15/06/2026
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
हिमाचल प्रदेश सरकार,
शिमला (H.P.)
माननीय शिक्षा मंत्री महोदय,
हिमाचल प्रदेश सरकार,
शिमला (H.P.)
विषय: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में रिक्त चल रहे 3150+ PGT (स्कूल लेक्चरर) पदों पर कमीशन के माध्यम से सीधी भर्ती और नोटिफिकेशन जारी करने हेतु अत्यंत आवश्यक एवं भावुक आग्रह।
आदरणीय महोदय,
हम आपका ध्यान हिमाचल प्रदेश के हजारों शिक्षित और बेरोजगार PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) अभ्यर्थियों की गंभीर स्थिति और हमारे प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भविष्य की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। प्रदेश के युवा वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब हमारा धैर्य और उम्मीद जवाब दे रहे हैं।
इस पत्र के माध्यम से हम अपनी कुछ बेहद संवेदनशील और मुख्य चिंताओं को आपके समक्ष रख रहे हैं:
1. स्कूलों में 3150+ PGT पद रिक्त: छात्रों की पढ़ाई का भारी नुकसान
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 3150 से अधिक PGT के पद खाली चल रहे हैं। इसका सीधा असर हमारे प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के गरीब छात्रों पर पड़ रहा है। कई स्कूलों में मुख्य विषयों (जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, इंग्लिश आदि) के शिक्षक ही नहीं हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है। जब शिक्षक ही नहीं होंगे, तो हमारे प्रदेश का शैक्षणिक स्तर कैसे सुधरेगा?
2. ओवर-एज (Over-Age) होने की कगार पर पहुंचे अभ्यर्थी
हजारों योग्य अभ्यर्थी जो दिन-रात PGT कमीशन की तैयारी कर रहे हैं, लंबे समय से भर्ती न आने के कारण अब सरकारी सेवा के लिए निर्धारित आयु सीमा (Over-age) को पार करने की कगार पर हैं। अगर जल्द ही विज्ञापन या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो वर्षों की मेहनत और उच्च शिक्षा की डिग्रियां (M.Sc., MA, B.Ed.) धरी की धरी रह जाएंगी और हम बिना परीक्षा में बैठे ही दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
3. सामाजिक और पारिवारिक दबाव: "लाइब्रेरी क्यों जाते हो?"
भर्ती प्रक्रिया में इस ठहराव के कारण अभ्यर्थियों को अपने ही घरों में बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। हमारे बुजुर्ग माता-पिता, जिन्होंने अपनी जमा-पूंजी हमारी पढ़ाई पर लगा दी, अब थके हुए कदमों से हमसे पूछते हैं—"जब PGT कमीशन की कोई परीक्षा ही नहीं आ रही, तो तुम रोज लाइब्रेरी क्यों जाते हो? अब यह पढ़ाई छोड़ो और कोई छोटा-मोटा काम-धंधा ढूंढो।" अपने माता-पिता के इन सवालों का हमारे पास कोई जवाब नहीं होता।
4. अभ्यर्थियों का बढ़ता मानसिक उत्पीड़न (Mental Harassment)
एग्जाम, करियर का कोई अता-पता न होना, समाज के ताने, परिवार की आर्थिक उम्मीदें और लगातार गुजरता वक्त—इन सब ने मिलकर हिमाचल के युवाओं को भयानक मानसिक अवसाद और उत्पीड़न (Mental Harassment) के दौर में धकेल दिया है। हम सिर्फ अपने हक के लिए एक पारदर्शी परीक्षा और रोजगार का अवसर मांग रहे हैं।
हमारी आपसे करबद्ध प्रार्थना (Request):
आप जन-हित और युवा-हित के प्रति संवेदनशील सरकार के मुखिया हैं। हमारी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि:
स्कूलों में खाली चल रहे इन 3150+ PGT पदों में से सीधी भर्ती (कमीशन परीक्षा) के हिस्से के पदों को तुरंत अधिसूचित (Notify) किया जाए।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) संस्था को भर्ती का विज्ञापन जल्द से जल्द जारी करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि युवाओं को मानसिक तनाव से मुक्ति मिले और वे परीक्षा की तैयारी में जुट सकें।
हमें पूरा विश्वास है कि आप हिमाचल के बेरोजगार युवाओं के दर्द और स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य को समझते हुए इस विषय पर त्वरित और ठोस निर्णय लेंगे।
धन्यवाद।
समस्त PGT (स्कूल लेक्चरर) अभ्यर्थी,
हिमाचल प्रदेश।