05/04/2026
हर रोज ये सोचता हूँ...
क्या लिखूँ ऐसा,
कि तेरी नज़र ठहर जाए...
और दिल मान जाए,
कि मेरे लफ़्ज़ों में
बस एहसास नहीं, इरादा भी है,
तुझे पाने का नहीं...
हर हाल में तेरा साथ निभाने का।
तू पढ़े... तो बस हल्का सा मुस्कुरा दे,
और अपने ही दिल से ये कहे,
ये लड़का सच में मेरे लिए पागल है,
इतना सच्चा है कि डर लगता है कहीं इसे खो न दूँ।