31/12/2023
भारत एक कृषि प्रधान देश है और भारत जैसे कृषि प्रधान देश की अर्थव्यवस्था में पंजाब की क्या भूमिका है यह हम बखूबी जानते हैं। परंतु आज पंजाब की स्थिति भयावह होती जा रही है पंजाब के खेतों में लहलहाती फसलों पर जल संकट का आना हो या पंजाब के युवाओं पर ड्रग्स आदि अन्य नशों की लत के काले बादल हों, आज पंजाब की उन्नति तथा प्रगति को पीछे धकेल रहे हैं हम कह सकते हैं कि आज पंजाब की फसले तथा नस्लें दोनों ही दूषित हो रही हैं। आईये बारी-बारी से दोनों ही समस्याओं को समझने का प्रयास करते हैं
यहां की सरकारें जल संरक्षण के लिए कोई उपाय नहीं कर रही है ना ही यहां के स्थानीय निवासी जल को संरक्षित करने के लिए प्रयास रत है और जो यहां प्रयास कर रहे हैं उनकी आवाजों को दबाया जा रहा है पंजाब के वीर प्रताप राणा जी द्वारा पंजाब में अनेक बार जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया यहां तक की वीर प्रताप राणा जी ने कोका कोला जैसी कंपनी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया अनेक बार जल संरक्षण तथा समाज को जागरूक करने के लिए वीर प्रताप राणा जी को जेल तक जाना पड़ा वीर प्रताप राणा जी कहते हैं की पंजाब पर आगामी कुछ ही वर्षों में एक बड़ा संकट आने वाला है और यह संकट कोई दूसरा नहीं जल संकट ही है यदि शीघ्र ही लोग जागरूक नहीं होते हैं तो पंजाब भीषण जल संकट से जूझेगा
वीर प्रताप राणा जी अनेकों प्रकार से स्थानीय लोगों के साथ तथा सरकार से सरोकार करके कुछ पंजाब के लिए करना चाहते हैं और पंजाब में बढ़ रही पानी की किल्लत के खिलाफ एक जागरूकता तथा क्रांति लाना चाहते हैं उनकी समाज सेवा वाकई आज प्रेरणा का विषय है परंतु कितने ही लोग या वर्तमान सरकार उनके सहयोग के लिए या पंजाब में बढ़ रहे इस जल संकट के लिए आगे आ सकेंगे
पांच नदियों के पानी वाला क्षेत्र है पंजाब और पानी को लेकर हरियाणा व दिल्ली में जंग चल रही है। लेकिन वीर प्रताप राणा जी कहते हैं कि पंजाब की जमीनी हकीकत यह है कि पंजाब में पानी को लेकर अंदरूनी जंग के आसार बनते जा रहे हैं। पंजाब का पानी खत्म होता जा रहा है। जिस प्रदेश का नाम ही पांच नदियों के पानी के ऊपर रखा गया, अब वो बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने वाला है