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29/05/2026

आंधी-तूफान से थमी ‘पहाड़ों की रानी’ की रफ्तार, कई इलाकों में भारी नुकसान
बीएसएनएल कार्यालय की छत उड़कर सड़क पर गिरी, पेड़ मकानों में घुसे; बाल-बाल बचे लोग

पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने, भवनों को नुकसान पहुंचने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आईं। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, वरना हादसे बड़े रूप ले सकते थे। वही मसूरी में विद्युत सेवा और पेयजल सेवा भी प्रभावित हो गई है जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

सबसे ज्यादा नुकसान माल रोड स्थित बीएसएनएल कार्यालय क्षेत्र में देखने को मिला। तेज तूफान के चलते बीएसएनएल कार्यालय की टिन की छत उड़कर मुख्य सड़क पर आ गिरी। वहीं कार्यालय परिसर के पास खड़ा एक बड़ा पेड़ भी टूटकर भवन पर गिर पड़ा। देर रात अचानक हुए इस घटनाक्रम से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर जान बचाई।

कैमल बैक रोड क्षेत्र में भी तूफान का कहर देखने को मिला। रघुवीर निवास के पास एक विशाल पेड़ अचानक भरभराकर मकान के भीतर जा घुसा। उस समय घर के अंदर परिवार के लोग मौजूद थे, लेकिन संयोग अच्छा रहा कि सभी लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।

इसके अलावा दुगगल विला, हुसैनगंज, तिलक रोड ,बीएसएनएल कार्यालय क्षेत्र और अन्य इलाकों में भी पेड़ गिरने व संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। मसूरी के सभी स्थानों पर बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित है रातभर लोग दहशत में जागते रहे।

घटना की सूचना मिलने पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने अधिकारियों और सभासदों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नुकसान का जायजा लेते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मसूरी के कई क्षेत्रों, विशेषकर पॉश इलाकों में सूखे और खतरनाक पेड़ों को हटाने तथा उनकी लॉपिंग कराने की मांग लंबे समय से वन विभाग से की जा रही है, लेकिन विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सूखे पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की जाती तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता था। उन्होंने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार चेतावनी के बावजूद विभाग का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जा रहा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी में हर बरसात के मौसम में सूखे और जर्जर पेड़ खतरा बने रहते हैं। तेज बारिश और तूफान के दौरान ये पेड़ कभी भी गिर सकते हैं, जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल संयुक्त अभियान चलाकर खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर हटाने की मांग की है।

मौसम खराब होने के कारण देर रात तक कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित रही। नगर पालिका और प्रशासन की टीमें मलबा और गिरे पेड़ों को हटाने में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

28/05/2026

पहाड़ों की रानी मसूरी में मौसम ने बदली करवट, तेज बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में भारी गिरावट

ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने बढ़ाई खूबसूरती, पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने लिया सुहावने मौसम का आनंद

पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात मौसम ने अचानक करवट बदल ली। तेज बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं ने पूरे शहर का मौसम पूरी तरह बदल दिया। बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मई के अंतिम सप्ताह में ही लोगों को ठंड का एहसास होने लगा।

तेज बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि के चलते लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े। खासकर माल रोड, लाइब्रेरी चौक, कुलड़ी, लंढौर, कंपनी गार्डन और गनहिल क्षेत्र में ठंडी हवाओं ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया।

मौसम में आए इस बदलाव का पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने जमकर आनंद लिया। माल रोड पर पर्यटक बारिश के बीच छतरियां लेकर घूमते नजर आए, जबकि कई लोग ठंडी हवाओं और कोहरे के बीच सेल्फी लेते दिखाई दिए। होटल और रेस्टोरेंटों में भी पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। पर्यटकों का कहना था कि गर्मी से राहत देने वाला यह मौसम उनके सफर को यादगार बना रहा है।

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार लंबे समय बाद मई महीने में इतना सुहावना मौसम देखने को मिला है। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं पर्यटन कारोबार को भी फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि मौसम सुहावना होने के कारण आगामी दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है।

