24/06/2020
"ऐसा कोई सगा नहीं
जिसनें लालू का ठगा नहीं"
ददन पहलवान राजद छोड़ दिया शिवानंद तिवारी के कारण, फिर बाद में शिवानंद तिवारी भी राजद छोड़ दिया ..
श्याम रजक राजद छोड़ दिया रामकृपाल के कारण, फिर बाद में रामकृपाल भी राजद छोड़ दिया...
नवल किशोर यादव राजद छोड़ दिया गुलाम गौस के कारण, फिर बाद में गुलाम गौस भी राजद छोड़ दिया...
कई लोग हैं, जिनकी राजनीतिक कहानी ऐसी ही है, सबको लालू जी मौका दिए और नेता बनाए फिर बाद में समय-समय पर सब स्वार्थ के कारण लालू जी को छोङते गए। शरद यादव, नीतीश कुमार, रंजन यादव से लेकर पप्पू यादव और कल के पाँच एमएलसी तक ऐसा ही हुआ है। जब नेता कुछ नहीं रहता तो लालू जी MLA, MLC, MP बनाते हैं तब उसे वो पद उसे लालू जी की कृपा लगती है फिर कुछ समय बाद वो पद को बपौती समझ लेता है। भुल जाता है कि वो लालू जी के कृपा से मिला है। फिर जब लालू जी उसे छोड़ दूसरे को मौका देते हैं तो गद्दार बन दूसरे दल में जाकर लालू जी को ही गाली देता।
पर इन सब से लालू यादव को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। लालू जी सबसे बड़े जनाधार वाले नेता हैं। उनके पीछे एक बङी संख्या में संघर्षशील नेता का लाइन लगी है। लालू जी उसमें से MLC, MLA, MP, मंत्री बनाते रहेंगे।