Jai valmeki ji ki jai bhim

Jai valmeki ji ki jai bhim हाथरस बहन मनीषा को न्याय दो गुनहगारों को फांसी दो

25/02/2026

11/02/2026

Jai valmeki Ji ki Jai bhim 🙏 इस पूरी वीडियो में पुरुषों की संख्या महिलाओं से 90% कम है और वाल्मीकि जाति की 90% महिलाएं अगर आपके सामाजिक आंदोलन से नहीं जुड़ेंगे तो धर्म और अंधविश्वास आस्था पाखंडवाद कहीं ना कहीं तो वह अपना रास्ता ढूंढेंगी अब महिला से पुरुष कहां तक भागेगा जब तुम सामाजिक आंदोलन में लाने से डरते हो तो घर क्लेश जब दो विचारधारा का टकराए तो उसके साथ भी समझौता करना सीख लो

26/01/2026

करण वाल्मीकि रोहतकीया।

26/01/2026

वाल्मीकिनो ने दिया लिखते भारत का सविधान दलितों की हस्ती बाबा साहब को प्रणाम गायक ओम देवांतक गाना अवश्य सुने बहुत बहुत सुभकामनाए 26 जनवरी 2026 की

03/01/2026

#हमारे लिए सबसे बड़ी शिक्षा की देवी राष्ट्रमाता सावित्री_बाई_फूले जी ही है ,और भारत की सभी लड़कियों एवं महिलाओं के लिए शिक्षा की आवाज उठाने वाली और पहला स्कूल खोलने वाली शिक्षा की देवी माता सावित्री बाई फूले जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन करता हूं ।।
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ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाली माता सावित्रीबाई फुले, भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थीं, जिन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले जी के साथ मिलकर सर्व समाज की महिलाओं और वंचितों की शिक्षा के लिए अभूतपूर्व कार्य किये। इन्होंने 1848 में *भारत का पहला बालिका विद्यालय पुणे* में खोला जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए भारतीय नारियों पर हो रहे अत्याचार को दूर करने के लिए भी अपने जीवन भर संघर्ष किया।
शिक्षा की देवी माता सावित्रीबाई फुले जी की 194 वीं जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें वंदन करते हैं।
माता सावित्रीबाई अमर रहे! ज्योतिबा फुले अमर रहे! 🙏🏻💐

25/12/2025

"मनुस्मृति दहन दिवस" आज भी यह दिन 'भारतीय स्त्री मुक्ति दिवस' और 'सामाजिक न्याय दिवस' के रूप में मनाया जाता है। बाबा साहेब ने इसी दिन स्पष्ट कर दिया था कि भविष्य का भारत किसी प्राचीन दमनकारी ग्रंथ से नहीं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर चलेगा, जिन्हें बाद में उन्होंने भारत के संविधान में पिरोया। --- आदि लंकेश, राहुल शील उर्फ अर्जुन शील वाल्मीकन

"हमारा यह कार्य किसी धर्म या व्यक्ति के प्रति द्वेष से नहीं है, बल्कि उस विचारधारा के खिलाफ है जो हमें नीचा दिखाती है और हमारे मौलिक अधिकारों का हनन करती है।" -- बाबा साहेब अम्बेडकर जी

•25 दिसंबर 1927 को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने महाड़ सत्याग्रह के दौरान 'मनुस्मृति' का दहन किया था। बाबा साहेब के लिए यह केवल एक पुस्तक जलाना नहीं था, बल्कि हजारों वर्षों से चली आ रही मानसिक और सामाजिक गुलामी की कड़ियों को तोड़ने का एक प्रतीकात्मक विद्रोह था।

•असमानता और अन्याय का प्रतीक
बाबा साहेब का मानना था कि मनुस्मृति 'अन्याय और असमानता' का शास्त्र है। उन्होंने तर्क दिया कि यह ग्रंथ समाज को जातियों में विभाजित करता है और एक बड़े वर्ग (अछूतों और पिछड़ों) को मानवीय अधिकारों से वंचित रखता है। उनके अनुसार, जिस ग्रंथ में इंसान को इंसान न समझा जाए, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