मौसम विभाग पहले ही अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और मौसम खराब रहने की संभावना जता चुका था, जो पूरी तरह सटीक साबित हुई। विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से देर शाम और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

28/05/2026

मसूरी-देहरादून मार्ग पर दर्दनाक हादसा, खाई में गिरा पानी का टैंकर
गज्जी बैंड के पास अनियंत्रित होकर 50 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की उपचार के दौरान मौत

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में गुरूवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पानी के टैंकर चालक की मौत हो गई। मसूरी-देहरादून मार्ग पर गज्जी बैंड के पास पानी से भरा टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे बजे टैंकर संख्या यूए07-एल-4065, जो मसूरी झील से पानी भरकर मसूरी की ओर आ रहा था, गज्जी बैंड के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी पुलिस आपदा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और स्थानीय नागरिकों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायल चालक को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल निजी वाहन से सिविल अस्पताल मसूरी पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान चालक ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान अक्षय असवाल पुत्र प्रेम सिंह असवाल निवासी ग्राम सभा दुधई, ब्लॉक सहसपुर, जनपद देहरादून, उम्र लगभग 27 वर्ष के रूप में हुई है।

मसूरी उप जिला चिकित्सालय के डाक्टर प्रशांत ने बताया कि मृतक को मृतक अवस्था में अस्पताल लाया गया था उन्होंने कहा कि मृतक की पूरी जांच की गई है सर में गंभीर चोट आने के कारण मृतक की मौत हुई होगी पोस्टमार्टम की कार्रवाई होने के बाद स्पष्ट रूप से मौत के कारणों का पता लग पाएगा

मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि हादसे के समय टैंकर पूरी तरह पानी से भरा हुआ था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। मसूरी पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई स्थानों पर तीखे मोड़, संकरी सड़क और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, क्रैश बैरियर लगाने और चेतावनी संकेत बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
बाइट डॉक्टर प्रशांत

25/05/2026

मसूरी कैमल बैक रोड पर पहाड़ कटान से बढ़ा खतरा, भूमाफियाओं पर फूटा लोगों का गुस्सा

ग्रीन बेल्ट में रातों-रात जेसीबी से हो रही प्लाटिंग, विभागों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन अब यही मसूरी अवैध निर्माण और भू-माफियाओं की गतिविधियों से खतरे में पड़ती नजर आ रही है। ताजा मामला ऐतिहासिक कैमल बैक रोड का सामने आया है, जहां होटल सैफायर के सामने बड़े स्तर पर पहाड़ काटकर प्लाटिंग किए जाने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से पहाड़ों को काटा जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग आंख मूंदकर बैठे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि आखिर माल रोड और कैमल बैक रोड जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में रात के समय जेसीबी मशीनें कैसे पहुंच रही हैं और इस निर्माण कार्य की अनुमति किसने दी। लोगों का कहना है कि कैमल बैक रोड मसूरी की ऐतिहासिक और पर्यावरणीय धरोहर है, जिसे सुंदर और व्यवस्थित बनाए जाने के लिए सरकार द्वारा करीब तीन करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। इसके बावजूद सड़क किनारे अवैध निर्माण और अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है।
लोगों का आरोप है कि कुछ लोग सड़क और ग्रीन बेल्ट तक पर कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहे हैं, जिससे कैमल बैक रोड का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में कैमल बैक रोड अपनी पहचान खो देगा। स्थानीय लोगों ने वन विभाग, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, नगर पालिका और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के चलते अवैध निर्माणों को संरक्षण दिया जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मसूरी में बड़े स्तर पर भू-माफिया सक्रिय हो चुके हैं, जो नोटिफाइड और ग्रीनलैंड क्षेत्रों तक में निर्माण कार्य करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनजीटी पहले ही मसूरी की बढ़ती कैरिंग कैपेसिटी और पर्यावरणीय संकट को लेकर चिंता जता चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहे।
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि कैमल बैक रोड पर हो रहे अवैध कटान और निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और अस्तित्व को बचाया जा सके।

