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9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह-2026 में मुजफ्फरपुर की भागीदारी, सांसद राज भूषण चौधरी को भेंट की ‘लीचिया लाले लाल’ सर...
23/09/2026

9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह-2026 में मुजफ्फरपुर की भागीदारी, सांसद राज भूषण चौधरी को भेंट की ‘लीचिया लाले लाल’

सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की एक बैठक मंगलवार को मालीघाट, मुजफ्फरपुर में संस्थान की संरक्षक एवं वरिष्ठ कठपुतली कलाकार कांता देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि फाउंडेशन के सचिव एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने नई दिल्ली में मुजफ्फरपुर के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सुनील कुमार ने मुजफ्फरपुर की सांस्कृतिक पहचान और लीची की समृद्ध लोक परंपरा को समर्पित ‘लीचिया लाले लाल’ (लीची गीत संग्रह) पुस्तक उन्हें भेंट की।
सुनील कुमार ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 22 से 26 सितंबर 2026 तक 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (9th India International Water Week–2026) का आयोजन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम, प्रगति मैदान में किया जा रहा है।
पाँच दिवसीय इस आयोजन के तहत 22 से 25 सितंबर तक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी तथा 26 सितंबर को क्षेत्र भ्रमण (अध्ययन यात्रा) का आयोजन प्रस्तावित है। इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर जल संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण एवं जल से जुड़े विभिन्न विषयों पर नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, योजनाकारों, विद्यार्थियों एवं अन्य हितधारकों के बीच विचारों और तकनीकों का आदान-प्रदान किया जा रहा है।
सुनील कुमार ने इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्रदान करने के लिए मुजफ्फरपुर के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी तथा उनके सांसद प्रतिनिधि प्रोफेसर जयनन्दन सहनी के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ‘लीचिया लाले लाल’ के माध्यम से मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध लीची, लोक संस्कृति और लोकगीतों को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। लोक संस्कृति एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाना आवश्यक है।

23/09/2026

मुजफ्फरपुर जिले के डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ को विद्या वाचस्पति की उपाधि सहित नीरज स्मृति साहित्य सम्मानमुजफ्फरपुर/बि...
21/09/2026

मुजफ्फरपुर जिले के डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ को विद्या वाचस्पति की उपाधि सहित नीरज स्मृति साहित्य सम्मान

मुजफ्फरपुर/बिहार, रिपोर्ट -कुमार संदीप
साहित्य की साधना जब प्रतिभा, संवेदना और सृजनशीलता का सुंदर संगम बन जाती है, तब उसकी सुगंध गांव की पगडंडियों से निकलकर राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचती है। ऐसा ही गौरवपूर्ण अवसर मुजफ्फरपुर जिले के मुरौल प्रखंड अंतर्गत रैनी गांव के लिए आया, जब वरिष्ठ साहित्यकार एवं चिकित्सक डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक समारोह में सम्मानित किया गया।

काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी के सौजन्य से एस.एस. पब्लिक स्कूल, कृष्ण नगर, लखनऊ में गीत ऋषि स्वर्गीय गोपाल दास नीरज स्मृति सम्मान 2026 सह काव्य-गीत-गजल राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इसी गरिमामय अवसर पर डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ को काशी हिंदी विद्यापीठ द्वारा ‘विद्या वाचस्पति’ की उपाधि एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें ‘गीत ऋषि स्वर्गीय गोपाल दास नीरज स्मृति साहित्य सम्मान 2026’ से भी अलंकृत किया गया।

यह सम्मान काशी हिंदी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. सुखमंगल सिंह, कुलसचिव श्री इंद्रजीत कुमार ‘निर्भीक’, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय तथा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के पूर्व कुलपति एवं वर्तमान में आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ साहित्य और चिकित्सा-दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनकी लेखनी जीवन के विविध अनुभवों, संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को शब्दों का ऐसा स्वर देती है, जिसमें साहित्यिक गरिमा के साथ मानवीय अनुभूतियों की गहनता भी दिखाई देती है। राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक आयोजनों में उनकी रचनात्मक उपस्थिति और साहित्यिक प्रस्तुति ने उन्हें पाठकों एवं साहित्यप्रेमियों के बीच विशेष पहचान दिलाई है।

