B M OFF

B M OFF ​"Decoding politics and social trends. My personal point of view on the issues that shape our nation. Neutral. Direct. Honest."

16/02/2026

Another 14 Feb Gone without Valintine 🥹 Now Relationship status: Independently owned and operated 🥺

ये मीटिंग लखनऊ तक क्यों सीमित है ? लखनऊ कोचिंग क्लास लोकल में क्यों बदलाव नहीं दिखा पा रही ?   लखनऊ से जो आदेश मिले वो ल...
15/02/2026

ये मीटिंग लखनऊ तक क्यों सीमित है ? लखनऊ कोचिंग क्लास लोकल में क्यों बदलाव नहीं दिखा पा रही ? लखनऊ से जो आदेश मिले वो लोकल में ना दिखे तो क्या ही मतलब हुआ फोटो देखने का कितनी भीड़ आई !!

   केवल एक पार्टी नहीं   बहन जी ने   के विरोध में 4 लाइन का ट्वीट किया उसके बाद अखिलेश यादव ने फिल्म के विरोध में सोशल म...
08/02/2026

केवल एक पार्टी नहीं बहन जी ने के विरोध में 4 लाइन का ट्वीट किया उसके बाद अखिलेश यादव ने फिल्म के विरोध में सोशल मीडिया पर 400 लाइन का निबंध लिखा आज बीजेपी ने फिल्म का विरोध किया !
अब बीजेपी के तमाम सांसद ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग करी है !
जबकि शाहरुख की पठान मूवी को फ्लॉप बैन करने पूरी बीजेपी लगी फिर भी कर नहीं पाई इसके अलावा अनेक मूवी को सत्तारूढ़ी दल हिट करवाने का प्रयास किया पर करवा नहीं पाई !

वही बहन जी ने आजतक तीन मूवी का विरोध किया तीनों डब्बे में घुस गई !
१ आरक्षण मूवी जिसमें दलित समाज के प्रति नफरत एजेंडा परोसने की कोशिश करी तब बहन जी मूवी बैन कर दी जिसके बाद निर्देशक प्रकाश झा कोर्ट गए, कोर्ट ने उन्हें संवेदना को ध्यान में रखते हुए फिल्म में बड़े बदलाव एवम् कुछ संवादों को बिल्कुल हटाने का आदेश दिया,
बाद में प्रकाश झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गलती स्वीकार करी और बहन जी से फिल्म पर प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया किंतु बहन जी ने फिर भी मूवी पर प्रतिबंध नहीं हटाया क्योंकि जो बात विनम्रता से राज्य सरकार कहने से हो सकती बावजूद उसके प्रकाश झा कोर्ट में जाकर सरकार को पीछे हटने की मनसा दिखा रहे थे !

२ आजा नचले एक गाने में दलित समाज के प्रति असंवेदनशीलता दिखाई तब बहन जी आदेश दिए इस गाने को हटाओ लेकिन निर्माता निर्देशकों अनदेखी अनसुनी करी तब मूवी को पहले सिनेमा घरों में आने दिया और शो शुरू होने से पहले बैन लगा दिया,
फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा और आदित्य चोपड़ा के हाथ पैर फूल गए लिखित में सार्वजनिक माफ़ी मांगी गाना हटाया और भारी नुकसान हुआ फिल्म यशराज बैनर की सबसे फ्लॉप फिल्म बनी,
३ अब घूसखोर पंडित फिल्म शुरू होने से पहले ही डब्बे में गई जबकि बहन जी अब मुख्यमंत्री भी नहीं है !

बहन जी फिल्में तो नहीं देखती किंतु पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी नींव बहन जी ने ही रखी थी !
मुंबई दौरे के दौरान बहन जी को तब्बू, शत्रुघ्न सिन्हा, अक्षय कुमार , अरुण गोविल ( रामायण वाले ) संजय खान , वृंदा फलाकर ( दादा साहिब फालके की पौती) को आर्थिक मदद करी एवं उनके निमंत्रण पर बहन जी उस कार्यक्रम गई जिसकी पूरी रिपोर्टिंग सैयद फ़िरदौस अशरफ ने करी थी !