25/05/2026

मसूरी में भाजपा कार्यालय न होने पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह नाराज
जाम, पार्किंग और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई चिंता, 2027 चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान

मसूरी। टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने मसूरी पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और शहर की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मसूरी में अब तक भाजपा कार्यालय स्थापित न होने पर नाराजगी जताते हुए इसे जनप्रतिनिधियों की कमी बताया। उन्होंने भाजपा मंडल को जल्द कार्यालय निर्माण की दिशा में कार्य शुरू करने के निर्देश दिए और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सांसद ने कहा कि पर्यटन नगरी मसूरी में लगातार बढ़ती जाम और पार्किंग की समस्या चिंता का विषय बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ व्यवस्थाओं को संभालना भी जरूरी है, अन्यथा पर्यटकों का मसूरी से मोहभंग हो सकता है। उन्होंने बताया कि जल्द संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर मसूरी और आसपास के क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जाएगी।उन्होंने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण से शहर के नियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान लागू करने और गरीबों के लिए हाउसिंग योजना लाने की आवश्यकता बताई। साथ ही अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लगाने पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सांसद ने कहा कि मसूरी उप जिला चिकित्सालय में आईसीयू बनने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और डायलिसिस सुविधा का अभाव दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।बैठक में सांसद ने भाजपा कार्यकर्ताओं से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है और नेताओं को सोच-समझकर बयान देना चाहिए।

24/05/2026

मसूरी कैमल्स बैक रोड के जंगलों में भड़की आग, वन संपदा को भारी नुकसान, देर शाम लगी आग से मचा हड़कंप, वन विभाग ने संभाला मोर्चा

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी के प्रसिद्ध कैमल्स बैक रोड क्षेत्र में रविवार देर शाम जंगल में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के जंगलों में फैल गई, जिससे बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर राख हो गई। आग लगने से आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में भी खतरे की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग मसूरी की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया। वन कर्मियों ने देर रात तक आग बुझाने के प्रयास जारी रखे। पहाड़ी क्षेत्र होने और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती रही, जिससे वन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मसूरी वन विभाग के डीएफओ अमित कुवंर ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई थी और आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर जंगलों में आग लगाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और पकड़े जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गर्मियों के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जंगलों में फेंकी गई जलती बीड़ी-सिगरेट या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं आग का कारण बन रही हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की कि जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और ऐसी गतिविधियों से बचें, जिनसे आग लगने का खतरा हो।स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों में मसूरी के जंगल आग की चपेट में आ जाते हैं, जिससे पर्यावरण और वन्य जीवों को भारी नुकसान पहुंचता है। लोगों ने वन विभाग से जंगलों की निगरानी बढ़ाने और आग लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

24/05/2026

मसूरी सोहम हिमालयन सेंटर पहुंचे सतपाल महाराज, संस्कृति संरक्षण की सराहना
होमस्टे और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर दिया जोर, अवैध निर्माणों पर जताई चिंता

मसूरी। उत्तराखंड के पर्यटन, सिंचाई एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को मसूरी स्थित सोहम हिमालयन सेंटर का दौरा कर वहां स्थापित संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत को सहेजने के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे “अल्फा टू ओमेगा उत्तराखंड” का अनूठा संग्रह बताया।
सतपाल महाराज ने सेंटर के संस्थापक समीर शुक्ला और डॉ. कविता शुक्ला की प्रशंसा करते हुए कहा कि संग्रहालय नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने दुर्लभ कॉइन कलेक्शन और वेस्ट मटेरियल से तैयार कलाकृतियों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सरकार होमस्टे योजना, स्टारगेजिंग और बर्ड वॉचिंग जैसे नए पर्यटन आयामों को बढ़ावा दे रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने बताया कि होमस्टे योजना में अब कमरों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ कर दी गई है।
महाराज ने मसूरी-देहरादून मार्ग पर हो रहे अवैध निर्माणों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे निर्माणों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मसूरी में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों और रिंग रोड परियोजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र को और विकसित किया जाएगा, जहां थिएटर और आर्ट गैलरी बनाई जाएंगी ताकि उत्तराखंड की संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित किया जा सके।
वहीं समीर शुक्ला ने कहा कि सोहम हिमालयन सेंटर की स्थापना चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन उनका उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

