01/09/2026
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब बिहार में भी दिखाई दे रहा है। नेपाल से बाढ़ का पानी कोसी और गंडक नदियों के जरिए बिहार में पहुंच रहा है। इसके साथ कई जगहों पर अज्ञात और असामान्य मछलियां भी देखी जा रही हैं। इसे लेकर बिहार सरकार ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सरकार ने लोगों से बाढ़ के पानी से पकड़ी गई अनजान मछलियों को खरीदने, बेचने और खाने से बचने को कहा है। बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है। विभाग के मुताबिक, बाढ़ के दौरान मछलियां तालाबों, नदियों, झीलों और जलाशयों से निकलकर बाढ़ के पानी के साथ दूसरे इलाकों में पहुंच सकती हैं
बाढ़ के पानी से आई मछली क्यों खतरनाक हो सकती है?
सरकार के मुताबिक, बाढ़ के पानी में बहने वाली मछलियां गंदे नालों, मृत जानवरों और दूसरे दूषित पदार्थों के संपर्क में आ सकती हैं। ऐसे में इनके शरीर में बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे रोगाणु पहुंचने का खतरा रहता है। इसी वजह से विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन न करें। लोगों को ऐसी मछलियों को खरीदने या बेचने से भी बचने को कहा गया है।
अनजान मछलियों को लेकर भी चेतावनी
विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात या असामान्य दिखने वाली मछली को खाने के लिए इस्तेमाल न करें। सिर्फ इस आधार पर किसी अनजान मछली को खाने योग्य न मानें कि वह सामान्य मछली जैसी दिखाई देती है। अगर किसी इलाके में ऐसी मछली दिखाई देती है, तो इसकी सूचना स्थानीय जिला मत्स्य अधिकारी या प्रशासन को देने की सलाह दी गई है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा के लिए अनजान मछलियों के सेवन से बचने को कहा है।
खाने के बाद तबीयत बिगड़े तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
सरकारी एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति ने ऐसी मछली खा ली है और उसके बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
नेपाल से बिहार पहुंच रहा बाढ़ का पानी
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद वहां से निकलने वाला पानी बिहार की प्रमुख नदियों में पहुंच रहा है। कोसी और गंडक नदियों में जलस्तर बढ़ने के साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी बहकर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से गाद, मिट्टी, पत्थर और पेड़ों के तने के अलावा पुलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं का मलबा भी पानी के साथ बिहार की ओर आया है। कुछ जगहों पर वाहन, घरेलू सामान और गैस सिलेंडर जैसी चीजें भी नदी में बहती दिखाई दी हैं।
#नेपालबाढ़ #बिहारबाढ़ #कोसीनदी #गंडकनदी #बाढ़_का_खतरा #नेपालसेबिहारतक