08/06/2026
मालवीय नगर अग्निकांड में 21 निर्दोष लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है—जिम्मेदार कौन है?
एक शेफ, जिसका काम केवल रसोई में खाना बनाना था, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन क्या यह उसकी जिम्मेदारी थी कि वह जांच करे कि भवन वैध है या अवैध, फायर NOC है या नहीं, एक ही एंट्री-एग्जिट क्यों है, या रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां कैसे चल रही हैं?
दूसरी ओर, लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपर लीक कांडों में अब तक कितनी जवाबदेही तय हुई? कितनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा?
सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि व्यवस्था के दोहरे मापदंडों का है।
जब हादसा होता है तो सबसे कमजोर व्यक्ति पर कार्रवाई करना आसान होता है, लेकिन क्या जांच उन लोगों तक भी पहुंचेगी जो नियम बनाने, लागू करने और निगरानी करने की जिम्मेदारी निभाते हैं?