01/06/2026
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर आइए यादों की उन गलियों में लौट चलें, जहाँ साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि हमारी आज़ादी, रोमांच और बचपन की सबसे प्यारी साथी हुआ करती थी।
वह साइकिल जो हमें स्कूल लेकर जाती थी, दोस्तों के साथ लंबी सैर पर निकलती थी, शाम की सुनहरी धूप में हमारी हँसी को अपने पहियों पर बिठाकर दूर तक ले जाती थी। कभी रेस जीतने की खुशी, कभी गिरकर उठने का साहस, तो कभी खुले आसमान के नीचे सपनों के साथ की गई यात्राएँ, हर साइकिल अपने साथ अनगिनत कहानियाँ समेटे हुए है।
उन यादों, भावनाओं और अनमोल पलों को फिर से महसूस कीजिए और उन्हें शब्दों का रूप दीजिए।
साइकिल से जुड़ी अपनी यादों, भावनाओं और अनुभवों को समेटते हुए 100 शब्दों की एक कविता लिखिए।
यादों के पहियों को फिर से घुमाइए और उन्हें कविता में ढाल दीजिए।
शब्द सीमा: १०० ( ९०-११० तक शब्दों की कविता स्वीकार की जाएगी )
समय सीमा: २ जून’२६
#विश्वसाइकिलदिवस