17/09/2026
#आजमगढ़ : जिला कारागार पहुंचे विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, बंदियों की समस्याओं का लिया जायजा।
जमानत के बाद शर्तें पूरी न कर पाने वाले बंदियों के मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश।
आजमगढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंकित वर्मा ने गुरुवार को जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण कर बंदियों को मिल रही सुविधाओं और उनकी विधिक समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जेल में 770 विचाराधीन पुरुष, 44 विचाराधीन महिला, 259 सिद्धदोष पुरुष और 09 सिद्धदोष महिला बंदी निरुद्ध पाए गए। सचिव ने सबसे पहले बाल बैरक का निरीक्षण किया, जहां 63 बाल बंदी मिले। पूछताछ में सभी ने बताया कि उनके मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि बाल बंदियों की शिक्षा के लिए शिक्षक नामित किया गया है तथा उनके लिए वॉलीबाल, कैरम, लूडो और शतरंज आदि खेलों की व्यवस्था भी की गई है। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इस दौरान दो बंदियों ने बताया कि उनकी जमानत हो चुकी है, लेकिन जमानत की शर्तें पूरी न कर पाने के कारण वे अभी जेल में निरुद्ध हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव ने लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल को आवश्यक कार्रवाई जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला बैरक के निरीक्षण के दौरान महिला बंदी किरन ने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की, जिस पर जेल अधिकारियों को अधिवक्ता की व्यवस्था के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। महिला बैरक में तीन बच्चियां भी अपनी माताओं के साथ रह रही हैं, जिनके लिए कारागार प्रशासन द्वारा समय से पौष्टिक आहार, दूध और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक सत्यप्रकाश, जेलर विजय कुमार पाण्डेय, डिप्टी जेलर गौरव सिंह, अजय कुमार और निर्भय सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।