Champion stories

Champion stories champion stories

राइफलमैन अखिलेश कुमार पांडेय असम राइफल्स (AR) के एक जांबाज सैनिक थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदा...
17/04/2026

राइफलमैन अखिलेश कुमार पांडेय असम राइफल्स (AR) के एक जांबाज सैनिक थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
शहादत की घटना (22 मई 2016)
22 मई 2016 को, राइफलमैन अखिलेश कुमार उस क्विक रिएक्शन टीम (QRT) का हिस्सा थे, जो शिव मंदिर इलाके से बटालियन मुख्यालय की ओर जा रही थी। मणिपुर के चंदेल जिले में जौपी (Joupi) के पास उग्रवादियों ने सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया।
आतंकवादियों ने AK राइफल्स, लाइट मशीन गन (LMG) और लाठोड ग्रेनेड लॉन्चर जैसे भारी हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। ऐसी कठिन परिस्थिति में भी अखिलेश कुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया और जवाबी कार्रवाई की, जिससे आतंकवादी पीछे हटने को मजबूर हो गए। इस भीषण गोलीबारी में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए।
व्यक्तिगत विवरण
बल: 29 असम राइफल्स
शहादत के समय आयु 29 वर्ष
उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे—एक बेटा (तब 5 वर्ष) और एक बेटी (तब 4 वर्ष)—शामिल थे। उन्हें उनकी वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए सदैव याद किया जाता है। उनका नाम असम राइफल्स के उन वीर शहीदों में शामिल है जिन्होंने पूर्वोत्तर में शांति बनाए रखने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

Veerta Chakra (Bronze Murals)Battle of Longewalaलौंगेवाला की लड़ाई का यह विवरण वास्तव में गर्व महसूस कराने वाला है। आपने...
16/04/2026

Veerta Chakra (Bronze Murals)
Battle of Longewala
लौंगेवाला की लड़ाई का यह विवरण वास्तव में गर्व महसूस कराने वाला है। आपने 1971 के युद्ध की इस निर्णायक घटना का बहुत ही सटीक वर्णन किया है।
इस गौरवशाली इतिहास में कुछ और महत्वपूर्ण बातें जो इसे और भी खास बनाती हैं:
मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का साहस: 23 पंजाब की 'ए' कंपनी का नेतृत्व मेजर (बाद में ब्रिगेडियर) कुलदीप सिंह चांदपुरी कर रहे थे। उनके पास केवल 120 जवान थे, फिर भी उन्होंने पीछे हटने के बजाय दुश्मन की पूरी टैंक रेजिमेंट का सामना करने का फैसला किया।
हंटर विमानों का कहर: क्योंकि हंटर विमान रात में उड़ान नहीं भर सकते थे, इसलिए पंजाब रेजिमेंट के जवानों ने पूरी रात अकेले दुश्मन को रोके रखा। जैसे ही सुबह की पहली किरण फूटी, जैसलमेर से उड़े वायुसेना के विमानों ने रेगिस्तान में फंसे पाकिस्तानी टैंकों को तबाह कर दिया।
ऐतिहासिक स्मारक: आज भी लौंगेवाला में उस युद्ध के अवशेष देखे जा सकते हैं। वहां एक युद्ध स्मारक (War Memorial) बनाया गया है जहाँ दुश्मन के वे टैंक आज भी मौजूद हैं जिन्हें भारतीय सेना ने नष्ट किया था।

Param Vir Chakra 10 Sep. 1967सी क्यू एम एच अब्दुल हमीदसी क्यू एम एच अब्दुल हमीद 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेम करन ...
04/04/2026

Param Vir Chakra
10 Sep. 1967
सी क्यू एम एच अब्दुल हमीद
सी क्यू एम एच अब्दुल हमीद 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेम करन सेक्टर में चौथी ग्रेनेडियर्स में सेवारत थे। 10 सितंबर 1965 को पाकिस्तानी सेना ने पैटन टैंकों के साथ खेम करन सेक्टर पर हमला कर दिया। एक जीप पर लगी आर सी एल गन टुकड़ी की कमान संभाले सी क्यू एम एच अब्दुल हमीद बगल में पोजिशन लेने के लिए बढ़े। दुश्मनों की भीषण गोलाबारी और टैंकों की बमबारी के बीच उन्होंने दुश्मन के अग्रवर्ती टैंक को ध्वस्त कर दिया और फुर्ती से अपनी पोजिशन बदलते हुए दूसरे टैंक को भी नष्ट कर दिया। तब तक वे दुश्मन के टैंकों की नजर में आ चुके थे और उनकी जीप पर भीषण गोलीबारी होने लगी । सी क्यू एम एच अब्दुल हमीद बिना किसी डर के अपने स्थान पर डटे रहे और गोलाबारी करते रहे तथा अपनी टुकड़ी को प्रेरित करते रहे। गंभीर रूप से घायल होने से पहले उन्होंने सात पाकिस्तानी टैंकों को ध्वस्त कर दिया। असाधारण वीरता, प्रेरक नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए सी क्यू एम एच अब्दुल हमीद को मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

