18/07/2026
बरसात के दिनों में अपने पशुओं की देखभाल कैसे करें?
बरसात का मौसम किसानों और पशुपालकों के लिए जितना लाभदायक होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी होता है। इस मौसम में नमी, कीचड़ और गंदगी के कारण पशुओं में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यदि समय रहते उचित देखभाल की जाए तो पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और दूध उत्पादन व उनकी कार्यक्षमता भी बनी रहती है।
1. पशुशाला की साफ-सफाई रखें
बरसात के मौसम में पशुशाला में पानी जमा नहीं होना चाहिए। फर्श सूखा और साफ रखें तथा पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें। गोबर और गंदगी की नियमित सफाई करें ताकि मक्खी, मच्छर और अन्य कीटों का प्रकोप कम रहे।
2. संतुलित एवं स्वच्छ आहार दें
पशुओं को ताजा, साफ और पौष्टिक चारा खिलाएं। फफूंदी लगा, सड़ा-गला या बदबूदार चारा बिल्कुल न दें, क्योंकि इससे पेट संबंधी रोग हो सकते हैं। हरे चारे के साथ सूखा चारा और आवश्यकतानुसार खनिज मिश्रण तथा नमक भी दें।
3. स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएं
बरसात में दूषित पानी से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए पशुओं को हमेशा साफ और ताजा पानी ही पिलाएं तथा पानी की टंकियों और बर्तनों की नियमित सफाई करें।
4. समय पर टीकाकरण कराएं
बरसात के मौसम में गलघोटू (HS), लंगड़ा बुखार (BQ), खुरपका-मुंहपका (FMD) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार समय पर टीकाकरण और कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाएं।
5. खुरों की नियमित देखभाल करें
कीचड़ और नमी के कारण पशुओं के खुरों में संक्रमण और सड़न हो सकती है। पशुओं के खुरों को नियमित रूप से साफ करें और सूखा रखें। आवश्यकता होने पर पशु चिकित्सक की सलाह से दवा का उपयोग करें।
6. मक्खी और मच्छरों से बचाव
बरसात में मक्खी और मच्छर तेजी से बढ़ते हैं, जो कई बीमारियों का कारण बनते हैं। पशुशाला की सफाई रखें और सुरक्षित कीट नियंत्रण उपाय अपनाएं।
7. बीमार पशु को अलग रखें
यदि किसी पशु को बुखार, खांसी, दस्त, भूख न लगना या दूध उत्पादन में अचानक कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे अन्य पशुओं से अलग रखें और तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाएं।
8. बारिश और ठंडी हवा से सुरक्षा
लगातार भीगने से पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। इसलिए बारिश के दौरान उन्हें सुरक्षित शेड में रखें और तेज हवा तथा ठंड से बचाव की व्यवस्था करें।
निष्कर्ष
बरसात के मौसम में थोड़ी-सी सावधानी पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचा सकती है। स्वच्छ पशुशाला, पौष्टिक आहार, साफ पानी, समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच से पशु स्वस्थ रहते हैं, जिससे दूध उत्पादन बढ़ता है और पशुपालकों की आय पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए हर पशुपालक को बरसात के मौसम में अपने पशुओं की विशेष देखभाल अवश्य करनी चाहिए।