17/04/2026
राज्य आज भी कई गंभीर और लंबे समय से लंबित मुद्दों से जूझ रहा है—
शिक्षा: विभिन्न सर्वे और रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार में बुनियादी शिक्षा के स्तर देश में सबसे नीचे हैं—कक्षा 7 के कई बच्चे कक्षा 4 का पाठ भी ठीक से नहीं पढ़ पाते।
स्वास्थ्य: राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी है—औसतन 10,000 लोगों पर 1 से भी कम सरकारी डॉक्टर उपलब्ध हैं, और प्रति लाख आबादी पर बेड की संख्या राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।
रोजगार व पलायन: बेरोजगारी दर लगातार राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है, और बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने को मजबूर हैं।
शहरी गरीब व बुनियादी सुविधाएं: पटना सहित कई शहरों में बड़ी आबादी झुग्गी-बस्तियों में रहती है, जहां साफ पानी, शौचालय और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।
कानून-व्यवस्था: NCRB के आंकड़ों के अनुसार बिहार में संज्ञेय अपराधों की संख्या लगातार ऊंची बनी हुई है, और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के मामले भी चिंता का विषय हैं।
उम्मीद है कि नई सरकार इन मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ काम करेगी और ठोस, समयबद्ध समाधान लेकर आएगी।
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Samrat Choudhary Upendra Kushwaha BJP Bihar