JAY BIHAR

JAY BIHAR बातें होंगी तो सिर्फ बिहार की।

समर्पण का न्याय अलग-अलग क्यों?-------लोकतंत्र में सबसे बड़ा विश्वास यह होता है कि कानून सबके लिए समान होगा। लेकिन जब अलग...
22/06/2026

समर्पण का न्याय अलग-अलग क्यों?
-------
लोकतंत्र में सबसे बड़ा विश्वास यह होता है कि कानून सबके लिए समान होगा। लेकिन जब अलग-अलग लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार दिखाई देता है, तो समाज में सवाल उठना स्वाभाविक है।

कहा जाता है कि एक माओवादी महिला सुनीता ने आत्मसमर्पण किया। उसे पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, रहने की सुविधा और नौकरी मिली। यदि यह सरकार की घोषित पुनर्वास नीति के अनुरूप हुआ है, तो इसका उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को मुख्यधारा में वापस लाना है।

दूसरी ओर, समाजसेवी भरत तिवारी के मामले में यह दावा किया जाता है कि आत्मसमर्पण के बाद उनका एनकाउंटर कर दिया गया। यदि ऐसा हुआ है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि कानून के शासन और न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। हालांकि इस मामले की वास्तविक परिस्थितियाँ न्यायिक जांच और आधिकारिक तथ्यों से ही स्पष्ट हो सकती हैं।

यहीं से सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न जन्म लेता है—क्या कानून व्यक्ति की पहचान देखकर बदल जाता है? क्या आत्मसमर्पण करने वालों के लिए एक समान प्रक्रिया और सुरक्षा नहीं होनी चाहिए? यदि सरकार हिंसा छोड़ने वालों के पुनर्वास की नीति बनाती है, तो उसका लाभ सभी पात्र लोगों को निष्पक्ष रूप से मिलना चाहिए। और यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में होती है, तो उसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होना लोकतंत्र की अनिवार्य शर्त है।

लोकतंत्र की ताकत केवल अपराधियों को सजा देने में नहीं, बल्कि हर नागरिक को समान न्याय देने में है। यदि दो समान परिस्थितियों में दो अलग-अलग परिणाम सामने आते हैं, तो जनता के मन में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। उन संदेहों का उत्तर भावनाओं से नहीं, बल्कि पारदर्शी जांच, न्यायिक प्रक्रिया और जवाबदेही से दिया जाना चाहिए।

आखिरकार, सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है। सवाल उस व्यवस्था का है जिस पर हर नागरिक भरोसा करना चाहता है। कानून का सम्मान तभी बढ़ेगा, जब उसका व्यवहार सबके प्रति समान दिखाई देगा। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।

03/05/2026

अपने जीवन यापन के लिए बिहार से दूर दूसरे राज्य में गए एक बिहारी का बिहार सरकार से सवाल??
आखिर कबतक बिहारी दूसरे राज्यों में बेईज्जत होता रहेगा?
V/C : Din Shashtri

Address

Muzaffarpur

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when JAY BIHAR posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to JAY BIHAR:

Shortcuts

Share