31/12/2022
एक औरत कहती है शादी के सत्रह साल बाद मैं इस नतीज़े पर पहुंची के मर्द ख़ुदा की खूबसूरत तरीन मख़लूक़ है
वो अपनी जवानी को अपनी बीवी और बच्चों के लिए
क़ुरबान करता है,
ये वो हस्ती है जो पूरी कोशिश करता है के उसके बच्चों का आइंदा मुस्तक़बिल खूबसूरत और अच्छा बने,
लेक़िन उस क़ुरबानी के बदले हमेशा उसकी सर्ज़निश की जाती है,
अग़र कभी फ्रेशमेन्ट के लिए घर से बाहर क़दम रखे तो बेपरवाह
और अग़र घर मे रहे तो सुस्त और बेकार
अग़र बच्चों को ग़लती की वजह से डांटें तो वहशी
अग़र बीवी को नौकरी से रोके तो मुताक़बिर
और रौअब जमाने वाला!
अग़र मां से दिलजोई करे तो माँ का लाड़ला
और अग़र बीवी से प्यारी बातें करे तो बीवी का मुरीद
उसके बावजूद मर्द दुनिया की वो हस्ती है जो अपने बच्चों को हर ऐतबार से ख़ुद से बेहतर देखना चाहता है,
बाप वो हस्ती है जो अपने बच्चों से नाउम्मीदी के बावजूद इश्क़ करता और हमेशा उनकी बेहतरी की दुआ करता है