26/07/2026
"राष्ट्र निर्माण में मारवाड़ी समाज की गौरवशाली विरासत – अब फिर से नेतृत्व का समय!" 🇮🇳
क्या आप जानते हैं?
डॉ. भीमराव आंबेडकर की अध्यक्षता वाली 7 सदस्यीय संविधान प्रारूप (ड्राफ्टिंग) समिति में देबी प्रसाद (डी.पी.) खेतान भी सदस्य थे—वे एक प्रख्यात विधिवेत्ता, खेतान एंड कंपनी के सह-संस्थापक और मारवाड़ी समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व थे।
डी.पी. खेतान ने घनश्याम दास (जी.डी.) बिड़ला के साथ मिलकर कार्य किया और वे उन राष्ट्रवादी उद्योगपतियों एवं विधिवेत्ताओं की पीढ़ी का हिस्सा थे, जिन्होंने मजबूत भारतीय संस्थाओं के निर्माण का सपना देखा। उनका योगदान केवल व्यापार तक सीमित नहीं था, बल्कि वे आत्मनिर्भर और स्वतंत्र भारत की नींव मजबूत करने में भी सहभागी रहे।
यह मारवाड़ी समाज के इतिहास का एक गौरवपूर्ण अध्याय है, जो हमें याद दिलाता है कि हमारा योगदान केवल व्यापार और उद्योग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी हमारी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
आज जब भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है, तो क्या आपको नहीं लगता कि योग्यता, सेवा और नेतृत्व के आधार पर मारवाड़ी समाज की सार्वजनिक नीति, शासन और राष्ट्रीय निर्णय-निर्माण में अधिक भागीदारी होनी चाहिए?
मैं विशेष रूप से मारवाड़ी समाज के सभी लोगों से जानना चाहूँगा— आपकी क्या राय है।
क्या अब समय आ गया है कि हमारा समाज भी अपने पूर्वजों की तरह राष्ट्र निर्माण में अधिक सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाए?
अगर आप मानते हैं कि योग्यता, सेवा और नेतृत्व के आधार पर हर समाज को राष्ट्र निर्माण में आगे आना चाहिए, तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें।
जय हिंद। 🇮🇳
जय हिंद। 🇮🇳