बेटी कोमल कुमारी की साहित्यिक प्रतिभा को भी मिला सम्मान-

इस समारोह का सबसे आत्मीय और भावुक पक्ष तब सामने आया, जब डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ की स्नेहिल पुत्री कोमल कुमारी, जो हिंदी शिक्षिका हैं, की साहित्यिक रचना का भी समारोह में अवलोकन किया गया। उनकी रचना की सराहना करते हुए संस्था की ओर से उन्हें भी ‘गीत ऋषि स्वर्गीय गोपाल दास नीरज स्मृति साहित्य सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।

एक ही परिवार की दो पीढ़ियों में साहित्यिक चेतना और सृजनशीलता का यह सुंदर संगम समारोह के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बेटी की साहित्यिक प्रतिभा को अपने सामने राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होते देखना डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ के लिए निश्चय ही अत्यंत गर्व और आत्मिक प्रसन्नता का क्षण रहा।

रैनी जैसे साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय साहित्यिक मंच तक पहुंचना केवल डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके गांव और क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उनकी यह उपलब्धि इस विश्वास को और मजबूत करती है कि प्रतिभा यदि निरंतर साधना, समर्पण और सृजन के पथ पर चलती रहे, तो गांव की मिट्टी से उठी आवाज भी राष्ट्रीय फलक पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकती है।

डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ की इस साहित्यिक उपलब्धि से उनके शुभचिंतकों, साहित्यप्रेमियों और रैनी गांव में हर्ष एवं गर्व का वातावरण है। मां सरस्वती की साधना में रत इस साहित्य-साधक की उपलब्धि को क्षेत्रवासियों ने अपनी सामूहिक खुशी और गौरव के रूप में देखा है।

संस्कृति शिक्षा केंद्र में गूँजी ज्ञान और संस्कार की पुकार, विद्यार्थियों से रूबरू हुए युवा साहित्यकार कुमार संदीपरिपोर्...
20/09/2026

संस्कृति शिक्षा केंद्र में गूँजी ज्ञान और संस्कार की पुकार, विद्यार्थियों से रूबरू हुए युवा साहित्यकार कुमार संदीप

रिपोर्ट- लक्ष्मण कुमार, चीफ एडिटर, जीवन तक न्यूज़

20 सितंबर 2026 की प्रातः बेला मुरौल प्रखंड के कोरिगामा स्थित संस्कृति शिक्षा केंद्र के लिए एक ऐसी स्मरणीय सुबह लेकर आई, जिसमें शिक्षा केवल पुस्तकों के पन्नों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जीवन के अनुभवों, संस्कारों और सपनों से जुड़कर विद्यार्थियों के अंतर्मन तक पहुँची। ज्ञान और संस्कार की इस शैक्षणिक भूमि पर गुरु दीक्षा शैक्षणिक परिवार के संचालक, युवा साहित्यकार-सह-शिक्षक कुमार संदीप एवं संस्थापक नवीन कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर उन्हें जीवन की राह में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

संस्कृति शिक्षा केंद्र के संस्थापक सुदीश ठाकुर कुमार ठाकुर के आत्मीय आमंत्रण पर पहुँचे कुमार संदीप ने विद्यार्थियों के बीच शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम, संस्कार, समय के सदुपयोग, माता-पिता के त्याग तथा जीवन के लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे विषयों पर सारगर्भित संवाद किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुमार संदीप ने कहा कि विद्यार्थी के भीतर यदि सीखने की जिज्ञासा, लक्ष्य के प्रति निष्ठा, निरंतर परिश्रम और सही मार्गदर्शन का दीप जलता रहे, तो साधारण परिवेश से निकलने वाला विद्यार्थी भी अपने कर्म और प्रतिभा के बल पर असाधारण पहचान स्थापित कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को माता-पिता के संघर्ष और त्याग का स्मरण कराते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जीवन के हर मौसम में स्वयं को समर्पित कर देते हैं। उनके माथे का पसीना और आँखों के सपने संतान की सफलता से जुड़े होते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का भी दायित्व है कि वे अपने लक्ष्य से भटकें नहीं, समय का सम्मान करें, ईमानदारी और लगन के साथ अध्ययन करें तथा अपनी सफलता को माता-पिता के जीवन में प्रसन्नता और गौरव का कारण बनाएं।

