Bhakti Path of Lord Krishna

Bhakti Path of Lord Krishna This page is created to acknowledge the people about the divinity of Lord Krishna. This page also depicts the sights and presence of Krishna in Mathura

🪷*पुण्य किसी को*    *दगा नहीं देता है...!*           *और*      *पाप किसी का*      *सगा नहीं होता है...!!**जो कर्म को समझ...
28/07/2026

🪷*पुण्य किसी को*
*दगा नहीं देता है...!*
*और*
*पाप किसी का*
*सगा नहीं होता है...!!*

*जो कर्म को समझता है*
*उसे धर्म को समझने की*
*जरूरत नहीं है...!!!*

┅•••⊰❉!!श्री!!❉⊱•••┅
🌿💞Զเधे गोविंद💞🌿

28/07/2026

Bhakti Path of Lord Krishna

28/07/2026

🌿 सावन की पावन कथा 🌿

सावन (श्रावण मास) हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस महीने का सीधा संबंध भगवान Shiva से है। मान्यता है कि इस समय की गई भक्ति, जप, व्रत और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
🌊 समुद्र मंथन की कथा
सावन की महिमा का सबसे प्रमुख आधार समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है। जब देवता और दानव मिलकर अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन कर रहे थे, तब सबसे पहले एक भयंकर विष निकला, जिसे हलाहल कहा गया।

यह विष इतना घातक था कि पूरे ब्रह्मांड को नष्ट कर सकता था। तब सभी देवता भगवान शिव की शरण में गए।

भगवान शिव ने समस्त सृष्टि की रक्षा के लिए उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। विष के प्रभाव से उनका कंठ नीला हो गया, और तभी से वे नीलकंठ कहलाए।

कहा जाता है कि यह घटना सावन मास में हुई थी। विष की तीव्रता को शांत करने के लिए देवताओं ने शिवजी को जल अर्पित किया। तभी से सावन में जलाभिषेक की परंपरा शुरू हुई।

💧 कांवड़ और जल अर्पण का महत्व

सावन में भक्त गंगाजल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उस घटना की स्मृति है जब भगवान शिव को विष की ज्वाला से राहत देने के लिए जल चढ़ाया गया था।

इसलिए कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

💛 माता पार्वती की तपस्या

एक अन्य कथा के अनुसार, देवी Parvati ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।

उन्होंने कई वर्षों तक उपवास और साधना की, और अंततः सावन मास में उनकी तपस्या सफल हुई। भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया।

इसी कारण सावन का महीना विवाह और प्रेम के लिए भी शुभ माना जाता है, और अविवाहित कन्याएँ अच्छे वर की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं।

🕉️ सावन सोमवार का महत्व

सावन के प्रत्येक सोमवार को विशेष रूप से शिवजी की पूजा की जाती है।
मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और सच्चे मन से “ॐ नमः शिवाय” का जप करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

🌿 सावन का आध्यात्मिक संदेश

सावन केवल व्रत और पूजा का महीना नहीं है,
यह हमें सिखाता है—

त्याग (जैसे शिव ने विष पिया)

समर्पण (जैसे पार्वती ने तप किया)

भक्ति (जैसे भक्त जल अर्पित करते हैं)


“जैसे वर्षा धरती को हरियाली देती है,
वैसे ही सावन भक्ति से जीवन को भर देता है।”


🙏 हर हर महादेव! 🙏

🌧️🌿 सावन – भक्ति, प्रेम और हरियाली का दिव्य संगम 🌿🌧️सावन का महीना आते ही जैसे पूरी प्रकृति ही बदल जाती है…धरती हरियाली क...
28/07/2026

🌧️🌿 सावन – भक्ति, प्रेम और हरियाली का दिव्य संगम 🌿🌧️

सावन का महीना आते ही जैसे पूरी प्रकृति ही बदल जाती है…
धरती हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, बादल झूम-झूम कर बरसते हैं, और हर ओर एक मधुर सी ठंडक, एक सुकून सा एहसास फैल जाता है।
लेकिन सावन केवल बारिश का मौसम नहीं है…
यह भक्ति का मौसम है, प्रेम का मौसम है, और सबसे बढ़कर भगवान शिव की कृपा का महीना है।

इस पावन मास में हर दिल अपने आप ही “हर हर महादेव” जपने लगता है।
मंदिरों में घंटियों की ध्वनि, “बम बम भोले” के जयकारे, और कांवड़ियों की आस्था—सब मिलकर एक ऐसा दिव्य वातावरण बना देते हैं, जो मन को भीतर तक छू जाता है।

सावन हमें केवल पूजा-पाठ नहीं सिखाता,
बल्कि यह हमें समर्पण और श्रद्धा का अर्थ भी समझाता है।

जब भक्त कांवड़ लेकर दूर-दूर से गंगाजल लाते हैं और शिवलिंग पर अर्पित करते हैं,
तो यह केवल एक परंपरा नहीं होती…
यह उनके प्रेम, उनके विश्वास और उनकी भक्ति का प्रतीक होता है।

सावन का हर सोमवार विशेष होता है।
कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और जीवन में शांति व सुख का वास होता है।

लेकिन इस महीने की सबसे सुंदर बात यह है कि
यह हमें प्रकृति से जुड़ना सिखाता है।

बारिश की बूंदों में, पेड़ों की हरियाली में, मिट्टी की खुशबू में—
हर जगह हमें भगवान का ही स्वरूप दिखाई देता है।

सावन हमें यह याद दिलाता है कि
जैसे बारिश सूखी धरती को जीवन देती है,
वैसे ही भक्ति हमारे सूखे मन को प्रेम और शांति से भर देती है।

