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18/09/2026

3 इडियट्स” में लाइब्रेरियन दुबे का किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता अखिल मिश्रा आज हमारे बीच नहीं हैं।

अखिल मिश्रा ने अपने करियर में सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि टेलीविजन पर भी लंबे समय तक काम किया। उन्होंने हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी, डॉन, गांधी माय फादर, वेल डन अब्बा, कलकत्ता मेल जैसी फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाए। टीवी पर भी उतरन, उड़ान, श्रीमान श्रीमती समेत कई धारावाहिकों का हिस्सा रहे।

लेकिन साल 2009 में आई “3 इडियट्स” में लाइब्रेरियन दुबे के छोटे लेकिन यादगार किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। उनके किरदार के कई दृश्य आज भी दर्शकों को याद हैं।

फिर आया 21 सितंबर 2023 का वो दुखद दिन। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिल मिश्रा घर की रसोई में एक स्टूल पर थे, तभी गिरने से उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। उस समय उनकी उम्र 67 वर्ष थी।

उनके निधन की खबर ने इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को झकझोर दिया। उनकी पत्नी सुज़ैन बर्नर्ट उस समय हैदराबाद में शूटिंग कर रही थीं और खबर मिलते ही वापस लौटीं।

अखिल मिश्रा जी ने भले ही पर्दे पर ज्यादातर छोटे किरदार निभाए हों, लेकिन एक सच्चे कलाकार की पहचान उसके किरदार की लंबाई से नहीं, बल्कि उसके असर से होती है।

अखिल मिश्रा जी को शत-शत नमन।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
3 इडियट्स में उनका लाइब्रेरियन दुबे का किरदार आपको कैसा लगा था? कमेंट करके जरूर बताइए। 🙏

18/09/2026

ब्रह्मा मिश्रा की कहानी उन कलाकारों में से एक है, जिन्होंने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई, लेकिन जब पहचान और लोकप्रियता मिलने लगी, तभी जिंदगी ने उनका साथ छोड़ दिया।

ब्रह्मा मिश्रा का जन्म मध्य प्रदेश के भोपाल क्षेत्र से हुआ था। अभिनय के जुनून ने उन्हें थिएटर तक पहुंचाया और आगे उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से अभिनय की ट्रेनिंग ली। FTII के दौरान उनकी मुलाकात दिव्येंदु शर्मा से भी हुई, जो आगे चलकर मिर्जापुर में उनके बेहद करीबी साथी बने।

मुंबई आने के बाद ब्रह्मा ने लंबे संघर्ष के बाद फिल्मों में काम शुरू किया। उनकी पहली रिलीज़ फिल्म 2013 की ‘चोर चोर सुपर चोर’ थी। इसके बाद वह मांझी: द माउंटेन मैन, हवाईज़ादा, बद्रीनाथ की दुल्हनिया, दंगल, केसरी, सुपर 30, हेलो चार्ली और हसीन दिलरुबा जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे।

लेकिन उन्हें घर-घर में पहचान मिली ‘मिर्जापुर’ के ललित के किरदार से। मुन्ना भैया के बेहद करीबी और वफादार ललित के रूप में उनकी मासूमियत और कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब पसंद आई। खुद ब्रह्मा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मिर्जापुर ने उन्हें पहचान दी थी।

फिर आया 2 दिसंबर 2021 का वह दिन, जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। ब्रह्मा मिश्रा मुंबई के वर्सोवा स्थित अपने किराए के फ्लैट में मृत पाए गए। पड़ोसियों ने फ्लैट से दुर्गंध आने के बाद पुलिस को सूचना दी थी। उनका शव बाथरूम में मिला और पुलिस ने उस समय किसी तरह की हिंसा या foul play के संकेत नहीं बताए।

मौत की वजह को लेकर उस समय दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने इसे प्रारंभिक तौर पर प्राकृतिक मौत माना था और पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा था। इसलिए वीडियो में इसे सीधे-सीधे “हार्ट अटैक से मौत” कहने के बजाय “पुलिस ने शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई थी” कहना ज्यादा सही है।

दिव्येंदु शर्मा ने उनकी मौत पर लिखा था कि “हमारा ललित अब नहीं रहा” और उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की थी।

ब्रह्मा मिश्रा को स्टारडम की शुरुआत तो मिल गई थी, लेकिन वह उस सफलता का लंबा आनंद नहीं ले सके। एक बेहतरीन अभिनेता और यादगार ‘ललित’ के रूप में वह हमेशा दर्शकों की यादों में रहेंगे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

