18/04/2026
पुलिस प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो क्लिप अधूरी एवं भ्रामक है तथा लगाए गए आरोप निराधार।
पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं अन्य द्वारा गिरफ्तारी देने के दौरान हुए घटनाक्रम पर तथ्यों का विवरण।
हिसार पुलिस द्वारा आज पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा गिरफ्तारी देने के दौरान हुए घटनाक्रम तथा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो अधूरा एवं भ्रामक है, जिससे वास्तविक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
दिनांक 16.04.2026 को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार में इनसो संगठन द्वारा किए गए घटनाक्रम के संबंध में थाना शहर हिसार में जजपा नेताओं/कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था तथा बीती रात उनमें से 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसी क्रम में दिनांक 17.04.2026 को दुष्यंत चौटाला लाजपत नगर, हिसार स्थित कार्यालय में दोपहर 12:05 बजे पहुंचे और एक प्रेस वार्ता की। इसके उपरांत दिग्विजय चौटाला भी कार्यालय में पहुंच गए। प्रेस वार्ता के पश्चात लगभग 50/60 कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी देने की घोषणा करते हुए सभी थाना शहर हिसार की ओर रवाना हुए।
थाना शहर हिसार पहुंचकर उन्होंने सभी को एक साथ गिरफ्तार करने की मांग की। मौके पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि जिन व्यक्तियों के नाम मुकदमे में दर्ज हैं, वही अपनी गिरफ्तारी दे सकते हैं, परंतु सभी व्यक्तियों की गिरफ्तारी संभव नहीं है। इस पर वे बिना गिरफ्तारी दिए वहां से रवाना हो गए।
इसी दौरान, इंचार्ज सीआईए मिलगेट हिसार अपनी ड्यूटी पूर्ण कर पुरानी सब्जी मंडी रोड से होते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर जा रहे थे। ठंडी सड़क मार्ग पर पीछे से तेज गति से सायरन बजाते हुए वाहनों का काफिला आया।
इस दौरान एक स्कॉर्पियो गाड़ी द्वारा ओवरटेक कर सरकारी वाहन को टक्कर मारने का प्रयास किया गया। इसके बाद एक अन्य स्कॉर्पियो, जिस पर लाइट लगी हुई थी, ने भी तेज गति से वाहन को क्रॉस किया, जिससे दुर्घटना होते-होते बची।
स्थिति को स्पष्ट करने हेतु जब अधिकारी द्वारा वाहन रोका गया, तो दुष्यंत चौटाला के साथ आए कुछ कार्यकर्ता व सुरक्षाकर्मी अचानक वाहन के पास पहुंचे और वाहन की खिड़की खोलकर उन्हें नीचे उतारने का प्रयास किया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारी के पास कोई हथियार नहीं था, जो वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
घटना के दौरान सीआईए स्टाफ के कर्मचारी राजकुमार के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे वह सड़क पर गिरते-गिरते बचा। यह पूरा घटनाक्रम उपलब्ध वीडियो में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
पुलिस प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो क्लिप अधूरी एवं भ्रामक है तथा लगाए गए आरोप निराधार हैं। इसके अतिरिक्त पूरे मामले की जांच एक उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा करवाई जा रही है। इस संबंध में तथ्यात्मक वीडियो पुलिस द्वारा जारी किया जा रहा है।