09/10/2026
नाम नारद, संपत्ति से धनकुबेर!
कार्यपालक अभियंता के पांच ठिकानों पर EOU का छापा, 52.20 लाख कैश और 30 लाख के गहने बरामद
नाम नारद कुमार दास… और संपत्ति का हिसाब सामने आया तो जांच एजेंसियों के सामने खुल गया ‘धनकुबेर’ का खजाना! आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने योजना एवं विकास विभाग के मुंगेर में तैनात कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान इतनी नकदी मिली कि नोटों की गिनती के लिए बैंक से कैश मशीन तक मंगानी पड़ी।
EOU की कार्रवाई में 52 लाख 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इनमें मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित नया टोला के राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट से 50 लाख 50 हजार रुपये, जबकि मुंगेर के कासिम बाजार स्थित किराये के आवास से 1.70 लाख रुपये मिले। इसी आवास से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के आभूषण भी बरामद किए गए।
83.53 लाख की संदिग्ध संपत्ति, आय से 64.93 फीसदी ज्यादा
EOU के अनुसार, अब तक की तलाशी में कार्यपालक अभियंता की ज्ञात आय के स्रोतों से 83 लाख 53 हजार 200 रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति सामने आई है। यह उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 64.93 प्रतिशत अधिक बताई गई है। जांच अभी जारी है और एजेंसी को आशंका है कि तलाशी और वित्तीय जांच आगे बढ़ने के साथ संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
पांच ठिकाने, एक साथ कार्रवाई
EOU की विशेष टीम ने भागलपुर, मुंगेर, पटना और मुजफ्फरपुर में स्थित पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। मुंगेर के आवास से हुंडई i10 स्पोर्ट्स कार, मोटरसाइकिल, आभूषण खरीद की कई रसीदें और अन्य दस्तावेज मिले। भागलपुर स्थित पैतृक आवास से जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज और करीब पांच लाख रुपये मूल्य के आभूषण खरीद की रसीद बरामद हुई।
तलाशी के दौरान आदित्य बिड़ला और जीवन बीमा में निवेश के कागजात, विभिन्न बैंकों के चार खातों की पासबुक और चेकबुक भी एजेंसी के हाथ लगे। बैंक खातों में जमा 17 लाख 15 हजार 688 रुपये की राशि को फिलहाल फ्रीज कराया गया है।
सास के नाम जमीन, निवेश 50 लाख; बाजार मूल्य करीब डेढ़ करोड़
जांच में पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के कुसुमपुरम मोहल्ले में खरीदी गई जमीन भी EOU की नजर में आई है। इसी वर्ष सास बीना विद्यार्थी के नाम 3.9 डिसमिल जमीन खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। जमीन की चहारदिवारी भी कराई गई है।
EOU के मुताबिक इस जमीन की खरीद में करीब 50 लाख रुपये का निवेश किया गया। जमीन का सरकारी मूल्य 68.41 लाख रुपये, जबकि मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1.50 करोड़ रुपये बताया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, जमीन की खरीद के लिए रकम को कई स्तरों पर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया। इसमें अभियुक्त की पत्नी के खाते से राशि दूसरे खातों में भेजे जाने की बात भी सामने आई है। एजेंसी अब इस पूरे मनी ट्रेल और लेयरिंग की जांच कर रही है।
2014 में बने सहायक अभियंता, अब जांच के घेरे में कार्यपालक अभियंता
नारद कुमार दास मूल रूप से भागलपुर के तिलकामांझी के रहने वाले बताए गए हैं। वर्ष 2014 में जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता के रूप में सेवा शुरू की। वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर योजना एवं विकास विभाग के मुंगेर अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात थे।
EOU की कार्रवाई में सामने आए नकद, आभूषण, जमीन, वाहन, बैंक खातों और निवेश के दस्तावेज अब जांच की सबसे अहम कड़ियां बन गए हैं।
फिलहाल सवाल सिर्फ 52.20 लाख की नकदी का नहीं है। सवाल यह है कि अभियंता की वैध आमदनी के मुकाबले इतनी बड़ी संपत्ति कैसे खड़ी हुई? EOU इसी सवाल का जवाब तलाश रही है। जांच पूरी होने के बाद तस्वीर और साफ होगी—और संभव है कि ‘नारद’ की संपत्ति का यह आंकड़ा अभी और बढ़े।