20/01/2022
*कौन कहता है मंदिरों में जाति पूछी जाती है ?*
*जाति मंदिरों में नहीं पुछी जाती !*
*बल्कि संविधान में पूछी जाती है,* *सरकारी नौकरी में पूछी जाती हैं ।* *राशन, स्कालरशिप और हर संस्थानों में पूछी जाती है।*
*फिर कौन हैं जो मंदिरो पर आरोप लगाते हैं ।*
*"ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण और शूद्र का बेटा शूद्र ही रहेगा, यह बात "मनुस्मृति" नही, बल्कि भारतीय संविधान का "जाति प्रमाण पत्र" कहता है !"*
*बाकी सनातन धर्म में तो व्यास, वाल्मीकि, रविदास को भी ब्राह्मण तथा संत की श्रेणी में रखा गया था।*
*वैसे तो ब्राह्मणों ने जातियाँ बनाई नही है।*
*ये खुद समय के साथ अपने आप बन गई है। लेकिन मान लिया कि उन्होंने ही बनाई है तो फायदा किसका हुआ?*
*ब्राह्मणों ने पूरा फर्नीचर व्यवसाय बढ़ई को दिया।*
*रियल सेक्टर कुम्हार को दिया।*
*लेदर का व्यवसाय चर्मकार को दिया।*
*डिलीवरी का व्यवसाय भी चर्मकार को दिया।*
*दूध का व्यवसाय यादव को दिया।*
*टेक्सटाइल का दर्जी को दिया।*
*हथियार का व्यवसाय लुहार को दिया।*
*💐बर्तन का ठठेरे को दिया ।* *पत्तल का बारी को दिया।*
*सूप का धरिकार को दिया।*
*चूड़ी व्यवसाय मलिहार को दिया।*
*मीट का खटीक को दिया।*
*फूल का माली को दिया।*
*तेल का व्यवसाय तेली को दिया।*
*जिससे सबको रोजगार मिला।*
*और इसी वजह से भारत पूरी दुनिया में सोने की चिड़िया था।*
*☺️इन सारे सम्मानित व्यवसाइयों को आज संविधान ने पिछड़ा अछूत बना दिया है।*
*😊क्षत्रियों को वो काम दिया जिससे जवानी में औरतें विधवा और बच्चे अनाथ हो जाते हैं, जो कोई भी नहीं करना चाहेगा अपने लिए भिक्षा माँगना और अध्यापन रखा।*
*💐क्षत्रियों के हिस्से में बलिदान आया और स्वयं ब्राह्मणों के हिस्से में भिक्षाटन आया तो फिर जाति व्यवस्था में अन्याय कैसे किया ?*
*💐जनहित में जारी ऐसे फारवर्ड करे की जाती धर्म के ब्यापार करने वाले लोगों का नकाब उतर जाए।*🤔🤔🤔