23/05/2026

गांधी चौक पर टैक्सी स्कूटियों का जमावड़ा, मसूरी की ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल

लाइब्रेरी चौकी से चंद कदम दूर जाम की स्थिति, स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लाख दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शनिवार शाम मसूरी के सबसे व्यस्त गांधी चौक पर टैक्सी स्कूटी संचालकों द्वारा पूरे चौक पर कब्जा किए जाने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। चौक पर बड़ी संख्या में खड़ी स्कूटियों के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि गांधी चौक से महज कुछ मीटर दूरी पर स्थित लाइब्रेरी चौकी में पुलिस कर्मियों की तैनाती होने के बावजूद चौक पर अव्यवस्था बनी रही। शाम के समय हालात ऐसे रहे कि चौक से वाहनों और पैदल राहगीरों का निकलना तक मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टैक्सी स्कूटियों के जमावड़े के कारण लगातार जाम लग रहा है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में इसको लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन में मसूरी की छवि लगातार प्रभावित हो रही है। एक ओर प्रशासन शटल सेवा और ट्रैफिक प्लान लागू करने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के मुख्य चौक पर ही नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि गांधी चौक पर अवैध रूप से स्कूटियां खड़ी कर सवारियां बैठाई जा रही हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो मसूरी का पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने एसएसपी देहरादून और जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर गांधी चौक से टैक्सी स्कूटियों के जमावड़े को हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पर्यटन नगरी की साख बचाने के लिए प्रशासन को सिर्फ दावे नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई करनी होगी।

23/05/2026

पत्रकारों पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, बोले- चौथा स्तंभ को दबाने की कोशिश, मोदी मीडिया को बताया दलाल
कांग्रेस नेताओं ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के बयान पर जताया कड़ा विरोध, 2027 में भाजपा को सबक सिखाने का किया आह्वान

मसूरी। मसूरी में कांग्रेस पार्टी ने प्रेस वार्ता कर कैबिनेट मंत्री एवं मसूरी विधायक गणेष जोषी द्वारा पत्रकारों के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किए गए “टटपूंजी” शब्द पर कड़ा एतराज जताया। कांग्रेस नेताओं ने इसे चौथे स्तंभ का अपमान बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाने का प्रयास कर रही है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता और कांग्रेस नेता उपेन्द्र थापली ने कहा कि आज देश और प्रदेश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पत्रकार निष्पक्ष रूप से सरकार और विपक्ष दोनों की खबरें दिखा रहे हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जबकि “मोदी मीडिया” को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होने कहा की मोदी मिडिया दलाल का काम कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे साफ है कि भाजपा सरकार चौथे स्तंभ को भी अपने नियंत्रण में लेना चाहती है।
कांग्रेस नेताओं ने देहरादून के एक पत्रकार पर हुए कथित हमले का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार विरोधी आवाज उठाने वालों को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल बन चुका है और अब पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं। कांग्रेस नेताओं ने जनता से 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को जवाब देने की अपील करते हुए कहा कि इस बार प्रदेश में कांग्रेस पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने मसूरी विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई ठोस विकास कार्य नहीं किए। चुनाव नजदीक आते ही शिलान्यास और लोकार्पण की राजनीति शुरू कर दी गई है, लेकिन जनता सब समझ रही है। उन्होंने कहा कि गणेश जोशी का “31 हजार वोटों से जीत” का दावा उनका अहंकार दर्शाता है और इस बार जनता उन्हें करारा जवाब देगी। और उनको 31 हजार से ज्यादा वोटों से हराने का काम करेगी।

22/05/2026

मसूरी कैमल्स बैक रोड पर टूटी रेलिंग बनी हादसे का कारण, अवैध डंपिंग पर उठे सवाल

मलबा ले जा रहे लोडर ने देर रात तोड़ी सुरक्षा रेलिंग, पर्यावरण दोहन पर भड़के स्थानीय लोग