सर्वजन हिताए सर्वजन सुखाए बसपा का नारा चित्रार्थ होते स्पष्ट दिख रहा है,
इस मूवी से दलितों का कुछ लेना देना नहीं और
खुद पंडित समाज भी भारी विरोध दर्ज करने के बावजूद मूवी को रोकने में असमर्थ था,
जिसे बहन जी के 4 लाइन के ट्वीट ने खत्म कर दिया !
Absolute Power का कोई और उदाहरण आपको मालूम हो तो कृपया अवगत कराए !!

Baba Manish

    मुस्लिम मुझे सोशल मीडिया पर संत रैदास और नुसरत फते अली खा के गाने के साथ रील बनाते दिख रहे है, जबकि सवर्ण नाम मात्र ...
01/02/2026


मुस्लिम मुझे सोशल मीडिया पर संत रैदास और नुसरत फते अली खा के गाने के साथ रील बनाते दिख रहे है, जबकि सवर्ण नाम मात्र भी नहीं है,

उस्ताद नुसरतफती अली खा ने संत रैदास पर बेहतरीन कांवली गाई, जबकि हिन्दू गायकों ने मुस्लिमों पर तो खूब सूफी गाने गाए पर संत रैदास पर कोई भजन नहीं बनाए !!

मुस्लिमों ने राजनीति के कारण संत रैदास का सम्मान नहीं किया वे सभी मुस्लिम अधिकांश पाकिस्तानी फाल्क है !!

मारासी समुदाय ने तो पूरा एल्बम संत रैदास पर बनाया, मारासी ना वे हिंदू में गिने गए थे, ना मुस्लिमों में , ना सिंख पंथ सरदारों में उल्टा इनका तो उनका बहिष्कार ही सरदारों ने किया क्योंकि वे धूम्रपान करते थे !!

पूर्व में सर्वणों में राजपूत समाज रहा जिसने गोगा पीर पर मुस्लिम धर्मगुरु रखा और संत रैदास को अपने धार्मिक गुरुओं की तरह श्रद्धा अर्पित किए !!

वर्तमान में परिस्थित पूरी तरह बदल चुकी है, इसका मुख्य कारण राजनीति और चमार/जाटव समाज का मजबूत होना है, कोई भाईचारा या सामाजिक चेतना नहीं है, यहीं एक कारण रहा पूर्व में एक सुल्तानपुरिया चमार/जाटव रहे जिन्होंने पीर पूजने को मान्यता दी थी !!

अब   पर मुस्लिम   पिछड़ा भी प्रदर्शन कर दे तो   क्या करेंगे ?
29/01/2026

अब पर मुस्लिम पिछड़ा भी प्रदर्शन कर दे तो क्या करेंगे ?

ऊंट के मुंह में जीरा चले पर जीरा ऊंट पर ना चढ़ता, जिसे समस्या उसके तो तुम चरणवंदना करो और हमें टारगेट करो, इतना ना हमे ल...
28/01/2026

ऊंट के मुंह में जीरा चले पर जीरा ऊंट पर ना चढ़ता, जिसे समस्या उसके तो तुम चरणवंदना करो और हमें टारगेट करो, इतना ना हमे लिबरल होना चाहिए ना आपको ! नमस्ते

"मंडल आयोग लागू करो, वरना कुर्सी खाली करो"ये नारा    कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे भारत में गूंजा हर सड़क हर नुक्कड इस नारे क...
27/01/2026

"मंडल आयोग लागू करो, वरना कुर्सी खाली करो"
ये नारा कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे भारत में गूंजा हर सड़क हर नुक्कड इस नारे की चर्चा थी, और भारत सरकार पर दबाव बनाया गया !
प्रधानमंत्री वीपी सिंह जी की सभी मुलाकात उस समय मान्यवर कांशीराम साहिब से हुआ करती थी, चूंकि बसपा कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में पिछड़ों को जगाने उनका हक अधिकार दिलाने के लिए अनेक विरोध सहे पर बसपा पीछे ना हटी तब अनेक दौर की वार्ता के बाद आधिकारिक घोषणा से पहले भी वीपी सिंह और मान्यवर कांशीराम जी ने एक बंद कमरे की मीटिंग करी थी !
उस समय लालू यादव, मुलायम सिंह यादव जी, दोनों मुख्यमंत्री थे और शरद यादव केंद्र में मंत्री सभी सत्ता की मलाई का आनंद ले रहे थे,
आप पूरे इतिहास में समाजवादी और राजद के द्वारा एक धरना प्रदर्शन नहीं खोज सकते जो मंडल आयोग के समर्थन में स्पष्ट रूप से सड़को पर किया गया हो !!

