08/12/2025
दिनांक 7 दिसंबर 2025 को पंख प्रकाशन द्वारा पंडित प्यारेलाल शर्मा सभागार, मेरठ में एक गरिमामयी साहित्यिक समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर कवि सुरेंद्र खेड़ा द्वारा रचित काव्य–संग्रह “उड़ता पंछी” का भव्य लोकार्पण ओज के प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पंवार जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं बुद्ध वंदना के साथ अत्यंत शालीनता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ।
पुस्तक की समीक्षा एवं विचार:-
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. किरण सिंह ने “उड़ता पंछी” को हिंदी साहित्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि कवि सुरेंद्र खेड़ा की यह रचना मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और जीवन के विविध आयामों को छूती हुई पाठकों की चेतना को झकझोरने की क्षमता रखती है।
डॉ. हरिओम पंवार जी ने पुस्तक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—
“यह कृति विचारों का ऐसा सार–संग्रह है, जिसमें समाज के महत्वपूर्ण विषयों को अत्यंत सरल, सहज और शुद्ध भाषा में पिरोया गया है। यह वास्तव में हिंदी साहित्य की एक अनूठी और महत्वपूर्ण रचना है।”
पुस्तक की भूमिका प्रसिद्ध साहित्यकार एवं ग़ज़लकार श्री मंगल सिंह मंगल ने लिखी है। उन्होंने कहा कि यह काव्य–संग्रह सरल भाषा, स्पष्ट भाव, और गहरी सामाजिक संवेदना का संगम है। उनके अनुसार यह पुस्तक हिंदी साहित्य में एक उत्कृष्ट काव्य–धरोहर के रूप में स्थापित होने जा रही है।
विशिष्ट अतिथि एवं गणमान्य उपस्थितियाँ:-
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आर. के. भटनागर रहे।
अति विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अतुल कृष्ण बौद्ध ने मंच की शोभा बढ़ाई।
विशिष्ट अतिथियों में—
श्री अरुण पाल आत्रेय (प्रधानाचार्य, किसान इंटर कॉलेज मोहद्दीनपुर)
डॉ. नीलम मिश्रा ‘तरंग’ (संस्थापक, राष्ट्रीय काव्य संग्रह मंच)
श्री डोरी लाल भास्कर (संरक्षक)
श्री मंगल सिंह मंगल (समीक्षक)
श्री सम्राट सांगवान (प्रबंधक, किसान इंटर कॉलेज)
श्री सत्या पाल सत्यम (वरिष्ठ कवि)
साथ ही श्री दीवान गिरी एवं श्री विशंभर दयाल अवस्थी (प्रधानाचार्य, खुर्जा) ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
कार्यक्रम का सुचारु संचालन श्री राम गोपाल ‘भारतीय’ जी ने किया।
कवि सुरेंद्र खेड़ा एवं उनकी धर्मपत्नी रीना खेड़ा ने सभी अतिथियों, साहित्य–प्रेमियों एवं आगंतुकों का शॉल ओढ़ाकर एवं पुस्तक भेंट कर हृदय से आभार व्यक्त किया।
कवि ने “उड़ता पंछी” की रचना–यात्रा, अपने जीवन–संघर्ष, और इस पुस्तक के निर्माण में आए उतार–चढ़ावों को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से साझा किया।
कार्यक्रम में पंख प्रकाशन के निदेशक श्री नीतीश राजपूत ने सभी उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर आदि जनपदों से बड़ी संख्या में साहित्य–प्रेमी उपस्थित रहे।
Pankh Prakashan