22/12/2016
पाँच साल के इन्तजार बाद बन रही हैं गलियाँ, उसमें भी गोलमाल
न्यू शांति नगर कालोनी में नाली-खड़जों में लगाई जा रही है घटिया सामग्री, नागरिकों में रोष
जेई के सामने उखाड़कर दिखायी ईटें
मथुरा । जनता वर्षों उम्मीद रखती है जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटती है, निहोरे करती है तब कहीं जाकर कालोनी की एक सड़क बनने का समय आता है । उसमें भी ठेकेदार और सम्बन्धित अधिकारियों की मिलीभगत से र्निमाण कार्य में मानक की बजाय घटिया सामग्री लगाकर जनता पर एहसान किया जाता है । कुछ एैसा ही हो रहा है मालगोदाम रोड किनारे बसी वार्ड नम्बर 39 की न्यू शांति नगर कालोनी में ।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सभासद से कई वर्षों की मनुहार और नगर पालिकाध्यक्षा को कई प्रार्थना पत्र देने के बाद जैसे-तैसे इस कालोनी की गलियों में नाली र्निमाण और टाइल्स लगने का कार्य स्वीकृत हुआ है । लेकिन उसमें भी अब ठेकेदार मानक विपरीत कार्य कर रहा है । नाली बनाने में घटिया ईटों का प्रयोग किया गया है तो वहीं बदरपुट के स्थान पर स्तरहीन क्रेशर प्रयोग की जा रही है । न्यू शांति नगर निवासी नारायणी देवी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार के आदमी मनमर्जी तरीके से मसाला तैयार करते हैं जिसमें एक परात सीमेंट के साथ 10 से 12 परात क्रेशर डाली जा रही है । वहीं पीरा ईंट का प्रयोग नालियों के बनाने में किया गया है । जबकि मानकानुसार अब्बल ईंट का प्रयोग होना चाहिये । पाॅंच दिन पूर्व लगायी गयीं ईंटे अभी से उखड़ रही हैं ।
गुरूवार को इस शिकायत पर पालिका के जेई शुशील निगम कालोनी में पहुॅचें तो आक्रोशित लोगों ने अपने भवनों के सामने लगी हुईं ईंटों का उखाड़कर दिखाया। भगवत शरण, टीकाराम, श्री राम शर्मा आदि निवासियों ने कहा कि जब नगर पालिका पर्याप्त धन दे रही है तो काॅलोनी में स्तरहीन कार्य क्यूँ करवाया जा रहा है । क्या स्थानीय सभासद का इस कार्य की निगरानी करने का कर्तव्य नहीं बनता है । आरोप है कि नालियों में लगाई गयीं खराब ईंटे सभासद की सहमति से ही आ रही हैं । जीवन सिंह, अजीत, विनोद, कृष्णमुरारी, छीतरमल शर्मा, रमेश खण्डेलवाल, सुमन वर्मा, आदि निवासियों ने विरोध जताते हुये नालियों में गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रयोग कराये जाने की मांग की है ।
षिकायत का निस्तारण किया जायेगा। मसाले में बदरफुट और सीमेन्ट 4ः1 के अनुपात में होना चाहिये । कालोनीवासी अपने सामने खड़े होकर मसाला बनवायें ।
- शुषील निगम, जेई,
पुरानी ईंटे उखड़कर ही नालियों में लगानी थीं लेकिन हम नई ईंटे लगवा रहे हैं। 4200 प्रति हजार की ईंटें मंगाई गयी हैं । एक लाॅट खराब आ गया था, उसे बदलवा दिया गया है । मसाले में अनुपात 6ः1 का रखा जा रहा है ।
- सुमित अग्रवाल, नगरपालिका ठेकेदार
मैं बाहर गया हुआ था, आज ही लौटा हूँ, दोयम ईंट और खराब मसाले की षिकायत आयी थी । अब आकर देखूंॅगा ।
- रामनरेष अग्रवाल, सभासद वार्ड न. 39