16/07/2026
लॉर्ड्स की 'क्वीन' बनीं वडोदरा की यास्तिका:शतक के बाद बोलीं- पापा, बैट उठाया तो आप सब सामने दिख रहे थे; ऐतिहासिक पारी के पीछे की कहानी, लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में खेले गए पहले महिला टेस्ट में भारत की जीत की हीरो रहीं विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के लिए यह शतक सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सपना पूरा होने जैसा था। तीसरी पारी में 158 गेंद पर 113 रन की पारी खेलने के बाद जब यास्तिका ने बैट उठाकर जश्न मनाया तो उनकी आंखों के सामने माता-पिता, बहन और दिवंगत दादाजी की तस्वीर थी।
मैच के बाद उन्होंने पिता से फोन पर कहा, ‘पापा, जब मैंने बैट उठाया तो मुझे आप चारों और दादाजी दिख रहे थे, ऐसा लगा जैसे वे मुझे आशीर्वाद दे रहे हों।’
यास्तिका के पिता हरीश भाटिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि जब बेटी 91 रन पर थी और लंच ब्रेक हुआ, तब वे मंदिर पहुंचे और भगवान से सिर्फ एक ही प्रार्थना की-'भगवान,
आज इसकी सेंचुरी पूरी करवा देना।" उनका कहना है कि चोट से वापसी के बाद यह शतक यास्तिका के आत्मविश्वास के लिए बेहद जरूरी था। जैसे ही वह 99 रन पर पहुंची, पूरे परिवार की धड़कनें तेज हो गईं और शतक पूरा होते ही सभी की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े।