•जाति व्यवस्था का आधार
अम्बेडकर जी ने कहा था कि मनुस्मृति ने जाति व्यवस्था को धार्मिक वैधता प्रदान की है। उन्होंने इसे 'ब्राह्मणवाद का विधान' बताया, जिसने शूद्रों और महिलाओं के लिए कठोर और अपमानजनक नियम बनाए। दहन के माध्यम से वे यह संदेश देना चाहते थे कि अब दलित समाज इन थोपे गए नियमों को और अधिक सहन नहीं करेगा।

•महिलाओं की स्वतंत्रता पर प्रहार
बाबा साहेब अक्सर मनुस्मृति के उन श्लोकों का जिक्र करते थे जो महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करते हैं। उन्होंने महसूस किया कि मनुस्मृति महिलाओं को पुरुषों के अधीन रखती है और उन्हें शिक्षा व संपत्ति के अधिकार से वंचित करती है। दहन का यह कदम महिलाओं की मुक्ति की दिशा में भी एक बड़ा संकेत था।

•आध्यात्मिक गुलामी का अंत
बाबा साहिब अम्बेडकर जी का मानना था कि शारीरिक गुलामी से कहीं अधिक खतरनाक 'आध्यात्मिक और मानसिक गुलामी' है। जब तक दलित वर्ग इस ग्रंथ को पवित्र मानता रहेगा, वह अपनी स्थिति को 'भाग्य' मानकर चुप रहेगा। मनुस्मृति को जलाकर उन्होंने इस मानसिक दासता को नष्ट करने का आह्वान किया।

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06/12/2025

नमन है बाबा साहिब डॉ भीम राव अम्बेदकर जी को जिन की बदोलत आज हम इंसान की जिंदगी जी रहे हैं .
बाबा साहिब जी ने अपने चार बच्चों को कुर्बान कर दिया
हमे वो सब अधिकार दिलाने के लिए जिस से हम भी अपने जीवन में सुधार कर सकें जेसे हमे स्कूल जाने की आजादी नहीं थी हम तालाब में से पानी नहीं भर सकते थे
वही तालाब में से कुत्ते और सूअर पानी पी सकते थे मगर हम नही. ऐसी हजारों उदहारण मिल सकती हैं
सच ये है कि आज के नेता वो सब कुछ भूल चुके हैं के बाबा साहिब ने हमारे बच्चों की खातिर अपने चार बच्चों को कुर्बान कर दिया
आज के नेता अपने परिवार को और अपने बच्चों को पाल रहें हैं समाज किस दल दल में जा रहा है किसी नेता को इस बात की परवाह नहीं. आज सब बाबा साहिब डॉ भीम राव अम्बेदकर जी को फूलों की माला से भर देंगे
मगर बाबा साहिब जी ने जो कुछ हमारे लिए किया उस का 1% भी अपने समाज के लिए आज के नेता कर पाये तो बहुत कुछ हो सकता है.
जय वाल्मीकि जय संविधान

26/11/2025

परमपिता परमात्मा वाल्मीकि दयावान जी हमारी आस्था और बाबा साहब जीवन जीने का रास्ता संविधान दिवस की संपूर्ण मानव जगत को हार्दिक शुभकामनाएं
🙏🏻

20/11/2025

वाल्मीकि समाज के क्रांतिकारी योद्धा शहीदों के बारे में बताने के लिए Sub Inspector Sunil Boora ji का दिल की गहराइयों से आभार।🙏

07/11/2025

धर्म के ठेकेदारों ने हमारे देश को बर्बाद कर दिया
देवी देवताओं के नाम पर लूट जारी है धार्मिक पाखंड आडंबर देवताओं के नाम पर डराया जाता है हमारे देश में हवन कीर्तन के नाम पर लूटा जाता है गरीब लोगों को राहु केतु बुध शनिवार का भी डर। मंत्र टोटकों के द्वारा भी लोगों को ठगा जाता है कुछ गधे ऐसे हैं जो कलावा बांधते हैं अंगूठियां पहनते हैं माथे पर टिका लगाते हैं
अब लोग जागरुक हो रहे हैं!

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