Csk vs punjab Kon hogga ajj ka champion Csk 👍Punjab ❤️
03/04/2026

Csk vs punjab
Kon hogga ajj ka champion
Csk 👍
Punjab ❤️

Param Vir Chakra लेफ्टिनेंट कर्नल ए बी तारापोरलेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशीर बुरज़ोरजी तारापोर 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरा...
01/04/2026

Param Vir Chakra
लेफ्टिनेंट कर्नल ए बी तारापोर
लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशीर बुरज़ोरजी तारापोर 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान स्यालकोट सेक्टर में पूना हॉर्स रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे। 11 सितंबर 1965 को 17 पूना हॉर्स पर शत्रु के बख्तरबंद टैंको द्वारा भारी जवाबी हमला किया गया। रेजिमेंट ने शत्रु के हमले को नाकाम कर दिया और अपनी जगह डटे रहकर वीरतापूर्वक फिल्लौरा पर आक्रमण कर दिया। घायल होने के बावजूद लेफ्टिनेंट कर्नल तारापोर ने सुरक्षित स्थान पर ले जाए जाने से मना कर दिया और वजीरवाली, जसोरन तथा बुतुर-डोगरांडी पर कब्जा करने में अपनी रेजिमेंट का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व से प्रेरित होकर पूना हॉर्स ने 60 पाकिस्तानी टैंकों को ध्वस्त कर दिया। इस लड़ाई के दौरान, लेफ्टिनेंट कर्नल तारापोर के टैंक पर एक गोला आकर टकराया जिससे टैंक में आग लग गई और वे शूरवीर की तरह वीरगति को प्राप्त हुए। उनके द्वारा छः दिनों तक प्रदर्शित वीरता भारतीय सेना की उच्चतम परंपराओं के अनुकूल थी जिसके लिए लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशीर बुरज़ोरजी तारापोर को मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

Param Vir Chakraमेजर शैतान सिंहमेजर शैतान सिंह जम्मू कश्मीर के लद्दाख सेक्टर में लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर रेज़ांग ला म...
31/03/2026

Param Vir Chakra
मेजर शैतान सिंह
मेजर शैतान सिंह जम्मू कश्मीर के लद्दाख सेक्टर में लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर रेज़ांग ला में कुमाऊं रेजिमेंट की तेरहवीं बटालियन की एक कंपनी की कमान संभाले हुए थे। 18 नवंबर 1962 को बहुत बड़ी संख्या मे चीनी सैनिकों ने उनके ठिकाने पर जबरदस्त हमला किया। मेजर शैतान सिंह इस ऑपरेशन के दौरान पूरी तरह हावी रहे और इस विकट स्थिति में व्यक्तिगत खतरा उठाते हुए एक प्लाटून पोस्ट से दूसरे तक जाकर अपने सैनिकों का मनोबल बनाए रखा। गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद वह अपने सैनिकों को प्रेरित करते हुए उनका नेतृत्व करते रहे। सैनिक भी अपने अफसर के बहादुरीपूर्ण उदाहरण का अनुकरण करते हुए वीरतापूर्वक लड़े और दुश्मनों को भारी क्षति पहुंचाई। जब उनके सैनिकों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया तो उन्होंने मना कर दिया और अपनी अंतिम सांस तक उन्हें लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते रहे। उनके इस उत्कृष्ट वीरता, प्रेरक नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

30/03/2026

Ajj ka champion kon?
Chennai wale👍kare
Rajasthan Wale ❤️

Address

Mandi Dabwali
Mandi Dabwali
125014

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Champion stories posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Champion stories:

Shortcuts

Share