कुमार संदीप ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का दीप प्रज्वलित करते हुए कहा कि “आज भले ही आप एक ‘Simple विद्यार्थी’ हैं, लेकिन आपकी मेहनत, त्याग और समर्पण आपको एक दिन ‘Special व्यक्ति’ बना सकता है।” उन्होंने कहा कि मंजिल उन्हीं कदमों का स्वागत करती है, जो कठिन रास्तों से घबराकर रुकते नहीं हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को पहचानकर समय का सम्मान करना चाहिए और विपरीत परिस्थितियों के सामने अपने संकल्प को कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए।

इस दौरान विद्यार्थियों की अनुशासनप्रियता, एकाग्रता और आत्मीय सहभागिता विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही। संस्कृति शिक्षा केंद्र के संस्थापक सुदीश ठाकुर तथा सहायक शिक्षक रौशन सर का विद्यार्थियों के बीच बैठकर संवाद का हिस्सा बनना गुरु-शिष्य परंपरा की उस सुंदर तस्वीर को जीवंत कर रहा था, जहाँ ज्ञान केवल किसी मंच से दिया नहीं जाता, बल्कि साथ बैठकर, साथ समझकर और साथ चलकर भी अर्जित किया जाता है।

लगभग दो से ढाई घंटे तक चले इस आत्मीय शैक्षणिक संवाद में विद्यार्थियों ने शिक्षा और जीवन से जुड़े विभिन्न पक्षों को समझा। संवाद के उपरांत कुमार संदीप ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि वे विद्यार्थियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से संस्कृति शिक्षा केंद्र पहुँचे थे, किंतु लौटते समय उन्हें ऐसा अनुभव हुआ कि प्रेरणा देने से कहीं अधिक वे स्वयं विद्यार्थियों की एकाग्रता, सरलता और सीखने की ललक से बहुत कुछ सीखकर लौट रहे हैं।

वहीं नवीन कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को केवल सफल विद्यार्थी बनने के बजाय एक अच्छा, संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए नकारात्मक विचारों और गलत प्रवृत्तियों से दूर रहना आवश्यक है। विद्यार्थी व्यवहारिक, संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करें, सभी का सम्मान करें, प्रत्येक व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता रखें और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करें।

उन्होंने संस्कृति शिक्षा केंद्र की ज्ञान एवं संस्कार से जुड़ी इस शैक्षणिक यात्रा के निरंतर उन्नयन की कामना करते हुए माँ सरस्वती भगवती से सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, ज्ञान, विवेक, संस्कार और सफलता के लिए प्रार्थना की।

कुल मिलाकर, संस्कृति शिक्षा केंद्र में आयोजित यह संवाद महज कुछ घंटों का शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के अंतर्मन में मेहनत, संस्कार, संवेदना और सपनों की लौ प्रज्वलित करने वाला एक आत्मीय प्रेरणासत्र बन गया। संस्कृति कला केंद्र के संचालक संस्थापक सुदीश कुमार ठाकुर ने आंगुतक कुमार संदीप नवीन मिश्र का उचित आतिथ्य सत्कार कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

#कुमार_संदीप

17/09/2026

2023 में हुए मधुरपट्टी-भटगामा नाव   हा,a दसा के मृ a/ तकों की याद में श्रद्धांजलि सभा !॰ निर्माणाधीन पुल को शहीद ब्रिज न...
15/09/2026

2023 में हुए मधुरपट्टी-भटगामा नाव हा,a दसा के मृ a/ तकों की याद में श्रद्धांजलि सभा !
॰ निर्माणाधीन पुल को शहीद ब्रिज नामकरण का प्रस्ताव पास !!
॰ शहीद पिंटू सहनी का आदमकद् प्रतिमा व उनके नाम पर पिंटू सहनी द्वार निर्माण की माँग !!
14 सितंबर, बेनीबाद ,
चास-वास जीवन बचाओं बाग़मती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 14 सितंबर 2023 में मधुरपट्टी भटगामा गाँव हुए नाव हा a दसा के मृ 'a/
तकों की याद में शोक-श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया ! शोक श्रद्धांजलि सभा का अध्यक्षता राम बाबू राय एवं संचालन राहुल कुमार ने किया !!
शोक-श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व गायघाट राजद विधायक निरंजन राय ने कहा कि घटना काफ़ी दुखद था और मैंने तब तत्कालीन उप मुख्यमंत्री एवं पथ निर्माण मंत्री तेजस्वी यादव को घटना से अवगत कराया और पूर्व पुल निर्माण का प्रस्ताव रखा जो आज निर्माणाधीन है !!
मोर्चा के संयोजक सह माले नेता जितेंद्र यादव ने कहा कि #पिंटू_सहनी हमारे क्षेत्र का नायक हैं ! और ऐसे नायक को याद करना इसलिए भी ज़रूरी है कि लोगों में समाज के लिए मर मिटने का भावना जागृत हो !!
सभा को ठाकुर देवेंद्र कुमार , राम लोचन सिंह , राजकुमार मंडल , जगरनाथ पासवान , नवल किशोर सिंह , राम सजन राय , रंजीत सिंह , अरवींद्र राय , पाचू महासेठ , मोहम्मद राजू , मोहम्मद शाहिद, मनोज राय, सुधीर सहनी, सुनील राय, दीपू कुमार ने किया !!

