24/11/2019
#नकली_वेबसाइटों_से_सावधान
#बचो_और_बचाओ
शायद आप लोगों को पता हो कल इंटनरेट का जन्मदिन था, इस उपलक्ष्य में इस शैतान के बारे में थोड़ा जान लें।
जनमदिन मुबारक हो #इंटरनेट।
आप #बैंक में पैसा जमा कराने जाते हैं, या किसी काम से पुलिस स्टेशन या रेलवे स्टेशन या #स्कूल, #कॉलेज #हस्पताल या #डॉक्टर के पास जाते हैं न!
कभी आपको लगा कि आप जिस जगह गए हैं वह जगह असल में नकली बैंक है, या नकली रेलवे स्टेशन, कॉलेज, या हस्पताल इत्यादि।
नहीं न। लेकिन सोचिये अगर ऐसा हो तो क्या होता? वैसे ऐसा होना बहुत कठिन है क्योंकि जो फ्रॉडस्टर हैं, उन्हें करोड़ों रुपये इन्वेस्ट करने होंगे इन सबकी नकल बनाने में और आपको ठगने के लिए।
औऱ पकड़े जाने के चांसेस भी ज्यादा हैं।
लेकिन इंटरनेट की दुनिया में, जो अब हम सबके लिए सबकुछ हो चुकी है, नकली बैंक, नकली कॉलेज, नकली डॉक्टर हर चीज़ है।
इसमें पैसा भी 10 से 20 हजार रुपये मात्र लगता है। और रिटर्न लाखों का।
कैसे? चलिए देखते हैं।
आप ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं? ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं? करते ही होंगे। डिजिटल इंडिया के नागरिक जो ठहरे।
ख़ैर, जब ये सब करते हैं तो थोड़ी सुरक्षा की बातें सीख लीजिये।
आपने अपने बैंक का वेबसाइट खोलकर उसमें ट्रांसजेसक्शन करना चाहा। नाम है समझ लीजिए,
आप क्या करते हैं, ब्राउजर पर जाकर टाईप करते हैं या कोई लिंक होता है उसे क्लिक करके ओपन करते हैं।
100 में से 20 बार सम्भावना है कि आप icicibank com की जगह iccibank com टाइप कर देंगे।
आप ऑनलाइन खरीदारी के लिए ऑर्डर कर रहे हैं, com की जगह aamzon com टाइप कर दिया।
अब अगर आपकी किस्मत ख़राब है तो ये जो iccibank.com या amazon.com वाला वेबसाइट बिल्कुल आपकी बैंक का हमशक्ल होगा। #राम_और_श्याम, #डॉन जैसा।
आप लॉगिन कीजिये, कुछ इधर उधर घूम कर आपको पता चलेगा कि सर्वर डाउन है। चलो थोड़ी देर में फिर ट्राई करते हैं।
लेकिन तबतक आपका लॉगिन इन्फॉर्मेशन इस हमशक्ल के पास जा चुका है। या आप खरीदारी के लिए पैसभेज चुके हैं।
यानि कि आपकी लंका लग चुकी है।
और ये फ़र्ज़ी हमशक्ल डोमेन वैलिड HTTPS का उपयोग भी करने लगे हैं, मतलब आप ठीक से झांसे में फंसिए।
नामक से लेकर।
आपको जरा भी शक नहीं होगा।
डरा तो दिया हूं, तो इससे बचाने का तरीका भी बताना फ़र्ज़ है न!
✔️Rescan.pro जैसे ऑनलाइन स्कैनर्स से वेबसाइट चेक कीजिये, जिसपर आप जाना चाहते हैं। ये स्कैनर्स आपको वेबसाइट के संभावित खतरों के बारे में बता देगा।
✔️स्पेलिंग 2-3 बार चेक कर लिया कीजिये वेबसाइट की।
✔️ब्राऊजर में जो एड्रेस डाला है उसे कॉपी करके गूगल में डाल दीजिए, सर्च कीजिये।
है न आसान! जरा सी सावधानी, ज़िन्दगी भर आसानी।