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी के प्रसिद्ध कैमल बैक रोड पर एक बार फिर अवैध डंपिंग और प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। कैमल्स बैक रोड पर बहुगुणा पार्क से करीब 100 मीटर आगे तथा राधा स्वामी सत्संग के नीचे गहरी खाई की ओर लगी सुरक्षा रेलिंग का एक हिस्सा देर रात अवैध रूप से मलबा खाई में डाल रहे एक लोडर वाहन द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार रेलिंग टूटने से सड़क का वह हिस्सा पूरी तरह खुला और बेहद खतरनाक हो गया है। यहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय नागरिक टहलने पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है और कोई व्यक्ति गहरी खाई में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता है।घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और मसूरी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि मसूरी में खुलेआम पर्यावरण का दोहन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। आरोप लगाया गया कि कैमल्स बैक रोड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सड़क किनारे मलबा और कचरा फेंका जा रहा है, जिससे हरे-भरे पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं और प्राकृतिक सौंदर्य प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि मसूरी धीरे-धीरे कंक्रीट के दबाव और अवैध गतिविधियों के कारण अपनी पहचान खोती जा रही है। पहाड़ियों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर मलबा फेंका जा रहा है, जिससे भूस्खलन और पर्यावरणीय खतरे भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं कर रहे, जिसके चलते अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टूट चुकी रेलिंग को तत्काल ठीक कराया जाए और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही, दो वर्ष पूर्व लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर दोषी वाहन और संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते मसूरी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में मसूरी गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर सकती है। उन्होंने प्रशासन से अवैध डंपिंग, मलबा फेंकने और पहाड़ियों के दोहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

22/05/2026

मसूरी में जाम से राहत के लिए शुरू हुई शटल सेवा, किंक्रेग पर रोके गए टेंपो ट्रैवलर

पर्यटकों को शटल वाहनों से भेजा गया गंतव्य तक, प्रचार-प्रसार की कमी पर कुछ यात्रियों ने जताई नाराजगी

मसूरी। पर्यटन सीजन में लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने शुक्रवार से मसूरी में शटल सेवा की शुरुआत कर दी। एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने मसूरी पेट्रोल पंप किंक्रेग के पास देहरादून से आने वाले टेंपो ट्रैवलरों को रोका और वहां से पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से उनके गंतव्य तक भेजा गया।
शटल सेवा लागू होते ही कुछ पर्यटकों ने नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि इस व्यवस्था का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया, जिसके चलते वे देहरादून से टेंपो ट्रैवलर बुक कर मसूरी घूमने पहुंचे थे। पर्यटकों ने कहा कि यदि पहले जानकारी होती तो वे छोटी गाड़ियों से यात्रा करते। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि नई व्यवस्थाओं की जानकारी पहले से व्यापक स्तर पर दी जाए ताकि पर्यटकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि शटल सेवा को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी और सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर पहले ही जानकारी साझा कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में कुछ दिक्कतें आना स्वाभाविक है, लेकिन समय रहते व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि टेंपो ट्रैवलरों के शहर में प्रवेश करने से माल रोड और प्रमुख मार्गों पर भारी जाम की स्थिति बन रही थी। इसी को देखते हुए पहले चरण में बड़े वाहनों को किंक्रेग पर रोका जा रहा है और वहां से पर्यटकों को शटल वाहनों के जरिए मसूरी भेजा जा रहा है। प्रत्येक यात्री के लिए ₹50 किराया तय किया गया है और इसके लिए दोनों टैक्सी यूनियनों के साथ समन्वय कर पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।
मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से शटल सेवा को सुचारु रूप से संचालित करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि टेंपो ट्रैवलर संचालकों से सहयोग की अपील की जा रही है ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं नियमों के तहत संचालित की जा रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर पालिका की सिटी बस सेवा को भी पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित किया गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से पर्यटन सीजन में ट्रैफिक दबाव कम होगा और पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।

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