17/09/2026

सलमान खान अब महाभारत के महान योद्धा कर्ण के किरदार में नजर आ सकते हैं। यह फिल्म निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा की महत्वाकांक्षी परियोजना बताई जा रही है, जिसे एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस करेगा। कहानी महाभारत के कर्ण के इर्द-गिर्द होगी और रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे बड़े स्तर पर दो हिस्सों में बनाया जा सकता है।

इस कहानी में दिलचस्प मोड़ यह है कि कर्ण का यह प्रोजेक्ट कई सालों से चर्चा में है और पहले इसमें सूर्या का नाम जुड़ा था, लेकिन वह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। जून 2026 में खबर आई कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने सलमान खान को फिल्म की कहानी सुनाई और सलमान को उनका किरदार काफी पसंद आया। उस समय सलमान और मेकर्स के बीच बातचीत चल रही थी और आधिकारिक साइनिंग बाकी बताई गई थी।

इसके बाद 16 सितंबर 2026 को रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सलमान खान कर्ण के किरदार के लिए तय हो चुके हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म की तैयारी चल रही है और शूटिंग अगस्त 2027 के आसपास शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।

तो क्या यह खबर सच है? — इसे अभी ऐसे कहना सबसे सही होगा कि सलमान का कर्ण बनने की खबर अब काफी मजबूत रिपोर्टिंग तक पहुंच चुकी है, लेकिन मेकर्स की तरफ से फिल्म का पूरा आधिकारिक ऐलान अभी सामने नहीं आया है।

17/09/2026

17 सितंबर 2026 को स्वरा भास्कर का एक पॉडकास्ट बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने 2019 के अयोध्या राम जन्मभूमि मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अपनी उस समय की प्रतिक्रिया बताई।

स्वरा ने The Midnight Hour पॉडकास्ट में बताया कि 9 नवंबर 2019 को जब अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था, तो वह इस फैसले से काफी दुखी और परेशान थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह फैसला “अनफेयर” लगा था। इसके बाद उन्होंने अपनी फोनबुक में मौजूद मुस्लिम दोस्तों को मैसेज किया। इनमें शाहरुख खान, आमिर खान, सलमान खान और फहाद अहमद का नाम उन्होंने खुद लिया।

स्वरा के मुताबिक उन्होंने अपने दोस्तों से कहा कि एक हिंदू होने के नाते उन्हें इस फैसले पर अफसोस और शर्मिंदगी महसूस हो रही है और वह इस फैसले से सहमत नहीं हैं। यानी 2026 में उन्होंने कोई नया राम जन्मभूमि फैसला नहीं दिया, बल्कि 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी पुरानी प्रतिक्रिया का खुलासा किया है।

2019 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने अयोध्या की विवादित जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए देने का सर्वसम्मत फैसला सुनाया था और सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया था।

17/09/2026

विजय सेतुपति की ‘महाराजा’ सिर्फ एक आम क्राइम थ्रिलर नहीं है। फिल्म में विजय एक शांत स्वभाव के नाई का किरदार निभाते हैं, जिसकी पूरी दुनिया उसकी बेटी ज्योति और ‘लक्ष्मी’ नाम की एक पुरानी कूड़ेदान के इर्द-गिर्द घूमती है। ज्योति के बचपन में इसी कूड़ेदान की वजह से उसकी जान बची थी, इसलिए परिवार के लिए ‘लक्ष्मी’ बेहद खास है। लेकिन एक दिन घर में चोरी होती है और महाराजा पुलिस के पास पहुंचकर सिर्फ ‘लक्ष्मी’ के चोरी होने की शिकायत करता है। पुलिस को उसकी बात अजीब लगती है, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, पता चलता है कि इस मामूली-सी चोरी के पीछे एक बेहद खौफनाक और दर्दनाक राज छिपा है। फिल्म की कहानी अतीत और वर्तमान के बीच घूमती है और धीरे-धीरे सारे किरदार और घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ती जाती हैं। विजय सेतुपति और अनुराग कश्यप के किरदारों के बीच का कनेक्शन भी कहानी को एक बड़ा ट्विस्ट देता है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि शुरुआत में जो कहानी एक कूड़ेदान की तलाश लगती है, वह आगे चलकर बदले और इंसाफ की बेहद गंभीर कहानी बन जाती है।