#गायघाट

हिंदी की उन्नति से ही जीवन की सद्गति : डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’रिपोर्ट -कुमार संदीप मुजफ्फरपुर। हिंदी भाषा के प्रति ...
14/09/2026

हिंदी की उन्नति से ही जीवन की सद्गति : डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’

रिपोर्ट -कुमार संदीप
मुजफ्फरपुर। हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, अनुराग और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के संकल्प के साथ सोमवार, 14 सितंबर को मुरौल प्रखंड के रैनी ग्राम स्थित साहित्य सदन में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय तुलसी साहित्य विकास एवं नव काव्य सृजन परिषद, साहित्य सदन रैनी, मुजफ्फरपुर के सौजन्य से किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, साहित्यकार, शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा वरिष्ठ कवि-साहित्यकार डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ ने हिंदी भाषा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “हिंदी की उन्नति से ही जीवन की सद्गति है।” हिंदी दिवस की वास्तविक सार्थकता तभी सिद्ध होगी, जब हिंदी केवल समारोहों और आयोजनों तक सीमित न रहकर हमारे दैनिक जीवन, व्यवहार, शिक्षा, सामाजिक सरोकारों तथा सार्वजनिक जीवन का स्वाभाविक माध्यम बने।

डॉ. विजय कुमार पाठक ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और हमारी सामूहिक चेतना की आत्मीय अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि भाषा के विकास के साथ ही समाज की वैचारिक और सांस्कृतिक चेतना का विकास संभव है। हिंदी के सुदृढ़ होने से सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा स्वस्थ आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने परिवार, समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए हिंदी को हृदय से अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं शिक्षाविद सतीश कुमार पाठक ने हिंदी साहित्य के समृद्ध इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी साहित्यकारों ने विभिन्न कालखंडों में अपनी साधना, सृजन और साहित्यिक योगदान से हिंदी को निरंतर समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि हिंदी के विकास में अपना जीवन समर्पित करने वाले साहित्यकारों के योगदान को स्मरण करना और उनकी साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।

समारोह में समाजसेवी हेमंत झा, शिक्षक रंजीत पाठक, कुणाल कुमार, किशोर कुमार पाठक, सुभाष पाठक, शिक्षाविद शंकर पाठक, विनोद कुमार पाठक, हर्षित राज, शिवांश वत्स, वाणी सौम्या सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, साहित्यकारों, शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। हिंदी दिवस का यह आयोजन हिंदी के प्रति प्रेम, गौरव और उसके सतत संवर्धन के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

डॉ. विजय कुमार पाठक प्रसून को मिला ‘हिंदी हितैषी सम्मान’रिपोर्ट -कुमार संदीप मुजफ्फरपुर के मुरौल प्रखंड अंतर्गत रैनी गां...
14/09/2026

डॉ. विजय कुमार पाठक प्रसून को मिला ‘हिंदी हितैषी सम्मान’

रिपोर्ट -कुमार संदीप
मुजफ्फरपुर के मुरौल प्रखंड अंतर्गत रैनी गांव निवासी वरिष्ठ साहित्यकार एवं चिकित्सक डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ को हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति उनके निरंतर समर्पण और सृजनशील लेखन के लिए बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति, बाजपुर, उत्तराखंड द्वारा ‘हिंदी हितैषी सम्मान’ से अलंकृत किया गया। संस्था के संस्थापक बादल बाजपुरी एवं संरक्षक पंकज शर्मा ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।स्वास्थ्य सेवा के साथ साहित्य-साधना में निरंतर रत डॉ. विजय कुमार पाठक प्रसून की रचनाएं पाठकों के अंतर्मन को स्पंदित कर भावों की तरंगें जगाती हैं। इस सम्मान से साहित्यिक जगत के साथ उनके परिजनों में भी हर्ष और गौरव का वातावरण है।