अंत में सारा क्रेडिट पिछड़े नेताओं लेने आए कहने लगे हमने दबाव बनाया ,

अब #यूजीसी पर पिछड़ों का समर्थन या विरोध करने से पहले इनके पिछड़े नेताओं का स्टैंड स्पष्ट पता होना जरूरी है,

जयंत चौधरी केंद्र में मौज ले रहे है, अखिलेश यादव छोटे शंकरचार्य बने हुए है, तेज प्रताप विदेश घूमने की प्लानिंग कर रहे है, राहुल गांधी हमेशा की तरह टकराव की स्थिति बनते ही भाग खड़े होते है,

जब तक इनका क्लियर स्टैंड ना हो जाए दलित फ्रंट पर नहीं आएगा और सवर्ण ऑनलाइन बकैतो को समझना चाहिए जो अनावश्य दलितों के विरोध में खून की ऑनलाइन उल्टी कर रहे है, अगर दलित समर्थन पहले कर गए तो किसी के पिताजी भी इस नियम को लागू करने से रोक ना पाए ,
आपको पिछड़ों से समस्याएं तो उनसे निपटों इन के बीच में अंबेडकर या दलितों का नाम आया तो समझ ले ये 1990 का दलित नहीं है, ये chatgpt पर फोटो बना के ऑनलाइन तमाशा नहीं करते !! नमस्ते !!
फोटो :– प्रधानमंत्री श्री वीपी सिंह जी मंडल कमीशन के दौरान मान्यवर कांशीराम साहिब की सलाह लेते हुए दूसरा फोटो बसपा का OBC पिछड़ों हितों में चलाई मुहिम जेल भरो आंदोलन का एक पंपलेट !!

        पिछड़ों के नेता ही पिछड़ों की आवाज नहीं उठाते ना इनका समाज इनसे नाराज होता तो दलित क्यों इनकी हक अधिकार के लिए प...
26/01/2026

पिछड़ों के नेता ही पिछड़ों की आवाज नहीं उठाते ना इनका समाज इनसे नाराज होता तो दलित क्यों इनकी हक अधिकार के लिए पीसे ?

पिछड़ों को स्पष्ट संदेश आना जरूरी है, दलित क्यों बिना मतलब कुंदा फांदी किए ?
25/01/2026

पिछड़ों को स्पष्ट संदेश आना जरूरी है, दलित क्यों बिना मतलब कुंदा फांदी किए ?

      कोई 14 साल का बच्चा जिसके परिवार ने फ्रॉड करने की ट्रेनिंग दी जिसे चस्का लगा समुदाय की भावनाओं  साथ फ्राड करके आरा...
19/01/2026


कोई 14 साल का बच्चा जिसके परिवार ने फ्रॉड करने की ट्रेनिंग दी जिसे चस्का लगा समुदाय की भावनाओं साथ फ्राड करके आराम से पैसा भी कमाया जा सकता और नेम फेम तो मुफ्त मिलेगा ही !
उसने बिना किसी जानकारी के बहुजन समाज पार्टी के खिलाफ एक वीडियो बनाई जिसका आधार एक किताब को बनाया ललाई सिंह यादव द्वारा रचित सच्ची रामायण,

