13/06/2026
मंदिर में दिया गया दान आस्था का प्रतीक है लेकिन किसी जरूरतमंद की मदद करना मानवता की सबसे बड़ी पूजा है। भगवान केवल मंदिरों में ही नहीं बल्कि उन लोगों की आंखों में भी बसते हैं जो सहायता की उम्मीद में बैठे हैं। जब हम किसी बीमार असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति का सहारा बनते हैं तब हमारा दान सीधे किसी के जीवन में खुशियां और उम्मीद लेकर आता है
सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि दूसरों के दुख को समझने और उसे कम करने के प्रयास में भी है। यदि हमारी छोटी-सी सहायता किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है तो इससे बड़ा पुण्य और कोई नहीं। भगवान भी उसी हृदय में निवास करते हैं जहाँ करुणा सेवा और मानवता का भाव होता है
दान का सबसे सुंदर रूप वह है, जो किसी जरूरतमंद के जीवन में नई आशा जगा दे