17/09/2026
🚨 ₹2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर क्या बदलेगा?
सबसे पहले समझें — यह UPI TAX नहीं है!
अब ₹2,000 से ज्यादा के Merchant Payments (P2M) पर 0.4% MDR लागू होगा।
🛒 उदाहरण:
दुकानदार को ₹10,000 UPI से दिए
➡️ MDR = ₹40
➡️ यह ₹40 ग्राहक से अलग से नहीं लिया जाएगा
➡️ MDR payment ecosystem में संबंधित participants के बीच रहेगा।
💰 ₹75,000 या उससे ज्यादा का Merchant Payment
➡️ MDR अधिकतम ₹300 प्रति transaction रहेगा।
👤 दो लोगों के बीच पैसे भेजे (P2P)
जैसे दोस्त/रिश्तेदार को
➡️ कोई MDR नहीं
➡️ UPI payment free रहेगा।
🛍️ ₹2,000 तक का Merchant Payment
➡️ MDR नहीं
➡️ कोई UPI charge नहीं।
⚠️ सबसे जरूरी बात:
सरकार बोल रही है ₹2,000 से ऊपर UPI Transactions की संख्या कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या का सिर्फ 5% है। इसीलिए इससे बहुत कम लोग प्रभावित होंगे।
🤸लेकिन सरकार यह नहीं बता रही 2000 से ऊपर इस 5% Trasactions में ही कुल UPI Payment का 65% आ जाता है।
🥽 अब इसमें एक समस्या आ सकती है सरकार ने बोला है कि दुकानदार ग्राहक से यह चार्ज नहीं वसूल सकता, अब इसका तोड़ निकालने के लिए दुकानदार ग्राहक को मजबूर करेगा वह बोलेगा कि आप कैश में पेमेंट कीजिए या फिर जो यह चार्ज लग रहा है यह मुझे दीजिए।
🏦 आप इसे ऐसे समझ सकते हैं की पेट्रोल पर जो एक्साईज ड्यूटी लगती है वह सरकार सीधे हमसे नहीं वसूलती लेकिन पेट्रोल कम्पनिया पेट्रोल के रेट में वह हमसे वसूल लेती हैं।
मतलब बात यह है कि घूम फिर कर बोझ तो ग्राहकों के ऊपर ही पड़ना है।
🤳🏻 इससे दुकानों पर ग्राहक और दुकानदार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
🤚 या फिर दुकानदार 2000 से ऊपर के पेमेंट कैश में लेना शुरू कर सकते हैं।
🏦 NPCI हर साल यूपीआई को चलाने के लिए हजारों करोड़ खर्च करता है। अब NPCI को UPI के लिए पैसा तो चाहिए अब या तो उसे सरकार सब्सिडी दे या फिर वह ऐसे चार्ज लगाकर अपने खर्चे की पूर्ति करेगा