15/02/2026
रुचि तिवारी वाली घटना में मोदी ही इनेबलर है:
१. ‘ब्राह्मणों से आजादी, मनुवाद से आजादी’ के नारे लगे: आपने कहा छात्र हैं, डिसेंट है
२. दीवारों पर ‘ब्राह्मणों भारत छोड़ो’, ‘ब्राह्मण-बनिया वापस जाओ’, ‘वी आर कमिग फॉर यू’, ‘देयर विल बी ब्लड’ लिखे गए: आप चुप रहे, कुछ नहीं बोले केवल डिबेट में दूसरे प्रवक्ताओं को चुप कराने के लिए आपने इसका प्रयोग किया
३. आगे नारे जेनोसाइडल हुए, ‘ब्राह्मणों की कब्र खुदेगी’, ‘ब्राह्मणों की छाती पर, बिरसा फूले अम्बेडकर’, ‘इनको मारो जूते चार’ आए, हिंसा बढ़ती गई नारों में: आप चुप रहे, ब्राह्मण घृणा का नॉर्मलाइजेशन होता गया
४. कल रुचि तिवारी को उसके ब्राह्मण होने के कारण पीछे के लड़कों द्वारा ‘इसे वहाँ ले चल, इलाज करेंगे’ की योजना बन रही थी, और वामपंथी लड़कियों ने उसकी हत्या के प्रयास किए: आप आज भी चुप हैं, संभवतः एक वीडियो ढूँढ रहे होंगे जहाँ उसने भाजपा की आलोचना की हो, ताकि उसे सोरोस एजेंट बताया जा सके।
तो पूरा एक पैटर्न है कि आपने एक कैम्पस के नारों से दीवारों पर ग्रैफिटी, फिर हिंसक नारे, हत्याकांड की धमकी वाले नारों से होते हुए, आज एक लड़की की गैंगरेप और हत्या के प्रयास तक यह जातिवादी घृणा पहुँची है।
ये सब 2014 के बाद हुआ, सोशल मीडिया पर दिखा और आप लगातार चुप रहते रहे। फिर इसका क्रेडिट और किसको दे दिया जाए? इस सरकार ने कितनी बार जेएनयू-जाधवपुर जैसे विश्वविद्यालयों के प्रशासन को कहा कि यह जातिवादी घृणा नहीं चलेगी?
कितनी बार यूजीसी ने कहा कि कैम्पस पर यह अस्वीकार्य है? आपने एक कैम्पस से इसे मल्टी-कैम्पस बनाया, फिर यह मवाद सोशल मीडिया पर पसरा, फिर आपने SC/ST Act का हथियार दिया, फिर आपने कम्पाउंड किया इस घृणा को, उनके हाथ सशक्त किए, और आज एक ब्राह्मण लड़की के कपड़े फाड़ने और गला दबा कर हत्या की चेष्टा आपकी पुलिस के सामने हो रही है, तो इनेबलर कौन हुआ?
Loktantra Express