24/05/2026
फरवरी 2026 के बजट अनुमानों के अनुसार, भारत सरकार पर कुल आंतरिक और बाहरी कर्ज लगभग 214 लाख करोड़ रुपये ($2.5 ट्रिलियन से अधिक) होने का अनुमान है। इसमें से देश पर विदेशी कर्ज का हिस्सा करीब 747 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आसपास है।देश के कुल कर्ज को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा जाता है:आंतरिक कर्ज (Internal Debt): यह वह कर्ज है जो सरकार देश के भीतर (जैसे बॉन्ड, ट्रेजरी बिल के जरिए) विभिन्न वित्तीय संस्थाओं और नागरिकों से लेती है। कुल कर्ज का एक बड़ा हिस्सा इसी में आता है।विदेशी/बाह्य कर्ज (External Debt): यह वह राशि है जो भारत सरकार या अन्य भारतीय संस्थाओं ने दूसरे देशों या अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं (जैसे IMF, World Bank) से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्राओं में ले रखी है।प्रति व्यक्ति कर्ज का बोझ:आंकड़ों के मुताबिक देश के हर नागरिक पर औसतन लगभग 4.8 लाख रुपये तक का कर्ज का बोझ आता है, हालांकि यह अनुपात देश के आर्थिक विकास और GDP के साथ संतुलित रहता है।0:43आज देश के हर व्यक्ति पर 4.8 लाख रुपए का कर्ज है। बीते 2 साल में इस कर्ज में 23% ...Instagram·Congressभारत का कुल ऋण: आंतरिक, बाह्य, दीर्घकालिक और आर्थिक प्रभावTranslated — 2026 की शुरुआत तक, भारत का वर्तमान कुल ऋण लगभग 197.18 लाख करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2026 के अंत तक संशोधित) और अनुमानित 214.82 लाख करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2027 के...ClearTaxभारत पर कितना कर्ज है? - इंडिया टुडे - India TodayTranslated — प्राप्ति बजट 2026-27 के अनुसार, भारत सरकार के बकाया आंतरिक और बाहरी ऋण और अन्य देनदारियों का अनुमान मार्च 2027 के अंत तक 214,82050 करोड़ रुपये है।India Todayभारत के विदेशी ऋण में वृद्धि - Drishti IAS8 Oct 2025 — भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, जून 2025 के अंत तक भारत का विदेशी ऋण बढ़कर 747.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो पिछली तिमाही ...Drishti IAS