28/12/2025
प्रेमानंद जी महाराज के विचार :- 🙏मुख्य रूप से प्रेम, भक्ति, नाम-जप और कर्म पर केंद्रित हैं, जो जीवन में शांति, संतोष और सही दिशा पाने का मार्ग दिखाते हैं, जिसमें वे हर परिस्थिति में ईश्वर पर विश्वास रखने, स्वयं के भीतर झाँकने, निस्वार्थ भाव से सेवा करने और वर्तमान में जीने पर जोर देते हैं, जिससे जीवन के सभी संशय दूर हो सकें. प्रमुख विचार प्रेम और भक्ति: ईश्वर का सबसे बड़ा रूप प्रेम है, और सच्ची भक्ति ही परमात्मा से जोड़ती है. प्रेम से बढ़कर कोई धर्म नहीं. नाम-जप और कर्म: हर कार्य करते समय नाम-जप करना सबसे श्रेष्ठ भजन है. अपने कर्मों पर ध्यान दें, भविष्य की चिंता न करें. आत्म-चिंतन: आत्मज्ञान ही सच्चा सुख है. अपने भीतर झाँकें, वहीं आपको प्रकाश मिलेगा. दूसरों को देखने के बजाय स्वयं में सुधार करें. संतोष और धैर्य: संतोष सबसे बड़ा धन है. हर स्थिति में खुश रहना सीखें और धैर्य रखें, परिणाम अवश्य मिलेगा. सत्संग और गुरु: गुरु ही अध्यात्म मार्ग में सच्चे साथी हैं. सत्संग और भगवान के बिना चैन नहीं. वर्तमान में जीना: भूत-भविष्य की चिंता में वर्तमान को खराब न करें. वर्तमान क्षण में आनंद लें. कर्म फल: कोई तुम्हें दुख नहीं देता, यह तुम्हारे कर्मों का फल है. अच्छे कर्म करें और चुनौतियों का सामना करें. ब्रह्मचर्य: ब्रह्मचर्य की रक्षा करें, यह अमृत तत्व है. संक्षेप में, उनके विचार बताते हैं कि मन की शांति के लिए 'राधा नाम' का जाप, निस्वार्थ प्रेम और अपने कर्तव्यों का पालन ही सबसे बड़ा मार्ग है. 🙏💫🌟🌠💖😊👏💕