उसने भ्रम फैलाया मायावती जी 2007 में सच्ची रामायण पर बैन लगाया जबकि इस किताब पर बैन बहन जी तो क्या खुद मोदी ,योगी , राहुल, सोनिया गांधी भी इस किताब को कभी बैन नहीं कर सकते !!
कारण इस किताब पर वर्ष 1971 में मुकदमा हुआ जिसकी पैरवी खुद बहुजन महापुरुष ललाई सिंह यादव किए सच्ची रामायण' की कानूनी लड़ाई भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए एक मील का पत्थर मानी जाती है।
ललई सिंह यादव ने इस मुकदमे को दो स्तरों पर जीता था—पहले हाईकोर्ट में और फिर सुप्रीम कोर्ट में।
उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट में जीत (1971)
सुप्रीम कोर्ट में अंतिम जीत (1976)
पीठ (Bench): इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय खंडपीठ ने की थी, जिसमें न्यायमूर्ति वी.आर. कृष्ण अय्यर, न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती और न्यायमूर्ति सैयद मुर्तज़ा फ़ज़ल अली शामिल थे।
इस जीत के बाद ही 'सच्ची रामायण' उत्तर भारत में एक वैचारिक जीत के रूप में देखी गई !
अब इस छटाक भर के यूट्यूबर ने ना तो कोई रेफरेंस दिया ना कोई ठोस कारण बताया बस बहन जी ने बैन करी और बीजेपी के कहने पर बैन करी, केवल बसपा को बदनाम करने की मनसा से रट्टू तोते की तरह बकवास करता रहा,
अब जो इसके भाई के आका जिनका वो गुलाम है, जो लिख कर दे वहीं बोलने में उस्तादी करी कुल जमा इतना ही कौशल है !
अब इस किताब को क्यों बैन नहीं किया जा सकता वो भी जान लो !
कोर्ट के फैसले की सर्वोच्चता (Res Judicata)
कानून में एक सिद्धांत होता है जिसे 'रेस ज्यूडिकाटा' (Res Judicata) कहते हैं। इसका अर्थ है कि यदि किसी मामले पर कोर्ट ने एक बार अंतिम फैसला सुना दिया है, तो उसी मुद्दे को उन्हीं पक्षों के बीच दोबारा नहीं उठाया जा सकता।
अगर सुप्रीम कोर्ट ने 'सच्ची रामायण' को यह कहते हुए बहाल किया कि यह "धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करती" या "अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में है", तो सरकार उसी कारण का हवाला देकर दोबारा बैन नहीं लगा सकती।
In short अगर किसी सरकार ने कोशिश करी तो Contempt of Court माना जाएगा !

अब इसका दूसरा फ्राड जिन ढकन्नो को पब्लिसिटी और अन्याय का फर्क तक नहीं मालूम समर्थन और विरोध में कूद पड़ते है !
इस फ्रॉड पब्लिसिटी का असर इतना हुआ मात्र 24 घंटे में इसके 1 लाख से ऊपर फॉलोवर्स बढ़ गए !

इसने अपने फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए एक नहीं अनेक बार FIR की झूठी खबर प्रसारित करी, अब इसके खिलाफ सरकार ने FIR करी है, थाना क्षेत्र (दुबग्गा) लखनऊ !

मैने खुद वहां के SHO से बात करी इसके अलावा अन्य दो व्यक्ति जो लखनऊ निवासी प्रोफेसर श्रेयत और चंदन यादव से भी पुष्टि करवाई,

पता तो लगे इसने ऐसी कौनसी पोल खोल दी सरकार की और किसने FIR दर्ज करवाई, तो पता चला इसने हिंदू धर्म के खिलाफ अनावश्यक टिप्पणी करी जिसके चलते इसे थाने बुलाया गया और उम्र का छोटा देख सिर्फ डांट के भगा दिया,

चुकी फ्राड करने में ट्रेनिंग पूरी किए हुए तो इसके बड़े भाई ने खबर उड़ाई एक वीडियो में सरकार से सवाल पूछ लिया इस लिए पुलिस ने FIR कर दी तो अब पूछो इसे कौनसी वीडियो जिसमें इतनी घातक जानकारी चला दी कहा है FIR कॉपी ?

मेरी इस बच्चे से कोई निजी दुश्मनी नहीं अगर बसपा को लेकर झूठ फैलाया तो घर का एड्रेस पता लग गया, इस बार पुलिस कोई रहम नहीं करेगी ! नमस्ते ! 🙏🏻
( उन लोगों को कॉमेंट में मेंशन करना ना भूले जो इसके झांसे में आए, उन्हें इसकी विद्वानी पता तो चले )

माघ मेले में पुलिस द्वारा पिछवाड़े पर दो लठ पड़ते ही भूख हड़ताल पर बैठ गया ऐसे तो ये युद्ध प्रेमी है, इनकी भुजाओं में शू...
19/01/2026

माघ मेले में पुलिस द्वारा पिछवाड़े पर दो लठ पड़ते ही भूख हड़ताल पर बैठ गया ऐसे तो ये युद्ध प्रेमी है, इनकी भुजाओं में शूरवीरों का खून दौड़ रहा है, इसके मामा मुगलों के सेनापति थे 😁

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