मिथिलांचल और देश-दुनिया में प्रसिद्ध लोक आस्था के महापर्व चौरचन (चौठ चन्द्र) के शुभ अवसर पर मुजफ्फरपुर नगर निगम की माननी...
14/09/2026

मिथिलांचल और देश-दुनिया में प्रसिद्ध लोक आस्था के महापर्व चौरचन (चौठ चन्द्र) के शुभ अवसर पर मुजफ्फरपुर नगर निगम की माननीय महापौर श्रीमती निर्मला देवी साहू ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस पावन त्योहार के अवसर पर सभी मुजफ्फरपुर शहरवासियों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।महापौर श्रीमती निर्मला देवी साहू ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रोहिणी नक्षत्र में उदित हुए चंद्रमा को हाथ में फल, पकवान (पूरी, खजूर, ठेकुआ) और दही का प्रसाद लेकर अर्घ्य अर्पित किया। उन्होंने भगवान चंद्रदेव से मुजफ्फरपुर नगर के विकास, समृद्धि, शांति और सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य व खुशहाली की मंगल कामना की।

गुरु सम्मान में स्नेह से अभिसिंचित हुआ गुरु दीक्षा परिवारबिहार/मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सिमरा गांव में गुरु दी...
14/09/2026

गुरु सम्मान में स्नेह से अभिसिंचित हुआ गुरु दीक्षा परिवार

बिहार/मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सिमरा गांव में गुरु दीक्षा परिवार के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में आयोजित विशेष कार्यक्रम को हर्षोल्लास, आत्मीयता और श्रद्धा के भाव से समर्पित किया। विद्यार्थियों ने गुरु दीक्षा परिवार के संचालक कुमार संदीप, नवीन मिश्र एवं प्रवीण मिश्र के प्रति अपने स्नेह एवं सम्मान की भावपूर्ण अभिव्यक्ति की।

विद्यार्थियों के इस आत्मीय सम्मान से अभिभूत होकर संचालक कुमार संदीप ने कहा कि “एक साधारण शिक्षक के रूप में अपने विद्यार्थियों से ऐसा स्नेह और सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए गर्व की अनुभूति है। मेरे विद्यार्थी ही मेरी शान हैं और उनकी सेवा मेरे लिए पूजा के समान है।” उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए कहा कि गुरु दीक्षा परिवार के विद्यार्थी निरंतर सफलता के साथ संस्कारों के शिखर पर प्रतिष्ठित हों, यही उनकी हार्दिक कामना है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभारी प्रधानाध्यापक दिनेश प्रसाद यादव, पीडब्ल्यूडी संघ के जिला अध्यक्ष पंकज ठाकुर, अनमोल व्यक्तित्व राम बिहारी ठाकुर एवं ‘द जनता एक्सप्रेस’ के संस्थापक जयप्रकाश उपस्थित रहे। आगंतुक अतिथियों ने कुमार संदीप एवं नवीन मिश्र को स्नेहाशीष प्रदान करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर पंकज ठाकुर ने कुमार संदीप की शैक्षणिक एवं साहित्यिक उपलब्धियों की चर्चा करते हुए उन्हें क्षेत्र का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने गुरु दीक्षा परिवार के सभी विद्यार्थियों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

प्रभारी प्रधानाध्यापक दिनेश प्रसाद यादव ने कुमार संदीप का गुरु होने पर ख़ुद को गर्वित महसूस किया। व आशीर्वाद से कुमार संदीप को पूरित करने का कार्य किया।

कार्यक्रम का वातावरण गुरु-शिष्य परंपरा की आत्मीयता, श्रद्धा और संस्कारों से अनुप्राणित रहा। विद्यार्थियों के स्नेह से अभिसिंचित इस अवसर ने शिक्षक और शिष्य के बीच के उस पवित्र संबंध को पुनः रेखांकित किया, जिसमें शिक्षा केवल ज्ञान का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि संस्कार, स्नेह और जीवन-दृष्टि का सुंदर सेतु बन जाती है।

कार्यक्रम के अंत में कुमार संदीप ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यार्थियों का यह स्नेह उनके लिए जीवनभर की अनमोल निधि रहेगा।

#कुमार_संदीप

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