और अब इसी ट्विस्ट और सस्पेंस से भरी कहानी का हॉलीवुड रीमेक बनने जा रहा है। मेकर्स के मुताबिक हॉलीवुड की एक एजेंसी ने फिल्म के रीमेक राइट्स के लिए संपर्क किया और अब इसे एक बड़े हॉलीवुड स्टार के साथ अंग्रेजी भाषा में बनाया जा रहा है। फिल्म अगले साल फ्लोर पर जा सकती है। फिलहाल किसी अभिनेता की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

17/09/2026

2023 में रणबीर कपूर मुंबई में गणपति दर्शन के लिए गए थे। पूजा के बाद उन्हें प्रसाद दिया गया। उन्होंने प्रसाद का डिब्बा लिया, लेकिन खुद खाने के बजाय वहां मौजूद लोगों/पैपराज़ी की तरफ बढ़ाते हुए कहा कि “मैं तो डाइट पर हूं, तुम खा लो।” उसी समय इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी।

अब सितंबर 2026 में वही पुराना 2023 का वीडियो दोबारा वायरल हो गया है। इसकी वजह यह भी है कि रणबीर इस समय रामायण में भगवान राम की भूमिका को लेकर चर्चा में हैं। इसी कारण कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने प्रसाद नहीं खाने को उनकी राम की भूमिका से जोड़कर सवाल उठाए और उन्हें ट्रोल किया। तीन साल पुराना वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद रणबीर कपूर ट्रोल हो रहे हैं। वीडियो में उन्होंने डाइट का हवाला देते हुए प्रसाद खुद खाने से मना किया था। हालांकि, उन्होंने गणपति के दर्शन किए थे और प्रसाद लिया भी था। जहां कुछ लोग इसे आस्था से जोड़कर उनकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे उनका निजी भोजन संबंधी फैसला बता रहे हैं। और जहां तक माफी की बात है, अभी तक उनकी तरफ से इस मामले में सार्वजनिक माफी की कोई पुष्टि नहीं हुई है।”

17/09/2026

मामला यहां से शुरू होता है कि सतीश सालियान लंबे समय से अपनी बेटी की मौत की दोबारा और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। अब सितंबर 2026 में हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में FIR दर्ज करके जांच शुरू की है। महत्वपूर्ण बात यह है कि FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने-आप में अपराध साबित नहीं करता। हाई कोर्ट ने भी कहा है कि पर्याप्त सामग्री आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।

सतीश सालियान के मुताबिक, आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने उनकी जांच की मांग को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताने वाले बयान दिए। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि इस तरह उनके न्याय पाने के प्रयास और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए। नोटिस में आदित्य ठाकरे के उस कथित बयान का भी उल्लेख है जिसमें उनकी ओर से सतीश सालियान को इस्तेमाल किए जाने जैसी बात कही गई थी।

नोटिस में अनिल देशमुख के 23 मार्च 2025 के कथित बयान का भी उल्लेख है, जिसमें उन्होंने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था। सतीश सालियान का कहना है कि इस तरह के बयान उनके न्याय के लिए किए जा रहे प्रयास को राजनीतिक बताकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं।

अब सवाल आता है कि ₹500 करोड़ क्यों? यह कोई अदालत द्वारा तय किया गया ₹500 करोड़ का जुर्माना नहीं है। यह सतीश सालियान की ओर से मांगा गया मानहानि का हर्जाना है। यानी उनका दावा है कि कथित बयानों से उनकी प्रतिष्ठा को जो नुकसान हुआ, उसके लिए ₹500 करोड़ की क्षतिपूर्ति होनी चाहिए। आगे अदालत में मामला जाता है तो ₹500 करोड़ मिलना तय नहीं माना जा सकता; अदालत सबूत और कानूनी आधार देखकर फैसला करेगी।

इसके अलावा नोटिस में दोनों नेताओं से सार्वजनिक और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, माफी को प्रमुख प्रिंट, टीवी और डिजिटल माध्यमों पर प्रकाशित/प्रसारित करने तथा सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए माफी देने की मांग भी रखी गई है।

सतीश सालियान ने सात दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय में मांगें पूरी नहीं होतीं तो वे आगे सिविल मानहानि की कार्रवाई कर सकते हैं और नोटिस में आपराधिक मानहानि से जुड़ी कार्रवाई का अधिकार भी सुरक्षित रखा गया है।

दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान को जानने या उनसे कभी मिलने से इनकार किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनका नाम मामले से जोड़ना तथ्यहीन है और जांच को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के आगे बढ़ने देना चाहिए।

16/09/2026

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16/09/2026

जिया खान की मां राबिया खान ने दिशा सालियान मामले पर प्रतिक्रिया दी है, क्योंकि हाल में दर्ज हुई दिशा सालियान केस की CBI FIR में सूरज पंचोली का नाम भी जांच के लिए सामने आया है।

राबिया खान ने अपने पुराने अनुभव को दिशा मामले से जोड़ते हुए चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिया खान मामले में भी महत्वपूर्ण सबूतों के नष्ट या उपलब्ध न रहने की वजह से सच्चाई तक पहुंचने में मुश्किल हुई, और उन्हें डर है कि दिशा मामले में भी ऐसा न हो। उन्होंने इसी संदर्भ में “वे वही तरीका दोहरा रहे हैं” जैसी बात कही है।

उनका मुख्य सवाल यह है कि अगर किसी मामले में महत्वपूर्ण फॉरेंसिक या अन्य सबूत समय के साथ खो जाएं/नष्ट हो जाएं, तो बाद में नई जांच होने पर सच्चाई साबित करना बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि दिशा भी उसी तरह सच की हकदार हैं जैसे उनकी बेटी जिया थीं

15/09/2026

दिशा सालियान की 2020 में मौत के बाद पोस्टमॉर्टम किया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के कॉलम 21 में लिखा गया था कि वजाइनल और एनल स्वैब लिए गए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा गया। बाद में जब यह सामग्री FSL यानी फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के पास पहुंची, तो वहां रिकॉर्ड में यह बात सामने आई कि पैकेट में “वजाइनल स्मीयर ऑन स्लाइड” और “एनल स्मीयर ऑन स्लाइड” थे—यानी दस्तावेज में swab लिखा था, जबकि FSL को smear on slide मिला।

FSL ने इसी अंतर को लेकर 20 अगस्त 2020 को मेडिकल ऑफिसर से स्पष्टीकरण मांगा। इसके जवाब में मेडिकल ऑफिसर ने 25 सितंबर 2020 को बताया कि वास्तव में वजाइनल और एनल स्वैब लिए ही नहीं गए थे; स्मीयर लिए गए थे और उन्हें स्लाइड पर रखा गया था। उनके मुताबिक FSL को भेजे गए फॉर्म में “vaginal swab” और “anal swab” लिखना गलती थी और उसे “vaginal smear” तथा “anal smear” पढ़ा जाना चाहिए।

इसके बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट में इन स्लाइड्स को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई—इनमें पुरुष DNA नहीं मिला था।

यही वजह है कि अब सवाल उठता है कि शुरुआत में पोस्टमॉर्टम रिकॉर्ड में स्वैब क्यों लिखा गया, FSL को भेजे गए दस्तावेज में भी स्वैब क्यों लिखा गया और बाद में इसे गलती बताकर स्मीयर क्यों कहा गया? हाईकोर्ट ने इस अंतर को खास तौर पर नोट किया।

लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि हाईकोर्ट ने यह निष्कर्ष नहीं दिया कि किसी ने जानबूझकर वजाइनल सैंपल या रिपोर्ट से छेड़छाड़ की। कोर्ट ने कहा कि यह विसंगति उन आरोपों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है और इसकी जांच होनी चाहिए। इसी तरह कोर्ट ने दूसरे कई बिंदुओं—जैसे घटनास्थल की जांच में देरी, खून से जुड़े सवाल, चोटों का पैटर्न और डिजिटल उपकरणों की देर से जब्ती—को भी देखा और पुलिस की पिछली जांच को अपर्याप्त माना।

इसी आधार पर 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया, और 14 सितंबर 2026 को CBI ने FIR दर्ज करके जांच शुरू कर दी।

“पोस्टमॉर्टम रिकॉर्ड में वजाइनल स्वैब लिखा था, FSL को वजाइनल स्मीयर स्लाइड मिली; मेडिकल ऑफिसर ने इसे दस्तावेजी गलती बताया। पुरुष DNA नहीं मिला। हाईकोर्ट ने इस विसंगति को गंभीर जांच योग्य मुद्दा माना, लेकिन जानबूझकर छेड़छाड़ साबित नहीं कही। अब CBI इसकी नए सिरे से जांच कर रही है।”

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