्कार किया गया, उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया, लेकिन उनका हृदय ब...
04/01/2023

भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ी तो उनका अंतिम संस्कार किया गया, उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया, लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक जिन्दा आदमी की तरह धड़क रहा था और वो बिलकुल सुरक्षित था , उनका हृदय आज तक सुरक्षित है, जो भगवान् जगन्नाथ की काठ की मूर्ति के अंदर रहता है और उसी तरह धड़कता है, ये बात बहुत कम लोगो को पता है!

महाप्रभु का महा रहस्य
सोने की झाड़ू से होती है सफाई....!

महाप्रभु जगन्नाथ(श्री कृष्ण) को कलियुग का भगवान भी कहते है.... पुरी (उड़ीसा) में जग्गनाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ निवास करते है, मगर रहस्य ऐसे है कि आजतक कोई न जान पाया...!

हर 12 साल में महाप्रभु की मूर्ती को बदला जाता है,उस समय पूरे पुरी शहर में ब्लैकआउट किया जाता है, यानी पूरे शहर की लाइट बंद की जाती है,लाइट बंद होने के बाद मंदिर परिसर को crpf की सेना चारो तरफ से घेर लेती है,उस समय कोई भी मंदिर में नही जा सकता...!

मंदिर के अंदर घना अंधेरा रहता है...पुजारी की आँखों मे पट्टी बंधी होती है...पुजारी के हाथ मे दस्ताने होते है..वो पुरानी मूर्ती से "ब्रह्म पदार्थ" निकालता है और नई मूर्ती में डाल देता है...ये ब्रह्म पदार्थ क्या है आजतक किसी को नही पता...इसे आजतक किसी ने नही देखा. ..हज़ारो सालो से ये एक मूर्ती से दूसरी मूर्ती में ट्रांसफर किया जा रहा है....!

ये एक अलौकिक पदार्थ है जिसको छूने मात्र से किसी इंसान के जिस्म के चिथड़े उड़ जाए... इस ब्रह्म पदार्थ का संबंध भगवान श्री कृष्ण से है...मगर ये क्या है ,कोई नही जानता,भगवान जगन्नाथ और अन्य प्रतिमाएं उसी साल बदली जाती हैं, जब साल में आसाढ़ के दो महीने आते हैं। 19 साल बाद यह अवसर आया है,वैसे कभी-कभी 14 साल में भी ऐसा होता है, इस मौके को नव-कलेवर कहते हैं....!

मगर आजतक कोई भी पुजारी ये नही बता पाया की महाप्रभु जगन्नाथ की मूर्ती में आखिर ऐसा क्या है ???

कुछ पुजारियों का कहना है कि जब हमने उसे हाथ में लिया तो खरगोश जैसा उछल रहा था...आंखों में पट्टी थी...हाथ मे दस्ताने थे तो हम सिर्फ महसूस कर पाए...!

आज भी हर साल जगन्नाथ यात्रा के उपलक्ष्य में सोने की झाड़ू से पुरी के राजा खुद झाड़ू लगाने आते है...!

भगवान जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार से पहला कदम अंदर रखते ही समुद्र की लहरों की आवाज अंदर सुनाई नहीं देती, जबकि आश्चर्य में डाल देने वाली बात यह है कि जैसे ही आप मंदिर से एक कदम बाहर रखेंगे, वैसे ही समुद्र की आवाज सुनाई देंगी...!

आपने ज्यादातर मंदिरों के शिखर पर पक्षी बैठे-उड़ते देखे होंगे, लेकिन जगन्नाथ मंदिर के ऊपर से कोई पक्षी नहीं गुजरता,झंडा हमेशा हवा की उल्टी दिशामे लहराता है, दिन में किसी भी समय भगवान जगन्नाथ मंदिर के मुख्य शिखर की परछाई नहीं बनती!

भगवान जगन्नाथ मंदिर के 45 मंजिला शिखर पर स्थित झंडे को रोज बदला जाता है, ऐसी मान्यता है कि अगर एक दिन भी झंडा नहीं बदला गया तो मंदिर 18 सालों के लिए बंद हो जाएगा!

इसी तरह भगवान जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर एक सुदर्शन चक्र भी है, जो हर दिशा से देखने पर आपके मुंह आपकी तरफ दीखता है!

भगवान जगन्नाथ मंदिर की रसोई में प्रसाद पकाने के लिए मिट्टी के 7 बर्तन एक-दूसरे के ऊपर रखे जाते हैं, जिसे लकड़ी की आग से ही पकाया जाता है, इस दौरान सबसे ऊपर रखे बर्तन का पकवान पहले पकता है।

भगवान जगन्नाथ मंदिर में हर दिन बनने वाला प्रसाद भक्तों के लिए कभी कम नहीं पड़ता, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि जैसे ही मंदिर के पट बंद होते हैं वैसे ही प्रसाद भी खत्म हो जाता है और भी कितनी ही आश्चर्यजनक चीजें हैं, हमारे सनातन धर्म की।

जय हो सनातन धर्म की 🙏🙏

श्री जगन्नाथ जी की जय 🚩

23/12/2022
23/12/2022

यूपी के मिर्जापुर की रहने वाली सानिया मिर्जा ने इतिहास रच दिया है. सानिया ने NDA एग्जाम पास करके देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बनने की तरफ कदम बढ़ा दिया है. टीवी मकैनिक शाहिद अली की बेटी सानिया 27 दिसंबर से NDA जॉइन करेगी और फिर वायुसेना में फाइटर पायलट के तौर पर प्रशिक्षण लेगी.

28/04/2022
08/01/2022

Ghoghardiha Railway Station Final CRS

30/11/2021

GameStack Hit

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