22/05/2026
“किस्मत ने इसके पैर छीन लिए…
लेकिन इसके हौसले नहीं छीन पाई।
सोचिए…
जहाँ लोग छोटी सी हार से टूट जाते हैं,
वहीं ये भाई बिना दोनों पैरों के भी ट्रक चलाकर अपना घर चला रहा है।
ना किसी से शिकायत…
ना जिंदगी से हार…
बस मेहनत, जज़्बा और खुद पर भरोसा।
ये इंसान दुनिया को एक ही बात सिखा रहा है—
अगर दिमाग मजबूत हो और इरादे ज़िंदा हों,
तो अधूरा शरीर भी पूरी जिंदगी जीत सकता है।
सलाम है ऐसे मेहनती इंसान को…”