05/10/2026
जिस दिन मैं लिखूंगी....
भीड़ को भ्रम लिखूंगी, एकांत को सत्य लिखूंगी। दोस्ती को फरेब लिखूंगी, प्रेम को छल लिखूंगी, रिश्तों को षडयंत्र लिखूंगी।
फिर तोड़ दूँगी अपनी कलम, और खुद को रिहा लिखूंगी
Karunaranovlog ✍️
#अनमोलवचन ✍️❤️