यह महीना हमें थोड़ा रुकने,
अपने भीतर झांकने,
और भगवान के साथ अपने संबंध को मजबूत करने का अवसर देता है।

आज के इस व्यस्त जीवन में,
जहाँ हर कोई दौड़ रहा है,
सावन हमें एक पल ठहरने और अपने मन की आवाज़ सुनने का संदेश देता है।

“सावन की हर बूंद में शिव का आशीर्वाद है,
हर हरियाली में उनकी कृपा का विस्तार है…
जो इस महीने में भक्ति में डूब जाए,
उसका जीवन ही साकार है…”


🙏आइए इस सावन,
केवल बारिश का आनंद ही न लें,
बल्कि अपने मन को भी भक्ति की बारिश में भीगने दें…

हर हर महादेव! 🙏

🌼कदम्बसूनकुण्डलं सुचारुगण्डमण्डलं,व्रजांगनैकवल्लभं नमामि कृष्णदुर्लभम् ।यशोदया समोदया सगोपया सनन्दया,युतं सुखैकदायकं नमा...
28/07/2026

🌼कदम्बसूनकुण्डलं सुचारुगण्डमण्डलं,
व्रजांगनैकवल्लभं नमामि कृष्णदुर्लभम् ।
यशोदया समोदया सगोपया सनन्दया,
युतं सुखैकदायकं नमामि गोपनायकम् ॥३॥

🌸जिनके कानों में कदम्बपुष्पों के कुंडल हैं,
जिनके अत्यन्त सुन्दर कपोल हैं तथा
व्रजबालाओं के जो एकमात्र प्राणाधार हैं,
जो गोपगण और नन्दजी के सहित
अति प्रसन्न यशोदाजी के संग विराजमान हैं,
आनन्ददायक हैं,
ऐसे दुर्लभ गोपनायक गोपाल
भगवान श्रीकृष्ण को नमस्कार है।
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

🌸जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है, जो होगा वो भी अच्छा ही होगा।Bhakti Path of Lord Krishna
28/07/2026

🌸जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है, जो होगा वो भी अच्छा ही होगा।
Bhakti Path of Lord Krishna

🌸 #चातुर्मास महात्म्य🌸 चातुर्मास सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र काल है, जो आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) से प्रारंभ ह...
26/07/2026

🌸 #चातुर्मास महात्म्य🌸

चातुर्मास सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र काल है, जो आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) तक चलता है। इन चार महीनों में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और संसार के संचालन का दायित्व देवताओं को सौंपते हैं।

🌼 चातुर्मास का आध्यात्मिक महत्व🌼

यह समय संयम, साधना और आत्मशुद्धि का माना जाता है।
ऋषि-मुनि एक स्थान पर रहकर तप, जप और ध्यान करते हैं।
भक्तों के लिए यह भक्ति को गहरा करने का श्रेष्ठ अवसर है।
मन, वाणी और कर्म को शुद्ध करने का विशेष काल है।

🌿 चातुर्मास के चार महीने और उनका भाव

1. आषाढ़ (देवशयनी से शुरू)
👉 भक्ति का संकल्प और नियम की शुरुआत
2. श्रावण
👉 भगवान शिव और विष्णु की विशेष पूजा, जप-तप में वृद्धि
3. भाद्रपद
👉 व्रत, कथा, सत्संग और दान का महत्व
4. कार्तिक (देवउठनी तक)
👉 दीपदान, तुलसी पूजन और भक्ति का चरम

🙏 चातुर्मास में क्या करें👇🏻

प्रतिदिन भगवान का नाम जप करें
व्रत और नियम का पालन करें (जैसे एक समय भोजन, सात्विक आहार)
तुलसी पूजन और दीपदान करें
भजन-कीर्तन, कथा और सत्संग में भाग लें

🚫 चातुर्मास में क्या न करें👇🏻

तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन आदि) से बचें
अनावश्यक यात्रा और भोग-विलास से दूरी रखें
क्रोध, झूठ और नकारात्मकता से बचें

✨ पौराणिक मान्यता

मान्यता है कि जब भगवान विष्णु शयन करते हैं, तब प्रकृति भी शांत और अंतर्मुखी हो जाती है। इसलिए यह समय बाहरी गतिविधियों से अधिक आत्मिक उन्नति के लिए उपयुक्त माना गया है।

🌸 चातुर्मास का गहरा संदेश

“जीवन की भागदौड़ में कुछ समय ऐसा भी हो,
जब मन भगवान के चरणों में ठहर जाए।
चातुर्मास वही पावन अवसर है—
जहाँ भक्ति से आत्मा का मिलन होता है।”

Bhakti Path of Lord Krishna

🌸तुम्ही हो माता पिता तुम्ही होतुम्ही हो बंन्धु सखा तुम्ही होतुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो... 🌼तुम्ही हो साथी तुम्ही सहार...
25/07/2026

🌸तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो
तुम्ही हो बंन्धु सखा तुम्ही हो
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो...

🌼तुम्ही हो साथी तुम्ही सहारे
कोई ना अपना सिवा तुम्हारे
तुम्ही हो नैया तुम्ही हो खिवईया
तुम्ही हो बंन्धु सखा तुम्ही हो
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो...

🌸जो खिल सके ना वो फुल हम है
तुम्हारे चरणो की धूल हम है
दया की दृष्टी सदा ही रखना
तुम्ही हो बंन्धु सखा तुम्ही हो
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो...
Bhakti Path of Lord Krishna

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